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Bareilly News: पढ़ाए गए विषय को स्वीकृत कराने का प्रस्ताव, विवि ने इन्कार किया
Sun, 17 May 2026 01:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 17 May 2026 01:08 AM IST
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बरेली। बरेली कॉलेज में एमए अर्थशास्त्र के द्वितीय सेमेस्टर के जिन विद्यार्थियों को गलत विषय पढ़ाया गया, उनका भविष्य अधर में है। बरेली कॉलेज की ओर से पढ़ाए गए विषय को ही पाठ्यक्रम में शामिल करने का अनुरोध किया मगर, रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से इससे इन्कार कर दिया गया है।
विद्यार्थियों को गलत विषय पढ़ाने का मामला संज्ञान में आने के बाद शनिवार को प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षकों के साथ बैठक की। उनकी जमकर फटकार लगाई।प्राचार्य ने विभाग प्रभारी प्रो. पूनम रानी से कहा कि इस तरह की गलती संस्थान के नाम पर बट्टा लगा सकती है।
छात्रों का भविष्य दांव पर न लगे इसलिए विश्वविद्यालय से संपर्क किया जा रहा है। इससे पहले विभाग में एमए में ये विषय लेने वाले सभी 26 विद्यार्थियों से इस पर राय मांगी, इसके बाद शिक्षक बैठक में पहुंचे। बैठक के बाद एक पत्र भी विवि भेजा गया।
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समर्थ पोर्टल के परीक्षा कोआर्डिनेटर अजय यादव की ओर से इसका जवाब भेज दिया गया है। उन्होंने अनुरोध को स्वीकार करने से मना कर दिया। कहा कि जो गलत विषय पढ़ाया जा रहा है, वह बोर्ड ऑफ स्टडीज से हटाया जा चुका है। जब तक इसे फिर से स्वीकृति नहीं मिलती, इसे पोर्टल पर अपडेट नहीं किया जा सकता।
दो साल पहले पाठ्यक्रम से हटा हिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक थॉट
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के लिए एनईपी के अनुसार पाठ्यक्रम निर्धारित है। दो साल पहले एमए द्वितीय सेमेस्टर के हिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक थॉट विषय को हटा दिया गया। अब इसकी जगह इकोनॉमिक्स ऑफ एजुकेशन एंड हेल्थ और इंटरनेशनल रीजनल इकोनॉमिक्स कोरपोरेशन ही वैकल्पिक विषय के रूप में उपलब्ध हैं।
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विद्यार्थियों को गलत विषय पढ़ाने का मामला संज्ञान में आने के बाद शनिवार को प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने अर्थशास्त्र विभाग के शिक्षकों के साथ बैठक की। उनकी जमकर फटकार लगाई।प्राचार्य ने विभाग प्रभारी प्रो. पूनम रानी से कहा कि इस तरह की गलती संस्थान के नाम पर बट्टा लगा सकती है।
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छात्रों का भविष्य दांव पर न लगे इसलिए विश्वविद्यालय से संपर्क किया जा रहा है। इससे पहले विभाग में एमए में ये विषय लेने वाले सभी 26 विद्यार्थियों से इस पर राय मांगी, इसके बाद शिक्षक बैठक में पहुंचे। बैठक के बाद एक पत्र भी विवि भेजा गया।
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समर्थ पोर्टल के परीक्षा कोआर्डिनेटर अजय यादव की ओर से इसका जवाब भेज दिया गया है। उन्होंने अनुरोध को स्वीकार करने से मना कर दिया। कहा कि जो गलत विषय पढ़ाया जा रहा है, वह बोर्ड ऑफ स्टडीज से हटाया जा चुका है। जब तक इसे फिर से स्वीकृति नहीं मिलती, इसे पोर्टल पर अपडेट नहीं किया जा सकता।
दो साल पहले पाठ्यक्रम से हटा हिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक थॉट
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के लिए एनईपी के अनुसार पाठ्यक्रम निर्धारित है। दो साल पहले एमए द्वितीय सेमेस्टर के हिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक थॉट विषय को हटा दिया गया। अब इसकी जगह इकोनॉमिक्स ऑफ एजुकेशन एंड हेल्थ और इंटरनेशनल रीजनल इकोनॉमिक्स कोरपोरेशन ही वैकल्पिक विषय के रूप में उपलब्ध हैं।