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Bareilly News: जंक्शन के विस्तार, सुंदरीकरण की परियोजना का नए सिरे से होगा सर्वे
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बरेली। जंक्शन के विस्तार और सुंदरीकरण की परियोजना के लिए अब नए सिरे से सर्वे कर ब्लू प्रिंट तैयार किया जाएगा। इससे पहले 2023 में सर्वे हो चुका है, लेकिन नई परियोजना में कुछ बदलाव किए गए हैं। इस बीच एसी मेंटेनेंस शेड और यार्ड रिमॉडलिंग समेत कई अन्य कार्यों के लिए बजट भी जारी किया जा चुका है।
जंक्शन पर ट्रेनों और यात्रियों के आवागमन की संख्या के लिहाज से सुविधाएं कम हैं। यहां अगले 50 साल की जरूरतों के लिहाज से विस्तारीकरण होना है। जंक्शन पर रोजाना 200 से ज्यादा ट्रेनों और 35-40 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन प्लेटफॉर्म की संख्या छह ही है। इसके अलावा 10 जोड़ी ट्रेनों का संचालन बरेली जंक्शन से ही होता है। इस लिहाज से यार्ड भी छोटा है।
यहां प्लेटफाॅर्म की संख्या छह से बढ़ाकर 10 किया जाना प्रस्तावित है। विस्तार, सुंदरीकरण और यात्री सुविधाओं के विकास की परियोजना पर 350 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च होना है। अब एक बार फिर से इसके लिए कवायद शुरू हो गई है।
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इसी वर्ष सरकार ने बजट में जंक्शन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए 48.90, एसी मेंटेनेंस शेड के लिए 4.35 और 26-26 कोच की दो वॉशिंग लाइनों के निर्माण के लिए 9.74 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसके अलावा क्विक वाटरिंग सिस्टम पर भी 2.62 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यह काम इसी साल शुरू होने थे, लेकिन विस्तार, सुंदरीकरण और पुर्ननिर्माण योजना के लिए फिर से सर्वे के कारण यह काम भी रोक दिए गए हैं। संवाद
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दिल्ली-लखनऊ के बीच नहीं है कोई एसी मेंटेनेंस शेड
गर्मियों में ट्रेनों के कोचों के एसी खराब होने संबंधी काफी शिकायतें रहती हैं। जंक्शन पर एसी मरम्मत के छोटे-मोटे कार्य तो होते हैं, लेकिन आधुनिक मेंटेनेंस शेड नहीं है। ऐसे में अगर दिल्ली से चलने के बाद किसी ट्रेन के कोच का एसी खराब होता है तो लखनऊ से पहले उसको ठीक करना संभव नहीं होता। यात्रियों को 500 किमी से ज्यादा यात्रा परेशानी के बीच करनी पड़ती है। यहां काम पूरा होने के बाद दिल्ली-लखनऊ के बीच बरेली जंक्शन पर यह इकलौता एसी मेंटेनेंस शेड होगा।
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नई ट्रेनों के संचालन में वॉशिंग लाइन बन रही रुकावट
जंक्शन से वंदे भारत स्लीपर समेत दक्षिण भारत के लिए ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है, लेकिन इस दिशा में वॉशिंग लाइन रुकावट बन रही है। पर्याप्त वॉशिंग लाइन न होने के कारण नई ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। जिन 10 जोड़ी ट्रेनों का संचालन जंक्शन से होता है उनके लिहाज से भी यहां वॉशिंग लाइन नाकाफी है। 26-26 कोच की दो वॉशिंग लाइन बनने के बाद इस समस्या से निजात मिलेगी।
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जंक्शन का विस्तार और सुंदरीकरण प्रस्तावित है। इसके लिए सर्वे समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। नई वॉशिंग लाइन, एसी मेंटेनेंस शेड समेत यात्री सुविधाओं के काम भी कराए जाने हैं। रेलवे विकास निगम लिमिटेड परियोजना पर काम कर रहा है।- इमरान सैय्यद, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक
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जंक्शन पर ट्रेनों और यात्रियों के आवागमन की संख्या के लिहाज से सुविधाएं कम हैं। यहां अगले 50 साल की जरूरतों के लिहाज से विस्तारीकरण होना है। जंक्शन पर रोजाना 200 से ज्यादा ट्रेनों और 35-40 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, लेकिन प्लेटफॉर्म की संख्या छह ही है। इसके अलावा 10 जोड़ी ट्रेनों का संचालन बरेली जंक्शन से ही होता है। इस लिहाज से यार्ड भी छोटा है।
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यहां प्लेटफाॅर्म की संख्या छह से बढ़ाकर 10 किया जाना प्रस्तावित है। विस्तार, सुंदरीकरण और यात्री सुविधाओं के विकास की परियोजना पर 350 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च होना है। अब एक बार फिर से इसके लिए कवायद शुरू हो गई है।
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इसी वर्ष सरकार ने बजट में जंक्शन पर यार्ड रीमॉडलिंग के लिए 48.90, एसी मेंटेनेंस शेड के लिए 4.35 और 26-26 कोच की दो वॉशिंग लाइनों के निर्माण के लिए 9.74 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इसके अलावा क्विक वाटरिंग सिस्टम पर भी 2.62 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यह काम इसी साल शुरू होने थे, लेकिन विस्तार, सुंदरीकरण और पुर्ननिर्माण योजना के लिए फिर से सर्वे के कारण यह काम भी रोक दिए गए हैं। संवाद
दिल्ली-लखनऊ के बीच नहीं है कोई एसी मेंटेनेंस शेड
गर्मियों में ट्रेनों के कोचों के एसी खराब होने संबंधी काफी शिकायतें रहती हैं। जंक्शन पर एसी मरम्मत के छोटे-मोटे कार्य तो होते हैं, लेकिन आधुनिक मेंटेनेंस शेड नहीं है। ऐसे में अगर दिल्ली से चलने के बाद किसी ट्रेन के कोच का एसी खराब होता है तो लखनऊ से पहले उसको ठीक करना संभव नहीं होता। यात्रियों को 500 किमी से ज्यादा यात्रा परेशानी के बीच करनी पड़ती है। यहां काम पूरा होने के बाद दिल्ली-लखनऊ के बीच बरेली जंक्शन पर यह इकलौता एसी मेंटेनेंस शेड होगा।
नई ट्रेनों के संचालन में वॉशिंग लाइन बन रही रुकावट
जंक्शन से वंदे भारत स्लीपर समेत दक्षिण भारत के लिए ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है, लेकिन इस दिशा में वॉशिंग लाइन रुकावट बन रही है। पर्याप्त वॉशिंग लाइन न होने के कारण नई ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। जिन 10 जोड़ी ट्रेनों का संचालन जंक्शन से होता है उनके लिहाज से भी यहां वॉशिंग लाइन नाकाफी है। 26-26 कोच की दो वॉशिंग लाइन बनने के बाद इस समस्या से निजात मिलेगी।
जंक्शन का विस्तार और सुंदरीकरण प्रस्तावित है। इसके लिए सर्वे समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। नई वॉशिंग लाइन, एसी मेंटेनेंस शेड समेत यात्री सुविधाओं के काम भी कराए जाने हैं। रेलवे विकास निगम लिमिटेड परियोजना पर काम कर रहा है।- इमरान सैय्यद, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक