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Bareilly News: कक्षाएं कई, कहीं एक शिक्षक तो कहीं वह भी नहीं
Tue, 13 Oct 2026 02:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 13 Oct 2026 02:25 AM IST
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बरेली। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों का अकाल है। हालत यह है कि जिले के 98 स्कूलों में एक-एक शिक्षकों की ही तैनाती है, जबकि इन स्कूलों में 4,628 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से आठ विद्यालयों ऐसे हैं, जहां 100 या उससे अधिक बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन एक ही शिक्षक की तैनाती है। कई स्कूल सेवानिवृत्त शिक्षक तो कुछ शिक्षामित्रों के सहारे संचालित हो रहे हैं। ऐसे में अगर शिक्षक अवकाश पर हों तो पढ़ाई ठप हो जाती है। सोमवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल कर हकीकत जानी।
एक शिक्षक-एक कमरा और पांच कक्षाएं
दोपहर 12:38 बजे
प्राथमिक विद्यालय काजी टोला में वर्ष 2017 से लगातार शिक्षिका सुनीता आर्य अकेले ही विद्यालय की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। इस विद्यालय में 57 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। शिक्षकों की कमी के कारण एक ही कमरे में पांच कक्षाओं के बच्चे साथ बैठकर पढ़ते हैं। सोमवार को भी यही स्थिति रही। इससे न पढ़ाई की गुणवत्ता बनी रहती है, न ही विद्यार्थी ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
बीईओ कार्यालय के बगल में बदहाली
दोपहर 01:09 बजे
कंपोजिट विद्यालय कोहाड़ापीर में चिराग तले अंधेरे का नजारा दिखा। नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कार्यालय इसी स्कूल परिसर में स्थित है। इसके बावजूद विद्यालय में बदहाली है। यहां कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को शिक्षक ताहिर अकबर पिछले एक साल से अकेले संभाल रहे हैं। इस विद्यालय में 120 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, लेकिन सोमवार को मात्र 54 छात्र ही उपस्थित मिले।
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सेवानिवृत्ति के बाद भी पढ़ा रहे शिक्षक
दोपहर 01:55 बजे
प्राथमिक विद्यालय सिठौरा में चार कक्षाएं संचालित होती पाई गईं, लेकिन वहां विभाग का एक भी नियमित शिक्षक मौजूद नहीं था। यह स्कूल दो साल से एकल शिक्षक के भरोसे था। यहां तैनात शिक्षक मोहम्मद अहमद 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हालांकि, बच्चों के भविष्य की चिंता में वह और बदायूं से 2014 में सेवानिवृत्त हुए शिक्षक नरेश चंद्र पाठक रोजाना अपनी इच्छा से यहां बच्चों को पढ़ाने आते हैं। वर्तमान में स्कूल की जिम्मेदारी शिक्षामित्र सुनीता देवी और सुनीता सिंह पर है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले नौनिहाल
दोपहर 02:11 बजे
प्राथमिक विद्यालय सनहैया में वर्ष 2020 से एक शिक्षामित्र माया देवी के सहारे संचालित है। सोमवार को वह अवकाश पर थीं। उनकी अनुपस्थिति में विद्यालय में बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संभाल रहा था।
ये है नियम
सरकारी नियमों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालयों में 30 बच्चों पर एक और जूनियर स्तर पर 35 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती का प्रावधान है।
वर्जन
नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पिछले कुछ समय से चल रही है। विभाग की ओर से कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है। इस बीच कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस कारण शिक्षकों की संख्या घट गई है। विभाग की ओर से नई नियुक्तियां जल्द ही शुरू होंगी। - डाॅ. विनीता, बीएसए
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एक शिक्षक-एक कमरा और पांच कक्षाएं
दोपहर 12:38 बजे
प्राथमिक विद्यालय काजी टोला में वर्ष 2017 से लगातार शिक्षिका सुनीता आर्य अकेले ही विद्यालय की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। इस विद्यालय में 57 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। शिक्षकों की कमी के कारण एक ही कमरे में पांच कक्षाओं के बच्चे साथ बैठकर पढ़ते हैं। सोमवार को भी यही स्थिति रही। इससे न पढ़ाई की गुणवत्ता बनी रहती है, न ही विद्यार्थी ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
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बीईओ कार्यालय के बगल में बदहाली
दोपहर 01:09 बजे
कंपोजिट विद्यालय कोहाड़ापीर में चिराग तले अंधेरे का नजारा दिखा। नगर क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कार्यालय इसी स्कूल परिसर में स्थित है। इसके बावजूद विद्यालय में बदहाली है। यहां कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को शिक्षक ताहिर अकबर पिछले एक साल से अकेले संभाल रहे हैं। इस विद्यालय में 120 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, लेकिन सोमवार को मात्र 54 छात्र ही उपस्थित मिले।
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सेवानिवृत्ति के बाद भी पढ़ा रहे शिक्षक
दोपहर 01:55 बजे
प्राथमिक विद्यालय सिठौरा में चार कक्षाएं संचालित होती पाई गईं, लेकिन वहां विभाग का एक भी नियमित शिक्षक मौजूद नहीं था। यह स्कूल दो साल से एकल शिक्षक के भरोसे था। यहां तैनात शिक्षक मोहम्मद अहमद 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। हालांकि, बच्चों के भविष्य की चिंता में वह और बदायूं से 2014 में सेवानिवृत्त हुए शिक्षक नरेश चंद्र पाठक रोजाना अपनी इच्छा से यहां बच्चों को पढ़ाने आते हैं। वर्तमान में स्कूल की जिम्मेदारी शिक्षामित्र सुनीता देवी और सुनीता सिंह पर है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले नौनिहाल
दोपहर 02:11 बजे
प्राथमिक विद्यालय सनहैया में वर्ष 2020 से एक शिक्षामित्र माया देवी के सहारे संचालित है। सोमवार को वह अवकाश पर थीं। उनकी अनुपस्थिति में विद्यालय में बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संभाल रहा था।
ये है नियम
सरकारी नियमों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालयों में 30 बच्चों पर एक और जूनियर स्तर पर 35 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती का प्रावधान है।
वर्जन
नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पिछले कुछ समय से चल रही है। विभाग की ओर से कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है। इस बीच कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस कारण शिक्षकों की संख्या घट गई है। विभाग की ओर से नई नियुक्तियां जल्द ही शुरू होंगी। - डाॅ. विनीता, बीएसए