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Bareilly News: स्कूल ही बन गया पंचायत, मजबूरी में चल रही मास्टर जी की क्लास

Sat, 18 Jul 2026 01:52 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 18 Jul 2026 01:52 AM IST
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The school has turned into a Panchayat office; the teacher is forced to conduct classes there.
फतेहगंज पूर्वी। सरकार भले ही शिक्षा के स्तर को सुधारने के बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी बदहाल व्यवस्था की गवाही दे रही है। फरीदपुर तहसील के बंडिया खुर्द गांव के प्राथमिक विद्यालय के बच्चे पिछले दो साल से ग्राम पंचायत भवन के एक हॉल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। दरअसल, 24 अगस्त 2024 को स्कूल की जर्जर इमारत को प्रशासनिक आदेश के बाद नीलाम कर ध्वस्त कर दिया गया था। उम्मीद थी कि जल्द ही नया भवन बनेगा लेकिन उच्चाधिकारियों की लापरवाही के कारण अबतक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका।
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वर्तमान में इस अस्थायी स्कूल में 76 बच्चे नामांकित हैं, जिनके साथ आंगनबाड़ी केंद्र के 16 मासूम भी इसी छत के नीचे बैठते हैं। विद्यालय में तीन शिक्षकों और दो शिक्षामित्रों की तैनाती तो है लेकिन बुनियादी ढांचे के अभाव में वे भी बेबस हैं। पूरे स्कूल के सभी कक्षाओं के बच्चे एक ही हॉल में एक साथ बैठकर पढ़ते हैं, जिससे शोरगुल और अव्यवस्था के बीच उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी पंचायत घर के एक कमरे में जहां मिड-डे मील का खाना बनता है, वहीं दूसरे कमरे में ग्राम प्रधान के सरकारी कार्यों की बैठकें होती हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि गनीमत है कि ग्राम प्रधान ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए पंचायत घर इस्तेमाल करने दे दिया, वरना बच्चे खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर होते। स्कूल में मैदान न होने से बच्चे खेलकूद से भी महरूम हैं और सिर्फ लूडो व रस्सी कूद जैसे इनडोर खेलों तक सिमट कर रह गए हैं। ग्रामीण अब जल्द-से-जल्द नए स्कूल भवन के निर्माण की मांग कर रहे हैं।
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- बातचीत,
मेरी बेटी सुमन और बेटा सर्वराज इस विद्यालय में पढ़ते हैं। क्षेत्र में कोई दूसरा न होने के कारण इन्हें यहीं पर पढ़ाई करनी पड़ रही हैं। बच्चों को शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है या फिर घर पर ही रहना पड़ रहा है, जिससे उनका भविष्य अंधकार में डूबा है।- लालजीत, अभिभावक
- मेरा बेटा सूर्यदेव दूसरी कक्षा में पढ़ता है। दो साल पहले स्कूल का भवन टूटने के बाद से यहीं पंचयात भवन में ही कक्षाएं चल रहीं हैं। आसपास कोई दूसरा विद्यालय उपलब्ध नहीं होने से यहां पढ़ाना हमारी मजबूरी है। बच्चे को इसी स्कूल में पढ़ने के लिए भेजना पड़ रहा है।- रामसिंह, अभिभावक - वर्जन


वर्जन,
जब स्कूल का भवन ध्वस्त किया गया था, उसके बाद ही नया भवन बनवाने का प्रस्ताव भेजा गया था। फिलहाल में ही स्वीकृति मिली है। बच्चों को जल्द नए भवन में पढ़ाया जाएगा। - डॉ. विनीता, बीएसए
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