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Bareilly News: ठगी के आरोपी आरके गोला पर शिकंजा, भाई अवधेश दो साल से भूमिगत
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बरेली। निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी आईसीएल म्यूचुअल बेनिफिट्स लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर आरके गोला उर्फ रूप किशोर गोला, उसके भाई निदेशक अवधेश गोला और ट्रेडिंग डायरेक्टर जितेंद्र कुमार गुप्ता की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के आदेश पर बदायूं के रगना उझानी के गांव मिढ़ौली स्थित गोला की कुर्क की गई चार बीघा जमीन अब नीलाम की जाएगी। आरोपियों की बरेली की संपत्ति भी कुर्क करने का आदेश दिया गया है।
करोड़ों की ठगी के आरोपियों की अन्य संपत्तियों को कुर्क करने के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है। बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव रमजानपुर में गोला का आलीशान मकान है। इसके अलावा बरेली, पीलीभीत, रुद्रपुर, रामपुर के बिलासपुर में भी आरोपियों की करोड़ों की संपत्तियां हैं। ठगी के आरोप में आरके गोला और जितेंद्र गुप्ता जेल जा चुके हैं। निवेशकों के रुपये लौटने की शर्त पर उनको जमानत मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद आरोपी रुपये नहीं लौटा रहे हैं। आरके गोला के भाई अवधेश गोला को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वह दो साल से भूमिगत है।
शहर के गणेशनगर निवासी तेजस्व पाल से 6.44 लाख रुपये की ठगी के मामले में आयोग ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। बरेली में अब तक कुर्की की कार्रवाई शुरू न होने पर आयोग ने प्रशासन से जवाब मांगा है। इस बीच गोला ने रामगंगा के पास गांव अखा-ढखा में स्थित अपनी एक भूमि को 1.24 करोड़ में बेच भी दिया है। यहां वह डेयरी चलाता था।
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चोरी-छिपे ठिकाने लगा रहे अचल संपत्तियां
आरके गोला, अवधेश गोला और जितेंद्र गुप्ता कुर्की व नीलामी के डर से अचल संपत्तियों को चोरी-छिपे ठिकाने लगा रहे हैं। दो साल से भूमिगत अवधेश गोला लोगों से चोरी-छिपे सौदा कर रहा है। जेल से बाहर आने के बाद जितेंद्र गुप्ता भी अपनी अचल संपत्तियों को बेचने में लगा है। ऐसे में निवेशक अपनी रकम की वापसी को लेकर सशंकित हैं। आरोपियों की संपत्तियाें की कुर्की और नीलामी में हो रही देरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मौर्य बंधुओं पर भी कसा शिकंजा, कन्हैया गुलाटी अब भी दे रहा चकमा
एक साल से भूमिगत 200 करोड़ से ज्यादा की ठगी के आरोपी अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के निदेशक बारादरी थाना क्षेत्र की राधिका कुंज काॅलोनी कटरा चांद खां निवासी शशिकांत, सूर्यकांत और श्रीकांत मौर्य पर कानून का शिकंजा कस गया है। 17 मई को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उद्घोषणा जारी कर दी है। उनको 30 दिन के अंदर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है। सूर्यकांत और शशिकांत 50-50 हजार रुपये के इनामी भी हैं। दूसरी ओर, प्रदेश भर में सैकड़ों लोगों से ठगी का आरोपी कैनविज कंपनी का निदेशक कन्हैया गुलाटी अब भी पुलिस को चकमा दे रहा है। उस पर 800 करोड़ की ठगी का आरोप है। लगातार ठिकाने बदलने के कारण गुलाटी, उसकी पत्नी, बेटा और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही।
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करोड़ों की ठगी के आरोपियों की अन्य संपत्तियों को कुर्क करने के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है। बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव रमजानपुर में गोला का आलीशान मकान है। इसके अलावा बरेली, पीलीभीत, रुद्रपुर, रामपुर के बिलासपुर में भी आरोपियों की करोड़ों की संपत्तियां हैं। ठगी के आरोप में आरके गोला और जितेंद्र गुप्ता जेल जा चुके हैं। निवेशकों के रुपये लौटने की शर्त पर उनको जमानत मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद आरोपी रुपये नहीं लौटा रहे हैं। आरके गोला के भाई अवधेश गोला को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वह दो साल से भूमिगत है।
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शहर के गणेशनगर निवासी तेजस्व पाल से 6.44 लाख रुपये की ठगी के मामले में आयोग ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। बरेली में अब तक कुर्की की कार्रवाई शुरू न होने पर आयोग ने प्रशासन से जवाब मांगा है। इस बीच गोला ने रामगंगा के पास गांव अखा-ढखा में स्थित अपनी एक भूमि को 1.24 करोड़ में बेच भी दिया है। यहां वह डेयरी चलाता था।
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चोरी-छिपे ठिकाने लगा रहे अचल संपत्तियां
आरके गोला, अवधेश गोला और जितेंद्र गुप्ता कुर्की व नीलामी के डर से अचल संपत्तियों को चोरी-छिपे ठिकाने लगा रहे हैं। दो साल से भूमिगत अवधेश गोला लोगों से चोरी-छिपे सौदा कर रहा है। जेल से बाहर आने के बाद जितेंद्र गुप्ता भी अपनी अचल संपत्तियों को बेचने में लगा है। ऐसे में निवेशक अपनी रकम की वापसी को लेकर सशंकित हैं। आरोपियों की संपत्तियाें की कुर्की और नीलामी में हो रही देरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मौर्य बंधुओं पर भी कसा शिकंजा, कन्हैया गुलाटी अब भी दे रहा चकमा
एक साल से भूमिगत 200 करोड़ से ज्यादा की ठगी के आरोपी अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के निदेशक बारादरी थाना क्षेत्र की राधिका कुंज काॅलोनी कटरा चांद खां निवासी शशिकांत, सूर्यकांत और श्रीकांत मौर्य पर कानून का शिकंजा कस गया है। 17 मई को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उद्घोषणा जारी कर दी है। उनको 30 दिन के अंदर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है। सूर्यकांत और शशिकांत 50-50 हजार रुपये के इनामी भी हैं। दूसरी ओर, प्रदेश भर में सैकड़ों लोगों से ठगी का आरोपी कैनविज कंपनी का निदेशक कन्हैया गुलाटी अब भी पुलिस को चकमा दे रहा है। उस पर 800 करोड़ की ठगी का आरोप है। लगातार ठिकाने बदलने के कारण गुलाटी, उसकी पत्नी, बेटा और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही।