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Bareilly News: दूसरे युवक से संबंध होने का था शक , शब्बो पर किए एक दर्जन प्रहार
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया आधे से ज्यादा गला काटना और उससे निकला बेहिसाब खून रहा मौत की वजह
बरेली। आलम कुरैशी ने अपनी प्रेमिका फरजाना उर्फ शब्बो की निर्ममता से हत्या की थी। शब्बो की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसका सच सामने आ गया। दोनों ही पक्षों के लोग और पुलिस मौजूद रही। पुलिस के अनुसार आलम को शक था कि शब्बो का किसी और के साथ प्रेम संबंध हो गए है। इसलिए आलम ने बकरा काटने की छुरी से शब्बो पर करीब एक दर्जन प्रहार किए। हथेली, बांह, पीठ, पेट, जांघ से लेकर कान तक पर गहरे जख्म थे। इनमें मौत की वजह आधे से ज्यादा गला काटना और उससे निकला बेहिसाब खून रहा।
आलम की मां से लेकर पड़ोसियों व पुलिस से बात में पता लगा कि अपराधी छवि का आलम शब्बो से बेपनाह मोहब्बत करता था। वह आठ साल से उसके संपर्क में था और चाहता था कि शब्बो का निकाह केवल उसी के साथ हो। कुछ महीनों से शब्बो के घरवालों का शादी को लेकर विचार बदल गया था। उन्होंने आलम की हरकतों की वजह से शब्बो का रिश्ता दूसरी जगह करने की ठान ली थी। शब्बो भी काफी हद तक समझ चुकी थी कि आलम के साथ उसका जीवन सुखद तरीके से कटना मुश्किल है। इसलिए उसने भी आलम से दूरी बना ली। आलम को शक होने लगा था कि या तो शब्बो दूसरे युवकों के संपर्क में है या फिर किसी दिन उसके घरवाले उसका जल्दबाजी में कहीं निकाह कर देंगे। आलम ने सोच लिया था कि शब्बो जब उसकी नहीं हो सकी तो उसे किसी और की भी नहीं होने देगा। बेरहमी से उसे मारने की मूल वजह यही बताई जा रही है।
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आलम के शव की भी दुर्गति
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आलम की मौत की वजह ट्रेन से कटना ही आई है। उसके शव की हालत भी बेहद खराब थी। शरीर के कई अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। दो दिन पुराने दोनों शवों से भीषण दुर्गंध आ रही थी। इसलिए स्टाफ ने मास्क लगाकर पोस्टमार्टम किया। आलम के शव का आजमनगर के कब्रिस्तान में तो शब्बो के शव का शाही के कब्रिस्तान में रात के समय सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शब्बो के परिजन कुछ बोलने से बचते रहे। शाही में उनके पड़ोसियों से बात की गई तो उनका कहना था कि परिवार उन लोगों से सीमित संबंध रखता था।
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होटल प्रबंधन पर हो सकती है कार्रवाई
- बिना रजिस्टर में ब्योरा दर्ज किए और बिना युवती की आईडी लिए उसे होटल में रखने के आरोप में होटल प्रीत पैलेस प्रबंधन कटघरे में है। दिनदहाड़े इतनी निर्ममता से हत्या के बाद भी स्टाफ को 18 घंटे तक भनक न लगने से आरोप और भी पुष्ट हो रहे हैं। इस मामले में प्रबंधन जहां स्टाफ की लापरवाही बताकर पल्ला झाड़ रहा है वहीं स्टाफ की खामोशी बता रही है कि दाल में कुछ काला जरूर है। दरअसल रोडवेज स्टैंड के पास के कुछ होटल प्रेमी युगल को नियम विरुद्ध कमरा उपलब्ध कराने और घंटों के हिसाब से मोटी फीस लेने के लिए चर्चित हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारी इस घटना के बाद होटलों पर कार्रवाई के मूड में हैं। इसके लिए रणनीति बनाई जा रही है। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता करके इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
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हत्या में बदलकर होकर खत्म होगा केस
- घटना का पटाक्षेप होने के बाद मामले में कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए लंबी लिखापढ़ी की जाएगी। शब्बो की मां ने बेटी के अपहरण की रिपोर्ट शाही थाने में दर्ज करवा दी थी इसलिए मुख्य कार्रवाई वहीं से की जा रही है। आलम के शव बरामदगी की कार्रवाई जीआरपी और शब्बो के शव बरामदगी की लिखापढ़ी व पोस्टमॉर्टम कोतवाली पुलिस ने कराया है। चूंकि आरोपी की भी मौत हो चुकी है तो केस को खत्म किया जाना है। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि अपहरण का मामला पहले हत्या में बदला जाएगा। आरोपी के तौर पर आलम और पीड़ित पक्ष मृतका के तौर पर शब्बो की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट केस में जोड़कर शाही थाना पुलिस मामले को खत्म करने की दिशा में काम करेगी। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। आलम कुरैशी ने अपनी प्रेमिका फरजाना उर्फ शब्बो की निर्ममता से हत्या की थी। शब्बो की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसका सच सामने आ गया। दोनों ही पक्षों के लोग और पुलिस मौजूद रही। पुलिस के अनुसार आलम को शक था कि शब्बो का किसी और के साथ प्रेम संबंध हो गए है। इसलिए आलम ने बकरा काटने की छुरी से शब्बो पर करीब एक दर्जन प्रहार किए। हथेली, बांह, पीठ, पेट, जांघ से लेकर कान तक पर गहरे जख्म थे। इनमें मौत की वजह आधे से ज्यादा गला काटना और उससे निकला बेहिसाब खून रहा।
आलम की मां से लेकर पड़ोसियों व पुलिस से बात में पता लगा कि अपराधी छवि का आलम शब्बो से बेपनाह मोहब्बत करता था। वह आठ साल से उसके संपर्क में था और चाहता था कि शब्बो का निकाह केवल उसी के साथ हो। कुछ महीनों से शब्बो के घरवालों का शादी को लेकर विचार बदल गया था। उन्होंने आलम की हरकतों की वजह से शब्बो का रिश्ता दूसरी जगह करने की ठान ली थी। शब्बो भी काफी हद तक समझ चुकी थी कि आलम के साथ उसका जीवन सुखद तरीके से कटना मुश्किल है। इसलिए उसने भी आलम से दूरी बना ली। आलम को शक होने लगा था कि या तो शब्बो दूसरे युवकों के संपर्क में है या फिर किसी दिन उसके घरवाले उसका जल्दबाजी में कहीं निकाह कर देंगे। आलम ने सोच लिया था कि शब्बो जब उसकी नहीं हो सकी तो उसे किसी और की भी नहीं होने देगा। बेरहमी से उसे मारने की मूल वजह यही बताई जा रही है।
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आलम के शव की भी दुर्गति
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आलम की मौत की वजह ट्रेन से कटना ही आई है। उसके शव की हालत भी बेहद खराब थी। शरीर के कई अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। दो दिन पुराने दोनों शवों से भीषण दुर्गंध आ रही थी। इसलिए स्टाफ ने मास्क लगाकर पोस्टमार्टम किया। आलम के शव का आजमनगर के कब्रिस्तान में तो शब्बो के शव का शाही के कब्रिस्तान में रात के समय सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शब्बो के परिजन कुछ बोलने से बचते रहे। शाही में उनके पड़ोसियों से बात की गई तो उनका कहना था कि परिवार उन लोगों से सीमित संबंध रखता था।
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होटल प्रबंधन पर हो सकती है कार्रवाई
- बिना रजिस्टर में ब्योरा दर्ज किए और बिना युवती की आईडी लिए उसे होटल में रखने के आरोप में होटल प्रीत पैलेस प्रबंधन कटघरे में है। दिनदहाड़े इतनी निर्ममता से हत्या के बाद भी स्टाफ को 18 घंटे तक भनक न लगने से आरोप और भी पुष्ट हो रहे हैं। इस मामले में प्रबंधन जहां स्टाफ की लापरवाही बताकर पल्ला झाड़ रहा है वहीं स्टाफ की खामोशी बता रही है कि दाल में कुछ काला जरूर है। दरअसल रोडवेज स्टैंड के पास के कुछ होटल प्रेमी युगल को नियम विरुद्ध कमरा उपलब्ध कराने और घंटों के हिसाब से मोटी फीस लेने के लिए चर्चित हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारी इस घटना के बाद होटलों पर कार्रवाई के मूड में हैं। इसके लिए रणनीति बनाई जा रही है। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता करके इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
हत्या में बदलकर होकर खत्म होगा केस
- घटना का पटाक्षेप होने के बाद मामले में कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए लंबी लिखापढ़ी की जाएगी। शब्बो की मां ने बेटी के अपहरण की रिपोर्ट शाही थाने में दर्ज करवा दी थी इसलिए मुख्य कार्रवाई वहीं से की जा रही है। आलम के शव बरामदगी की कार्रवाई जीआरपी और शब्बो के शव बरामदगी की लिखापढ़ी व पोस्टमॉर्टम कोतवाली पुलिस ने कराया है। चूंकि आरोपी की भी मौत हो चुकी है तो केस को खत्म किया जाना है। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि अपहरण का मामला पहले हत्या में बदला जाएगा। आरोपी के तौर पर आलम और पीड़ित पक्ष मृतका के तौर पर शब्बो की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट केस में जोड़कर शाही थाना पुलिस मामले को खत्म करने की दिशा में काम करेगी। अमर उजाला ब्यूरो