बारिश के मौसम में और मुसीबत बढ़ाएंगे सेतु निगम के अधूरे काम
चौपुला पर तीनों ओर की सड़कें खोद डालीं, सर्विस रोड तक नहीं बनाई
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सेटेेलाइट और लाल फाटक पर भी आधे-अधूरे काम से आएगी दिक्कत
बरेली। सेतु निगम के लटके प्रोजेक्ट आने वाले बारिश के सीजन में पब्लिक की और मुसीबत बढ़ाएंगे। शहर के तमाम बड़े चौराहों और मुख्य सड़कों पर निर्माणाधीन इन परियोजनाओं को समय से नहीं पूरा किया जा रहा है। सेतु निगम ने चौपुला चौराहा फ्लाईओवर बनाने के लिए तीनों ओर सड़क की खुदाई कर दी है। सर्विस रोड भी उधड़ा पड़ा है। उसमें गहरे गड्ढे हो गए हैं। पास ही में खतरनाक माहौल में फ्लाईओवर बनाने का काम चल रहा है। डीएम के आदेश के बावजूद सेतु निगम ने यहां अब तक सर्विस रोड बनानी शुरू नहीं की है। उधर, लालफाटक पर सेतु निगम ने सर्विस रोड का काम तो लगभग पूरा कर दिया है लेकिन रेलवे के फाटक शिफ्ट करने का काम अधूरा है। क्रॉसिंग के पास रोड टूटा पड़ा है। सेटेेलाइट ओवरब्रिज का काम पूरा कराया जा रहा है लेकिन अभी ओवरब्रिज के ऊपर से हाईटेंशन लाइन को नहीं हटाया जा सका है।
चौपुला ओवरब्रिजः टूूटी सर्विस रोड पर हिचकोले खाते हैं वाहन.. पास में हो रहा पुल का काम
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चौपुला ओवरब्रिज के लिए किला रोड पर पिलर बनाने को बीचोंबीच कई मीटर सड़क खोद दी गई है। इससे रोड की चौड़ाई बहुत कम हो गई है। पास में सर्विस रोड पूरा उधड़ चुका है। उसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। इस लापरवाही के लिए डीएम नितीश कुमार ने सेतु निगम के अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी, लेकिन अब तक सर्विस रोड की मरम्मत नहीं कराई गई है। सर्विस रोड के पास कई जगहों पर बोर्ड बैरिकेडिंग लगाई गई है, कुछ जगह निर्माण स्थल को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। ऐसे में पानी और कीचड़ से वाहनों के गहरे गड्ढों में गिरने का डर बना रहता है। दिनभर यहां जाम लगा रहता है। फ्लाईओवर बनाने के लिए सिटी स्टेशन की तरफ भी रोड की खुदाई होने से किला से पुराने पुल से बदायूं रोड पर जाने वाला ट्रैफिक भी फंस रहा है। इधर, पुलिस लाइंस रोड पर सर्विस रोड बनी ही नहीं है। यहां सीवर लाइन बिछाई जाने से टूटी रोड और उस पर दिनभर उड़ती धूल से लोग परेशान हैं। इस साइड में भी दिनभर जाम लगा रहता है। पटेल चौकी की तरफ भी पिलर बनाने के लिए रोड खोदा गया है। बारिश में यह अधूरा काम और खतरे बढ़ाएगा।
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लालफाटक ओवरब्रिजः सर्विस रोड पर रेलवे फाटक नहीं शुरू हुए, बारिश से थम जाएगी निर्माण की रफ्तार
लालफाटक पर दोनों क्रासिंग पर रेलवे को ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करना है। सेतु निगम ने करीब एक करोड़ की लागत से कैंट और कांधरपुर साइड में सर्विस रोड के दोनों हिस्से बना दिए हैं। पुलिया भी बन गई है लेकिन रेलवे का फाटक शिफ्ट करने का काम बाकी है। कैंट की तरफ तो केबिन का काम भी अधूरा है। कांधरपुर साइड में सेतु निगम ने सर्विस रोड पर क्रासिंग के पास बोर्ड बैरिकेडिंग लगाकर रोड को बंद कर दिया है, लेकिन रेलवे ने ओवरब्रिज काम शुरू नहीं किया है। सेतु निगम भी निर्माण कार्य काफी धीमा चल रहा है। बारिश शुरू होने के बाद रेलवे को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए फिर इंतजार करना पड़ेगा।
आईवीआरआई ओवरब्रिजः लोहे के गार्डर रखकर अधूरा छोड़ दिया काम, अफसरों की फटकार का भी असर नहीं
सेतु निगम आईवीआरआई ओवरब्रिज बनाने का काम करीब डेढ़ साल पहले पूरा कर चुका है लेकिन क्रासिंग के ऊपर रेलवे के हिस्से का काम अब तक अधूरा है। रेलवे ने पिलर पर लोहे के गार्डर तो रख दिए हैं लेकिन उसके बाद पांच महीने से कम ठप है। नवंबर में नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने आईवीआरआई ओवरब्रिज के निर्माण का जायजा लिया था। रेलवे के अधिकारियों ने आश्वस्त किया था कि मार्च में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद बाहर से आईं मशीनों से निर्माण भी शुरू कराया गया लेकिन बाद में काम ठप हो गया। लॉकडाउन के दौरान कुछ मजदूर लगाकर काम शुरू भी हुआ लेकिन अभी रेलवे को अपने हिस्से का 20 फीसदी काम पूरा करना है। आगे बारिश में यह काम लटक सकता है। हाल में डीएम ने रेलवे के अधिकारियों को इस काम को पूरा करने के लिए दो महीने का वक्त दिया है।
सेटेलाइट फ्लाईओवरः हाईटेंशन लाइन शिफ्ट नहीं, सर्विस रोड भी अधूरा
इस फ्लाईओवर का ईसाइयों की पुलिया और कैंट की ओर निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। चौराहे के ऊपर हाईटेंशन लाइन को ऊंचा किया जाना है। इसके लिए करीब साढ़े पांच करोड़ के बजट की मंजूरी चाहिए, जो शासन में लटकी है। निर्माण अधूरा होने से चौराहे पर जाम लग रहा है। सेतु निगम ने सालभर पहले करीब 30 लाख की लागत से सेटेलाइट चौराहे से कैंट की ओर पुल तक सर्विस रोड बनाई थी, वह भी टूट रही है। इधर, चौराहे से ईसाइयों की पुलिया की ओर 60 लाख का टेंडर किया ही नहीं गया। कई जगहों पर खानापूर्ति के लिए पैच बनाए गए हैं, जहां एक-दो बार बारिश में फिर गड्ढे हो जाएंगे। चौराहे के पास भी पानी भरने से रोड उधड़ गया है। यहां काम कर रहे श्रमिकों से बगैर किसी सुरक्षा के काम कराए जा रहे हैं।
दिल्ली-लखनऊ हाईवेः बारिश में हाईवे के टूटते-दरकते फ्लाईओवर बनेंगे खतरा
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बरेली-सीतापुर के बीच करीब 157 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए करीब 2100 करोड़ का ठेका लेने वाली इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर कंपनी करीब दो साल पहले काम अधूरा छोड़कर भाग गई। मरम्मत न होने से इस महत्वपूर्ण हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर आधे-अधूरे फ्लाईओवर बड़ा खतरा बन चुके हैं। हालांकि एनएचएआई ने पिछले साल अक्तूबर में एक कंपनी को काम पूरा करने के लिए करीब 700 करोड़ का ठेका दिया, लेकिन निर्माण कार्य देर से शुरू हुआ और फिर लॉकडाउन में काम बंद हो गया। बारिश के सीजन के देखते हुए एनएचएआई ने रोजा प्लांट शुरू करके जगह-जगह हॉटमिक्स के पैचवर्क कराए हैं लेकिन पुलों की मरम्मत सही से नहीं हुई है। बारिश में ये टूटे पुल बड़ा खतरा बनेंगे।
निर्माण कार्य चलने से सड़कों को नुकसान पहुंचता है। फिर भी कोशिश की जा रही है जिन जगहों पर सर्विस रोड टूटे हैं, वहां गड्ढों को भरवाकर दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए स्टाफ को निर्देशित कर दिया गया है। - देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम
बरेली-सीतापुर फोरलेन की मरम्मत का काम चल रहा है। फ्लाईओवर पर जिन जगहों पर गड्ढे थे, उनकी भी मरम्मत करा दी गई है। इस बार बारिश में हाईवे पर कोई दिक्कत नहीं आएगी। जल्द ही ओवरब्रिज को ठीक कराने का काम शुरू होगा। - अमित प्रकाश, पीडी, एनएचएआई
सेटेेलाइट और लाल फाटक पर भी आधे-अधूरे काम से आएगी दिक्कत बरेली। सेतु निगम के लटके प्रोजेक्ट आने वाले बारिश के सीजन में पब्लिक की और मुसीबत बढ़ाएंगे। शहर के तमाम बड़े चौराहों और मुख्य सड़कों पर निर्माणाधीन इन परियोजनाओं को समय से नहीं पूरा किया जा रहा है। सेतु निगम ने चौपुला चौराहा फ्लाईओवर बनाने के लिए तीनों ओर सड़क की खुदाई कर दी है। सर्विस रोड भी उधड़ा पड़ा है। उसमें गहरे गड्ढे हो गए हैं। पास ही में खतरनाक माहौल में फ्लाईओवर बनाने का काम चल रहा है। डीएम के आदेश के बावजूद सेतु निगम ने यहां अब तक सर्विस रोड बनानी शुरू नहीं की है। उधर, लालफाटक पर सेतु निगम ने सर्विस रोड का काम तो लगभग पूरा कर दिया है लेकिन रेलवे के फाटक शिफ्ट करने का काम अधूरा है। क्रॉसिंग के पास रोड टूटा पड़ा है। सेटेेलाइट ओवरब्रिज का काम पूरा कराया जा रहा है लेकिन अभी ओवरब्रिज के ऊपर से हाईटेंशन लाइन को नहीं हटाया जा सका है।
चौपुला ओवरब्रिजः टूूटी सर्विस रोड पर हिचकोले खाते हैं वाहन.. पास में हो रहा पुल का काम
लालफाटक ओवरब्रिजः सर्विस रोड पर रेलवे फाटक नहीं शुरू हुए, बारिश से थम जाएगी निर्माण की रफ्तार
लालफाटक पर दोनों क्रासिंग पर रेलवे को ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करना है। सेतु निगम ने करीब एक करोड़ की लागत से कैंट और कांधरपुर साइड में सर्विस रोड के दोनों हिस्से बना दिए हैं। पुलिया भी बन गई है लेकिन रेलवे का फाटक शिफ्ट करने का काम बाकी है। कैंट की तरफ तो केबिन का काम भी अधूरा है। कांधरपुर साइड में सेतु निगम ने सर्विस रोड पर क्रासिंग के पास बोर्ड बैरिकेडिंग लगाकर रोड को बंद कर दिया है, लेकिन रेलवे ने ओवरब्रिज काम शुरू नहीं किया है। सेतु निगम भी निर्माण कार्य काफी धीमा चल रहा है। बारिश शुरू होने के बाद रेलवे को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए फिर इंतजार करना पड़ेगा।आईवीआरआई ओवरब्रिजः लोहे के गार्डर रखकर अधूरा छोड़ दिया काम, अफसरों की फटकार का भी असर नहीं
सेतु निगम आईवीआरआई ओवरब्रिज बनाने का काम करीब डेढ़ साल पहले पूरा कर चुका है लेकिन क्रासिंग के ऊपर रेलवे के हिस्से का काम अब तक अधूरा है। रेलवे ने पिलर पर लोहे के गार्डर तो रख दिए हैं लेकिन उसके बाद पांच महीने से कम ठप है। नवंबर में नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने आईवीआरआई ओवरब्रिज के निर्माण का जायजा लिया था। रेलवे के अधिकारियों ने आश्वस्त किया था कि मार्च में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद बाहर से आईं मशीनों से निर्माण भी शुरू कराया गया लेकिन बाद में काम ठप हो गया। लॉकडाउन के दौरान कुछ मजदूर लगाकर काम शुरू भी हुआ लेकिन अभी रेलवे को अपने हिस्से का 20 फीसदी काम पूरा करना है। आगे बारिश में यह काम लटक सकता है। हाल में डीएम ने रेलवे के अधिकारियों को इस काम को पूरा करने के लिए दो महीने का वक्त दिया है।सेटेलाइट फ्लाईओवरः हाईटेंशन लाइन शिफ्ट नहीं, सर्विस रोड भी अधूरा
इस फ्लाईओवर का ईसाइयों की पुलिया और कैंट की ओर निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। चौराहे के ऊपर हाईटेंशन लाइन को ऊंचा किया जाना है। इसके लिए करीब साढ़े पांच करोड़ के बजट की मंजूरी चाहिए, जो शासन में लटकी है। निर्माण अधूरा होने से चौराहे पर जाम लग रहा है। सेतु निगम ने सालभर पहले करीब 30 लाख की लागत से सेटेलाइट चौराहे से कैंट की ओर पुल तक सर्विस रोड बनाई थी, वह भी टूट रही है। इधर, चौराहे से ईसाइयों की पुलिया की ओर 60 लाख का टेंडर किया ही नहीं गया। कई जगहों पर खानापूर्ति के लिए पैच बनाए गए हैं, जहां एक-दो बार बारिश में फिर गड्ढे हो जाएंगे। चौराहे के पास भी पानी भरने से रोड उधड़ गया है। यहां काम कर रहे श्रमिकों से बगैर किसी सुरक्षा के काम कराए जा रहे हैं।दिल्ली-लखनऊ हाईवेः बारिश में हाईवे के टूटते-दरकते फ्लाईओवर बनेंगे खतरा
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बरेली-सीतापुर के बीच करीब 157 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए करीब 2100 करोड़ का ठेका लेने वाली इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर कंपनी करीब दो साल पहले काम अधूरा छोड़कर भाग गई। मरम्मत न होने से इस महत्वपूर्ण हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर आधे-अधूरे फ्लाईओवर बड़ा खतरा बन चुके हैं। हालांकि एनएचएआई ने पिछले साल अक्तूबर में एक कंपनी को काम पूरा करने के लिए करीब 700 करोड़ का ठेका दिया, लेकिन निर्माण कार्य देर से शुरू हुआ और फिर लॉकडाउन में काम बंद हो गया। बारिश के सीजन के देखते हुए एनएचएआई ने रोजा प्लांट शुरू करके जगह-जगह हॉटमिक्स के पैचवर्क कराए हैं लेकिन पुलों की मरम्मत सही से नहीं हुई है। बारिश में ये टूटे पुल बड़ा खतरा बनेंगे।निर्माण कार्य चलने से सड़कों को नुकसान पहुंचता है। फिर भी कोशिश की जा रही है जिन जगहों पर सर्विस रोड टूटे हैं, वहां गड्ढों को भरवाकर दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए स्टाफ को निर्देशित कर दिया गया है। - देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम
बरेली-सीतापुर फोरलेन की मरम्मत का काम चल रहा है। फ्लाईओवर पर जिन जगहों पर गड्ढे थे, उनकी भी मरम्मत करा दी गई है। इस बार बारिश में हाईवे पर कोई दिक्कत नहीं आएगी। जल्द ही ओवरब्रिज को ठीक कराने का काम शुरू होगा। - अमित प्रकाश, पीडी, एनएचएआई