फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   There is a problem in virtual verification... officers are in tension, dead bodies are taking pension.

Bareilly News: वर्चुअल सत्यापन में झोल... अफसरों को टेंशन, मुर्दे ले रहे पेंशन

Sun, 23 Feb 2025 01:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2025 01:32 AM IST
विज्ञापन
There is a problem in virtual verification... officers are in tension, dead bodies are taking pension.
बरेली। पेंशनरों को जीवन प्रमाण के लिए अब काेषागार के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, पर ऑनलाइन व्यवस्था ने अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। जीवन प्रमाण पोर्टल और एप पर कई तकनीकी अड़चनें सामने आ रहीं हैं। पेंशनरों के फोटो और हस्ताक्षर के मिलान की व्यवस्था नहीं है। लिहाजा, फर्जीवाड़ा की आशंका से इन्कार नहीं कर सकते।
विज्ञापन

पोर्टल पर पेंशनर को जरूरी जानकारियां दर्ज करने के बाद रेटिना स्कैन करना होता है। एप आधार कार्ड बनवाने के दौरान अपलोड हुए रेटिना से इसका मिलान करता है। अगर पूर्व में किसी व्यक्ति ने पेंशनर पिता के आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर अपनी तस्वीर, आंखों की छवि दर्ज कराई होगी तो उसे पकड़ पाना मुमकिन नहीं। हस्ताक्षर का कॉलम न होने से भी सत्यापन में अड़चन आ रही है। हाल ही में पिता की मौत के 16 साल बाद तक पेंशन निकालने के मामले में पकड़े गए बेटे ने पिता के आधार कार्ड में ये खेल किए थे।
विज्ञापन

वर्ष 2009-10 में आधार कार्ड बनने लगे थे। इससे पूर्व किसी पेंशनर की मौत हुई हो और पिता के आधार कार्ड पर अगर आश्रित ने इस तरह का फर्जीवाड़ा किया होगा तो सत्यापन में उसे पकड़ पाना मुमकिन नहीं। बहरहाल, प्रत्यक्ष केस के आधार पर उच्चाधिकारियों को पोर्टल के इस झोल की जानकारी दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अविवाहित और दूसरी शादी का भी कॉलम नहीं
पारिवारिक पेंशन में पोर्टल पर अविवाहित परिजन और पेंशनर की दूसरी शादी हुई या नहीं, ये जानकारी दर्ज करने का कॉलम नहीं। लिहाजा, जिन पेंशनर ने दूसरी शादी कर ली या जो अविवाहित रहे, इसका सत्यापन करना कठिन है। वहीं, उनके बेटे-बेटी जो पेंशन लेंगे, वे अविवाहित हैं या नहीं, इसकी पुष्टि भी मुश्किल है। पटल प्रभारी के मुताबिक पोर्टल पर विकल्प न होने से लोग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

सटीक जानकारी न मिलने से हो रही नोकझोंक
सेवानिवृत्ति के बाद कई पेंशनर बच्चों के साथ दूसरे जिले या राज्य में निवास करते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया से खाता ट्रांसफर करा लेते हैं। इसकी सूचना कोषागार को नहीं देते। इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड (आईएफएससी) अपडेट न होने से उनका भुगतान निरस्त हो जाता है। ये मेसेज पोर्टल से पेंशनर्स को न मिलने पर वे परेशान होते हैं। फिर कोषागार को कॉल कर आरोप लगाकर काफी बहस करते हैं।

स्पेलिंग मिसमैच से भी अटक रहा भुगतान
पोर्टल पर नाम, पता आदि जानकारी दर्ज करने में आई की जगह डबल ई या यू के स्थान पर डबल ओ, कैपिटल और स्मॉल लेटर लिखने पर भी पोर्टल सत्यापन नहीं करता। भुगतान निरस्त होने से नोकझोंक की नौबत आती है। अधिकारियों ने पेंशनर और आश्रितों से पेंशन बुक के अनुसार पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के लिए कहा है। फिर भी दिक्कत है तो koshvani.up.nic पर पेंशन की जानकारी ले सकते हैं। ब्यूरो

--
जीवन प्रमाण पोर्टल, एप पर सत्यापन संबंधी कई जानकारी दर्ज करने का विकल्प नहीं है। लोगों से अपील है कि वे सही जानकारी दर्ज करें। पेंशनर की मौत की सूचना समय से दें। अगर फर्जीवाड़ा मिलेगा तो विधिक कार्रवाई की जाएगी। - शैलेश कुमार, मुख्य कोषाधिकारी
-------
कार्रवाई का डर... पड़ा दिल का दौरा, डिस्चार्ज

पेंशन फर्जीवाड़ा प्रकरण : ब्याज समेत पेंशन की रकम लौटाने के लिए जारी हो चुका है रिकवरी नोटिस

बरेली। पिता की मौत के 16 साल बाद तक पेंशन लेने के मामले में दोषी बेटे को अब अचल संपत्ति बेचकर रकम लौटानी है। अब आरसी जारी होने के बाद परिजनों ने उसे दिल का दौरा पड़ने की सूचना दी है। हालांकि, अफसरों ने रुपये नहीं लौटाने पर परिजनों से वसूली की चेतावनी दी है।
मुख्य कोषाधिकारी शैलेश कुमार के मुताबिक, बदायूं के एक इंटर कॉलेज से प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्त सोलन लाल शर्मा की मौत वर्ष 2008 में हो गई थी, पर बेटा उमेश कूटरचित दस्तावेजों के जरिये आधार कार्ड पर पिता की जगह खुद की फोटो और अन्य जानकारियां दर्ज कराकर 16 वर्ष तक पेंशन निकालता रहा। इसमें कोषागार समेत बैंक शाखा के स्टाफ की भूमिका संदिग्ध है। बीते दिनों वसूली के लिए आरसी जारी हुई तो बेटे ने दो बार में 5.27 लाख रुपये लौटाए। अभी 69.39 लाख रुपये लौटाने बाकी हैं। उसे अचल संपत्ति बिक्री कर रुपये देने के लिए मोहलत दी गई है। दो दिन पूर्व उमेश के एक परिजन ने कॉल कर उसे दिल का दौरा पड़ने की सूचना दी। शनिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर उसे घर भेज दिया गया।

पेंशन लौटाने के लिए कार्यालय में कर रहे संपर्क
मुख्य कोषाधिकारी के मुताबिक, पेंशन फर्जीवाड़ा और कार्रवाई सुर्खियों में आने के बाद अब ऐसे दूसरे लोग भी कार्यालय में संपर्क कर रहे हैं। भूल स्वीकारते हुए वे रुपये लौटाने की जानकारी मांग रहे हैं। अब तक आठ लोगों ने कार्यालय में संपर्क किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed