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Bareilly News: औद्योगिक क्षेत्र में घंटों गुल रही बिजली, लाखों का डीजल खर्च
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बरेली। अघोषित बिजली कटौती से आम लोगों के साथ उद्यमी भी परेशान हैं। रविवार की भोर में बारिश शुरू होते ही परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में गुल हुई बिजली दोपहर बाद बहाल हुई। तब तक जनरेटर के भरोसे मशीनें चलीं। इसके चलते लाखों रुपये का डीजल खर्च हो गया।
उद्यमियों के मुताबिक सुबह करीब पांच बजे लाइट कट गई थी। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की गई पर कॉल रिसीव नहीं की गई। सुबह आठ बजे फोन उठा लेकिन संतोषजनक जबाव नहीं मिला। करीब नौ बजे किला से लाइनमैन भेजा गया। जिसे फाल्ट ढूंढने और उसे ठीक करने में कई घंटे लग गए।
तब तक जनरेटर के भरोसे उद्योगों में उत्पादन का कार्य जारी रहा। चैंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रतिवर्ष करोड़ों का राजस्व देने वाले उद्यमियों की समस्या का समाधान के बजाय जिम्मेदार अनदेखी कर रहे हैं।
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परसाखेड़ा उपकेंद्र से सीबीगंज जुड़ा हुआ है। अक्सर यहां बिजली गुल हो जाती है। इस वजह से यहां संचालित करीब 300 उद्योग प्रभावित होते हैं। प्रति घंटे न्यूनतम 20 हजार रुपये का डीजल लग जाता है। वहीं, दस घंटे में लाखों रुपये का ईंधन लगता है। ब्यूरो
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उद्यमियों के मुताबिक सुबह करीब पांच बजे लाइट कट गई थी। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की गई पर कॉल रिसीव नहीं की गई। सुबह आठ बजे फोन उठा लेकिन संतोषजनक जबाव नहीं मिला। करीब नौ बजे किला से लाइनमैन भेजा गया। जिसे फाल्ट ढूंढने और उसे ठीक करने में कई घंटे लग गए।
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तब तक जनरेटर के भरोसे उद्योगों में उत्पादन का कार्य जारी रहा। चैंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रतिवर्ष करोड़ों का राजस्व देने वाले उद्यमियों की समस्या का समाधान के बजाय जिम्मेदार अनदेखी कर रहे हैं।
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परसाखेड़ा उपकेंद्र से सीबीगंज जुड़ा हुआ है। अक्सर यहां बिजली गुल हो जाती है। इस वजह से यहां संचालित करीब 300 उद्योग प्रभावित होते हैं। प्रति घंटे न्यूनतम 20 हजार रुपये का डीजल लग जाता है। वहीं, दस घंटे में लाखों रुपये का ईंधन लगता है। ब्यूरो