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Bareilly News: बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, तैयारियां अब भी आधी-अधूरी
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नवाबगंज फोटो 3 देवहा नदी पर बने पुल का निरीक्षण करते एसडीएम और तहसीलदार
कंट्रोल रूम स्थापित नहीं हुए कहीं बाढ़ चौकियों पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं हुई
फरीदपुर/मीरगंज। बारिश से गांवों के किनारे नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन की तमाम दावों के बाद तैयारियां अभी भी आधी-अधूरी है। कंट्रोल रूम स्थापित नहीं तो कहीं बाढ़ चौकियों पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। हालांकि अभी भी नदियों में जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।
फरीदपुर में रामगंगा व बहगुल नदी में जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के करीब 55 गांव प्रभावित हैं। प्रशासन बाढ़ से बचाव के लिए तरह-तरह के दावे कर रहा है, लेकिन अभी तक बाढ़ चौकियों में चिकित्सकों की तैनाती हुई और न ही मेडिकल हेल्प डेस्क बनाया गया है। तहसील में बाढ़ से बचाव के लिए कंट्रोल रूम भी तैयार नहीं है।
कादरगंज, बाकरगंज, सैदपुर, नगरिया कला समेत 55 प्रभावित गांवों में से 27 गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी की आगोश में आ जाते हैं। इन गांवों के लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाता है। उनके लिए आने-जाने के सारे मार्ग बंद हो जाते हैं। इस तरह 14 गांव मध्यम और शेष 14 गांव बाढ़ से कम प्रभावित होते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को स्वयं को सुरक्षित स्थान पर रहने व अपने पालतू जानवरों को बाढ़ से बचाने की बड़ी चुनौती होती है। संवाद
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प्रशासन ने बनाई रणनीति
एसडीएम फरीदपुर मल्लिका नैन ने बताया कि उन्होंने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। आठ गांवों में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। उन चौकियों पर सीएचसी के डॉक्टरों की टीम भी तैनात की जाएगी। मेडिकल हेल्प डेस्क भी खुलवाई जाएगी। वहीं, तहसील में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। ग्राम प्रधानों को गांव में मुनादी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए पंचायत भवनों को भी इस्तेमाल में लिया जाएगा।
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कई गांवों में नदियां उफान पर, प्रशासन चौकस
मीरगंज। लगातार बारिश से क्षेत्र में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, लेकिन बाढ़ से निपटने के लिए तहसील प्रशासन तैयार है, लेकिन अभी तक राजस्व कर्मियों की ड्यूटी नहीं लगाई है।
मीरगंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा, भाखड़ा, पीलाखार, बहगुल, कुल्ली आदि नदियां हैं, जिससे क्षेत्र में बाढ़ आने का खतरा बना रहता है। बाढ़ की स्थिति से लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से पूरे क्षेत्र में 14 चौकियां बनाई गई हैं, जहां सभी राजस्व कर्मियों की आवश्यकता के अनुसार ड्यूटी लगाई जाएगी। तहसील परिसर में एक कंट्रोल रूम खोला गया है, जिस पर 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी।
तहसीलदार मीरगंज आशीष कुमार सिंह ने बताया कि अभी नदियों में पानी बहुत कम है, लेकिन बढ़ रहा है। प्रशासन नजर रख रहा है। जब भी बाढ़ की स्थिति बनती है तो लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन अलर्ट है। संवाद
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अमीर नगर का लिया जायजा, पिचिंग के दिए निर्देश
क्योलड़िया। भदपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमीर नगर में देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले साल आई बाढ़ से यहां पर बने पुल के पास लगी पिचिंग कट गई थी, जिससे पुल टूटने का खतरा बन गया था। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राॅली से मिट्टी डालकर रोड को बचाया था। इसी को देखते हुए सोमवार को एसडीएम उदित पवार, तहसीलदार दुष्यंत कुमार अमीर नगर गांव पहुंचे और उन्होंने पुल का निरीक्षण किया। साथ ही जल्द ही नदी की पिचिंग बनाने का आश्वासन दिया है। संवाद
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फरीदपुर/मीरगंज। बारिश से गांवों के किनारे नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, लेकिन प्रशासन की तमाम दावों के बाद तैयारियां अभी भी आधी-अधूरी है। कंट्रोल रूम स्थापित नहीं तो कहीं बाढ़ चौकियों पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। हालांकि अभी भी नदियों में जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है।
फरीदपुर में रामगंगा व बहगुल नदी में जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के करीब 55 गांव प्रभावित हैं। प्रशासन बाढ़ से बचाव के लिए तरह-तरह के दावे कर रहा है, लेकिन अभी तक बाढ़ चौकियों में चिकित्सकों की तैनाती हुई और न ही मेडिकल हेल्प डेस्क बनाया गया है। तहसील में बाढ़ से बचाव के लिए कंट्रोल रूम भी तैयार नहीं है।
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कादरगंज, बाकरगंज, सैदपुर, नगरिया कला समेत 55 प्रभावित गांवों में से 27 गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी की आगोश में आ जाते हैं। इन गांवों के लोगों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाता है। उनके लिए आने-जाने के सारे मार्ग बंद हो जाते हैं। इस तरह 14 गांव मध्यम और शेष 14 गांव बाढ़ से कम प्रभावित होते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को स्वयं को सुरक्षित स्थान पर रहने व अपने पालतू जानवरों को बाढ़ से बचाने की बड़ी चुनौती होती है। संवाद
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प्रशासन ने बनाई रणनीति
एसडीएम फरीदपुर मल्लिका नैन ने बताया कि उन्होंने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। आठ गांवों में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। उन चौकियों पर सीएचसी के डॉक्टरों की टीम भी तैनात की जाएगी। मेडिकल हेल्प डेस्क भी खुलवाई जाएगी। वहीं, तहसील में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। ग्राम प्रधानों को गांव में मुनादी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए पंचायत भवनों को भी इस्तेमाल में लिया जाएगा।
कई गांवों में नदियां उफान पर, प्रशासन चौकस
मीरगंज। लगातार बारिश से क्षेत्र में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, लेकिन बाढ़ से निपटने के लिए तहसील प्रशासन तैयार है, लेकिन अभी तक राजस्व कर्मियों की ड्यूटी नहीं लगाई है।
मीरगंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा, भाखड़ा, पीलाखार, बहगुल, कुल्ली आदि नदियां हैं, जिससे क्षेत्र में बाढ़ आने का खतरा बना रहता है। बाढ़ की स्थिति से लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से पूरे क्षेत्र में 14 चौकियां बनाई गई हैं, जहां सभी राजस्व कर्मियों की आवश्यकता के अनुसार ड्यूटी लगाई जाएगी। तहसील परिसर में एक कंट्रोल रूम खोला गया है, जिस पर 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी।
तहसीलदार मीरगंज आशीष कुमार सिंह ने बताया कि अभी नदियों में पानी बहुत कम है, लेकिन बढ़ रहा है। प्रशासन नजर रख रहा है। जब भी बाढ़ की स्थिति बनती है तो लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन अलर्ट है। संवाद
अमीर नगर का लिया जायजा, पिचिंग के दिए निर्देश
क्योलड़िया। भदपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमीर नगर में देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले साल आई बाढ़ से यहां पर बने पुल के पास लगी पिचिंग कट गई थी, जिससे पुल टूटने का खतरा बन गया था। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राॅली से मिट्टी डालकर रोड को बचाया था। इसी को देखते हुए सोमवार को एसडीएम उदित पवार, तहसीलदार दुष्यंत कुमार अमीर नगर गांव पहुंचे और उन्होंने पुल का निरीक्षण किया। साथ ही जल्द ही नदी की पिचिंग बनाने का आश्वासन दिया है। संवाद