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Bareilly News: पीलीभीत हाईवे पर लाइन शिफ्टिंग में गड़बड़झाला
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बरेली। पीलीभीत हाईवे के चौड़ीकरण के लिए 27 किमी बिजली लाइन की शिफ्टिंग का ठेका पांच करोड़ रुपये में मैनपुरी की फर्म आरसीएल को दिया गया। आरोप है कि फर्म ने अफसरों से सांठगांठ कर ली। कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का प्री एवं पोस्ट इंस्पेक्शन कराए बिना ही 80 फीसदी काम पूरा करा दिया। जबकि, एनएचएआई ने सुपरविजन चार्ज के तौर पर लागत का 2.5 फीसदी अंश यानी 17.31 लाख रुपये विद्युत निगम को दिया था। गड़बड़झाले की आशंका में जांच कमेटी गठित की गई है। सात दिनों में जांच रिपोर्ट तलब की गई है।
27 किमी लाइन का आधा किलोमीटर हिस्सा विद्युत वितरण क्षेत्र नगरीय और शेष ग्रामीण खंड प्रथम के रिठौरा व नवाबगंज में आता है। काम के दौरान फर्म पर गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखने का भी आरोप लगा है। सामने आया है कि काम शुरू कराने के बाद फर्म ने जहां लोहे के पोल लगने थे, वहां भी सीमेंट के पोल का इस्तेमाल किया है। अब इस मामले में ठेकेदार सहित कई अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने अधिशासी अभियंता आंवला विश्वास कुमार और अधिशासी अभियंता बरेली धर्मराज सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। संवाद
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मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी। - ब्रह्मपाल सिंह, मुख्य अभियंता
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27 किमी लाइन का आधा किलोमीटर हिस्सा विद्युत वितरण क्षेत्र नगरीय और शेष ग्रामीण खंड प्रथम के रिठौरा व नवाबगंज में आता है। काम के दौरान फर्म पर गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखने का भी आरोप लगा है। सामने आया है कि काम शुरू कराने के बाद फर्म ने जहां लोहे के पोल लगने थे, वहां भी सीमेंट के पोल का इस्तेमाल किया है। अब इस मामले में ठेकेदार सहित कई अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने अधिशासी अभियंता आंवला विश्वास कुमार और अधिशासी अभियंता बरेली धर्मराज सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। संवाद
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मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी। - ब्रह्मपाल सिंह, मुख्य अभियंता