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तेरह प्रतिशत ब्राह्मण और 26 प्रतिशत एससी सत्ता का सबसे सशक्त फार्मूला
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बैठक को संबोधित करते सतीश चंद्र मिश्रा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में समझाया उत्तर प्रदेश के चुनाव का गणित
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दूसरे समाज के भी वोट मिलाएं तो 50 फीसदी तक पहुंच सकता है यह आंकड़ा
ब्राह्मणों के खिलाफ आतंक फैलाने वालों को प्रदेश से उखाड़ फेंकने का वक्त
बरेली। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में ब्राह्मण समाज को सत्ता की धुरी बताते हुए यूपी के चुनाव में वोटों का गणित समझाया। उन्होंने कहा कि अगर ब्राह्मण एक हो जाएं तो उनके बिना कोई पार्टी सरकार नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि यूपी में करीब तीन करोड़ ब्राह्मण हैं। 13 प्रतिशत ब्राह्मण और 26 प्रतिशत एससी (अनुसूचित जाति) वोटर एक होंगे तो दोनों का आत्मसम्मान सुरक्षित होगा और वही सत्ता में सर्वोपरि होंगे।
पीलीभीत बाईपास पर एक निजी लॉन में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा दो घंटे की देरी से दोपहर करीब एक बजे पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्राह्मणों के खिलाफ आतंक फैलाने वालों और मुंह में राम और बगल में छुरी रखने वाली सरकार को को उखाड़ फेंका जाए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों और एससी वोटरों के साथ दूसरे समाज के वोट मिला दिए जाएं तो संख्या 45 से 50 फीसदी तक पहुंच जाएगी। ऐसे में ब्राह्मण समुदाय 2007 की स्थिति को दोहरा सकता है।
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सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बसपा सरकार बनने पर ब्राह्मणों को पूरा सम्मान मिलेगा। उन्होंने जिक्र किया कि 2007 में बसपा सरकार में 15 एमएलसी के साथ विधान परिषद अध्यक्ष भी ब्राह्मण वर्ग से थे। 35 ब्राह्मणों को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। पांच हजार सरकारी वकील भी इस समुदाय से थे जिनका मानदेय दस गुना तक बढ़ाया गया था। खुद उन्हें राज्यसभा में आज तक नेता बना कर रखा गया है। यह सब साबित करने को काफी है कि ब्राह्मण वर्ग का सम्मान बसपा में ही सुरक्षित है।
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बसपा महासचिव ने कहा कि विकास के काम बसपा से ज्यादा किसी सरकार में नहीं हुए। अयोध्या में सरयू नदी के किनारे और बनारस में गंगा के घाट के साथ इलाहाबाद में सीवरेज सिस्टम बनाया। मथुरा वृंदावन में साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये सीवरेज सिस्टम के अलावा सरकारी मेले और परिक्रमा मार्ग पर खर्च किए गए। ये सभी काम उन्होंने खुद कराए। उन्होंने यूपी की कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक प्रदेश में हर दो घंटे में एक महिला से दुष्कर्म हो रहा है।
सम्मेलन की अध्यक्षता पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष शिवदत्त शर्मा और संचालन ब्रह्मानंद शर्मा ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह, जगदीश प्रसाद बाबू, राजेश सागर, नरेंद्र सागर, लक्ष्मीनारायण सागर, भानु प्रताप सिंह, पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर, जिला महासचिव अजय राजपूत, जिला उपाध्यक्ष तारिक नियाजी, जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद कदीर आदि मौजूद रहे।
कहां गया दस हजार करोड़ का चंदा
बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बरेली आने से पहले वह अयोध्या में हुए प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में गए थे। सम्मेलन से पहले वह रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे तो भाजपा वालों ने उनसे यह पूछ लिया कि वह अयोध्या क्यों आएं हैं। उन्हें ताज्जुब हुआ कि कोई कैसे भगवान का ठेका ले सकता है। क्या अब ब्राह्मणों को पूजा-अर्चना करना सिखाया जाएगा। ब्राह्मणों को तो बचपन से ही यह संस्कार दिया जाता है। बाद में पता चला कि वे उनका विरोध इसलिए कर रहे थे ताकि श्रीराम मंदिर के नाम पर जुटाए जा रहे चंदे का खुलासा न हो। सवाल है कि दस हजार करोड़ रुपये का चंदा कहां है। 1993 से अब तक कितना चंदा हुआ है। पांच अगस्त 2020 को श्रीराम मंदिर का शिलान्यास हुआ था, एक साल बाद भी कोई काम नहीं हुआ है तो यह पैसा कौन सी योजना में जा रहा है। सिर्फ वह नहीं अब लोग पूछने लगे हैं कि राम मंदिर के नाम पर लिया गया चंदा कहां है। अगर भाजपाई धर्म के ठेकेदार हैं तो संस्कृत विद्यालय क्यों बंद हो रहे हैं।
खुशी दुबे की मदद करेगी बसपा
कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे के भतीजे की पत्नी खुशी दुबे का भी बसपा महासचिव ने जिक्र किया। कहा, हम बाराबंकी जेल में बंद खुशी दुबे की हर संभव मदद करेंगे। बहुजन समाज पार्टी विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की नाबालिग पत्नी को जमानत दिलवाने को कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बना चुकी है।
सतीश मिश्रा के बेटे को भी मंच पर जगह
प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में मंच पर बैठा एक युवक लोगों की सवालिया नजरों का केंद्र बना रहा। बाद में पता चला कि यह कपिल मिश्रा थे जो सतीश चंद्र के बेटे हैं। मंच पर सतीश चंद्र मिश्र के ठीक बगल में उनकी कुर्सी लगी थी, दूसरी ओर पूर्व मंत्री नकुल दुबे की कुर्सी थी। हालांकि कपिल मिश्रा ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की।
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दूसरे समाज के भी वोट मिलाएं तो 50 फीसदी तक पहुंच सकता है यह आंकड़ा
ब्राह्मणों के खिलाफ आतंक फैलाने वालों को प्रदेश से उखाड़ फेंकने का वक्त बरेली। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में ब्राह्मण समाज को सत्ता की धुरी बताते हुए यूपी के चुनाव में वोटों का गणित समझाया। उन्होंने कहा कि अगर ब्राह्मण एक हो जाएं तो उनके बिना कोई पार्टी सरकार नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि यूपी में करीब तीन करोड़ ब्राह्मण हैं। 13 प्रतिशत ब्राह्मण और 26 प्रतिशत एससी (अनुसूचित जाति) वोटर एक होंगे तो दोनों का आत्मसम्मान सुरक्षित होगा और वही सत्ता में सर्वोपरि होंगे।
पीलीभीत बाईपास पर एक निजी लॉन में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा दो घंटे की देरी से दोपहर करीब एक बजे पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्राह्मणों के खिलाफ आतंक फैलाने वालों और मुंह में राम और बगल में छुरी रखने वाली सरकार को को उखाड़ फेंका जाए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों और एससी वोटरों के साथ दूसरे समाज के वोट मिला दिए जाएं तो संख्या 45 से 50 फीसदी तक पहुंच जाएगी। ऐसे में ब्राह्मण समुदाय 2007 की स्थिति को दोहरा सकता है।
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सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि बसपा सरकार बनने पर ब्राह्मणों को पूरा सम्मान मिलेगा। उन्होंने जिक्र किया कि 2007 में बसपा सरकार में 15 एमएलसी के साथ विधान परिषद अध्यक्ष भी ब्राह्मण वर्ग से थे। 35 ब्राह्मणों को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। पांच हजार सरकारी वकील भी इस समुदाय से थे जिनका मानदेय दस गुना तक बढ़ाया गया था। खुद उन्हें राज्यसभा में आज तक नेता बना कर रखा गया है। यह सब साबित करने को काफी है कि ब्राह्मण वर्ग का सम्मान बसपा में ही सुरक्षित है।
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बसपा महासचिव ने कहा कि विकास के काम बसपा से ज्यादा किसी सरकार में नहीं हुए। अयोध्या में सरयू नदी के किनारे और बनारस में गंगा के घाट के साथ इलाहाबाद में सीवरेज सिस्टम बनाया। मथुरा वृंदावन में साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये सीवरेज सिस्टम के अलावा सरकारी मेले और परिक्रमा मार्ग पर खर्च किए गए। ये सभी काम उन्होंने खुद कराए। उन्होंने यूपी की कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के मुताबिक प्रदेश में हर दो घंटे में एक महिला से दुष्कर्म हो रहा है।
सम्मेलन की अध्यक्षता पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष शिवदत्त शर्मा और संचालन ब्रह्मानंद शर्मा ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह, जगदीश प्रसाद बाबू, राजेश सागर, नरेंद्र सागर, लक्ष्मीनारायण सागर, भानु प्रताप सिंह, पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर, जिला महासचिव अजय राजपूत, जिला उपाध्यक्ष तारिक नियाजी, जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद कदीर आदि मौजूद रहे।