Bareilly News: गैर इरादतन हत्या के तीन दोषियों को 10-10 साल की कैद, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
गांव औंध में 28 मार्च 2013 की रात दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। मारपीट में घायल व्यक्ति की तीन दिन बाद मौत हो गई थी। इस मामले में तीन दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई गई है।
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बरेली के अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने गैर इरादतन हत्या के मामले में सत्य नारायण उर्फ शिशुपाल, रोहित, मुन्ना सिंह को 10-10 साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक अन्य आरोपी की पत्रावली को अलग किया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को दो-दो माह अतिरिक्त कैद में रहना होगा।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव औंध निवासी हुलासीराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 मार्च 2013 की रात नौ बजे गांव के ही सत्य नारायण उर्फ शिशुपाल, रोहित, मुन्ना सिंह और प्रदीप ने उसके घर पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने उसके पिता कोमिल प्रसाद, भाई तेजराम और भाभी मीना कुमारी को लाठी-डंडों से पीटा।
दूसरे पक्ष की ओर से भी हुलासीराम पक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। घटना के तीन दिन बाद हुलासीराम की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले को गैर इरादतन हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 12 गवाह और 18 साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों के बीच आटा चक्की को लेकर विवाद था।
कोर्ट ने सत्य नारायण उर्फ शिशुपाल, रोहित, मुन्ना सिंह को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। चौथे आरोपी प्रदीप की पत्रावली को जनवरी 2025 में अलग कर दिया गया था।
किशोरी को बंगलूरू ले जाकर संबंध बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
आत्महत्या की धमकी देकर किशोरी को घर से बंगलूरू ले जाने और वहां 20 दिन रखकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी को कोर्ट ने जमानत देने से इन्कार कर दिया है। यौन शोषण के कारण किशोरी गर्भवती हो गई थी।
थाना नवाबगंज के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 मार्च को वह अपनी दुकान पर चला गया। उसका बेटा भी घर पर नहीं था। इस दौरान परिचित अर्पित उसकी बेटी को अगवा कर ले गया। बेटी घर से 30 हजार रुपये भी ले गई। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने किशोरी को 19 अप्रैल को सेटेलाइट बस अड्डे के पास से ढूंढ निकाला। उसने अपने बयान में बताया कि अर्पित ने उसे मोबाइल फोन दिया था। दोनों काफी समय से बात करते थे। अर्पित ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह उसके साथ नहीं गई तो वह जहर खाकर जान दे देगा और आरोप उस पर लगेगा।
इसके बाद वह अर्पित के साथ चली गई। वह उसे बंगलूरू ले गया। वहां किराये पर कमरा लिया। अर्पित ने उसके मना करने के बावजूद कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
बंगलूरू से दोनों 19 अप्रैल को बरेली आए। यहां अर्पित कुछ सामान लेने के बहाने चला गया। किशोरी को पुलिस अपने साथ ले गई। मेडिकल जांच में पता चला कि किशोरी गर्भवती है। आरोपी अर्पित ने जमानत के लिए अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।