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ये डील नहीं चलेगी, यहां नहीं बन सकता ट्रंचिंग ग्राउंड
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 18 Sep 2016 01:58 AM IST
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बभिया में नगर निगम का ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के पीछे जमीन खरीद में बहुत मोटा मुनाफा बटोरने की नीयत साफ दिख रही है। जो ये सपना देख रहे हैं वो बभिया और चौबारी के लोगों के साथ ही नहीं रामगंगा नदी केे साथ भी खिलावाड़ करने की हिमाकत कर रहे हैं। राम गंगा के किनारे जो जमीन ट्रंचिंग ग्राउंड (कूड़ाघर) बनाने के लिए खरीदने की तैयारी की जा रही है, उसका बड़ा हिस्सा बाढ़ के दौरान डूब जाता है। जाहिर है बाढ़ में ये प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड भी डूबेगा। यानी रामगंगा में कूड़ा बहेगा। आस-पास के गांवों के प्रधान, पूर्व प्रधान और समाजसेवी नदी किनारे वाली जमीन पर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के विरोध में नेशनल ग्रीन ट्रब्यूनल (एनजीटी) जाने की तैयारी कर रहे हैं। ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव और अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह और पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार ने सीबीगंज, नदौसी समेत चार स्थानों पर जमीन देखी थी। अफसरों को कटरी के नजदीक बभिया के नजदीक रामगंगा नदी के किनारे की जमीन पसंद आई। इसके पीछे की वजह भी बिल्कुल साफ है। बभिया और चौबारी के बीच रामगंगा नदी की तलहटी वाली जमीन के रेट 30 से 40 हजार रुपये प्रति बीघा हैं। नगर निगम यहां 130 बीघा जमीन सर्किल रेट (1.65 लाख रुपये प्रति बीघा) से दो गुनी कीमत 2.30 लाख रुपये बीघा पर खरीदने जा रहा है। बताया जाता है कि लगभग पांच करोड़ की जमीन खरीद में मोटी डील हुई है। किसान 50 हजार से 80 हजार रुपये प्रति बीघा जमीन देने को तैयार हैं। इनके लिए कीमत मांगी जा रही है 2.30 लाख रुपये प्रति बीघा। बीच का पैसा कहां जाएगा, ये सोचने की बात है। लालपुर, जल्लापुर, क्यारा, मंझा, पीपल गौंटिया, झिंगरी, वारनगला, मिर्जापुर, अंगुरी, बुखारा और इटौरिया गांवों के प्रधान, पूर्व प्रधान और किसान कूड़ाघर बनाने का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वह इस जमीन पर पहलेज (ककड़ी, खीरा, तरबूज, खरबूजा) और सब्जी की खेती करते हैं। ट्रंचिंंग ग्राउंड बनने से खेती पर असर पड़ेगा।
एक किसान की है 104 बीघे जमीन
ट्रंचिंग ग्राउंउ के लिए 130 बीघे जमीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें रामगंगा नदी के किनारे 104 बीघा जमीन अकेले सरदार नरेंद्र सिंह की है जो कि सुभाषनगर में रहते हैं। बकौल सरदार नरेंद्र सिंह उन्होंने 28 साल पहले तीन से पांच हजार रुपये प्रति बीघा की दर से खरीदी थी। अब वह ये जमीन बेचना चाहते हैं क्योंकि देवचरा में उनका कालेज है। दो जगह वह अपना काम ठीक से देख नहीं सकते। निजी स्तर पर यहां रेट कम है। इसलिए हमने नगर निगम को सर्किल रेट पर जमीन बेचना ठीक समझा।
पर्यटन स्थल पर भी पड़ेगा असर
रामगंगा पुल के निकट बाढ़ खंड बैराज का निर्माण करा रहा है। भविष्य में यहां पर्यटन स्थल प्रस्तावित है। जिला पंचायत सदस्य राजकुमार यादव, प्रधान गीता देवी, प्रधान रामचंद्र, रीता देवी, बिटोली देवी, राजकुमारी, पूर्व प्रधान जयवीर सिंह आदि का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड बनते ही न केवल रामगंगा में प्रदूषण बढ़ेगा बल्कि पर्यटन स्थल का महत्व भी समाप्त हो जाएगा।
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ये प्रावधान है
अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह का कहना है कि बभिया की जमीन रामगंगा नदी से दूर है। सर्किल रेट से दो गुनी कीमत देना शासन का प्रावधान है। प्रस्ताव बोर्ड से स्वीकृत है। जमीन खरीद का निर्णय एडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी करेगी।
ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं बनने देंगे
सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव का कहना है कि बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए जब जमीन सस्ती मिल रही है तो महंगी दरों पर खरीदने का क्या मतलब है। इसमें नगर निगम के अफसरों ने मोटी डील की है। हम गांव वालों के साथ हैं। जमीन पर ट्रंचिंग ग्राउंड किसी हाल में नहीं बनने देंगे। इस बारे में कमिश्नर को अवगत करा दिया गया है।
हमने ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन देखी नहीं है। नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त ही देखकर आए हैं। कहीं न कहीं तो जमीन खरीदनी ही है। अभी जमीन खरीदी नहीं गई। किसानों को दो गुने रेट देना तो शासन का प्रावधान है। इसमें हम क्या कर सकते हैं।
-डा. आईएस तोमर, मेयर
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एक किसान की है 104 बीघे जमीन
ट्रंचिंग ग्राउंउ के लिए 130 बीघे जमीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें रामगंगा नदी के किनारे 104 बीघा जमीन अकेले सरदार नरेंद्र सिंह की है जो कि सुभाषनगर में रहते हैं। बकौल सरदार नरेंद्र सिंह उन्होंने 28 साल पहले तीन से पांच हजार रुपये प्रति बीघा की दर से खरीदी थी। अब वह ये जमीन बेचना चाहते हैं क्योंकि देवचरा में उनका कालेज है। दो जगह वह अपना काम ठीक से देख नहीं सकते। निजी स्तर पर यहां रेट कम है। इसलिए हमने नगर निगम को सर्किल रेट पर जमीन बेचना ठीक समझा।
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पर्यटन स्थल पर भी पड़ेगा असर
रामगंगा पुल के निकट बाढ़ खंड बैराज का निर्माण करा रहा है। भविष्य में यहां पर्यटन स्थल प्रस्तावित है। जिला पंचायत सदस्य राजकुमार यादव, प्रधान गीता देवी, प्रधान रामचंद्र, रीता देवी, बिटोली देवी, राजकुमारी, पूर्व प्रधान जयवीर सिंह आदि का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड बनते ही न केवल रामगंगा में प्रदूषण बढ़ेगा बल्कि पर्यटन स्थल का महत्व भी समाप्त हो जाएगा।
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ये प्रावधान है
अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह का कहना है कि बभिया की जमीन रामगंगा नदी से दूर है। सर्किल रेट से दो गुनी कीमत देना शासन का प्रावधान है। प्रस्ताव बोर्ड से स्वीकृत है। जमीन खरीद का निर्णय एडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी करेगी।
ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं बनने देंगे
सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव का कहना है कि बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए जब जमीन सस्ती मिल रही है तो महंगी दरों पर खरीदने का क्या मतलब है। इसमें नगर निगम के अफसरों ने मोटी डील की है। हम गांव वालों के साथ हैं। जमीन पर ट्रंचिंग ग्राउंड किसी हाल में नहीं बनने देंगे। इस बारे में कमिश्नर को अवगत करा दिया गया है।
हमने ट्रंचिंग ग्राउंड की जमीन देखी नहीं है। नगर आयुक्त और अपर नगर आयुक्त ही देखकर आए हैं। कहीं न कहीं तो जमीन खरीदनी ही है। अभी जमीन खरीदी नहीं गई। किसानों को दो गुने रेट देना तो शासन का प्रावधान है। इसमें हम क्या कर सकते हैं।
-डा. आईएस तोमर, मेयर