{"_id":"614793248ebc3e01de132808","slug":"the-power-of-a-double-engine-averted-a-little-trouble-bareilly-news-bly4601092144","type":"story","status":"publish","title_hn":"डबल इंजन की लगे ताकत तो टले थोड़ी आफत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डबल इंजन की लगे ताकत तो टले थोड़ी आफत
सार
कमिश्नर ने डीआरएम को लिखा पत्र, कहा- रेलवे का अनुमोदन न मिलने से लटका हुआ है ओवरब्रिज निर्माण
विज्ञापन
प्रतीकात्मक ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
व्यक्तिगत दिलचस्पी लेने और काम की रफ्तार तेज करने को टीम बनाने का आग्रह
विज्ञापन
कहा- राज्य सरकार की चिंता का प्रमुख कारण है हुलासनगरा क्रॉसिंग
बरेली। लखनऊ हाईवे पर जाम की प्रमुख वजह बन चुके हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करने में डबल इंजन की ताकत लगने की जरूरत है। दरअसल रेलवे की लगातार लेटलतीफी पर कमिश्नर ने डीआरएम को पत्र लिखा है। उन्होंने इस ओवरब्रिज को आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए डीआरएम से इसके निर्माण में व्यक्तिगत दिलचस्पी लेने और काम की रफ्तार तेज करने के लिए रेलवे अधिकारियों की एक टीम गठित करने का आग्रह किया है।
कमिश्नर आर रमेश ने डीआरएम को लिखे पत्र में कहा है कि बरेली-सीतापुर हाईवे का हुलासनगरा क्रॉसिंग राज्य सरकार की चिंता का एक प्रमुख कारण बन गया है। यह रेलवे क्रॉसिंग एक व्यस्त राजमार्ग पर है जिस पर हर समय भारी जाम रहता है। रेलवे क्रॉसिंग बार-बार बंद होने से कई बार घंटों तक जाम लगा रहता है। क्रॉसिंग पर कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। कमिश्नर ने अप्रैल 2021 में ट्रेन-टेंपो की टक्कर होने से मारे गए पांच लोगों की मौत का जिक्र करते हुए कहा है कि रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण विभिन्न कारणों से कई वर्षों से असामान्य रूप से लटका हुआ है। एनएचएआई ने पिछले ठेकेदार को हटाकर विशेष रूप से ओवरब्रिज के निर्माण के लिए एक नया ठेकेदार लगाया है जिसे साइट पर मौजूद गार्डर रखकर ओवरब्रिज का निर्माण करना था लेकिन रेलवे अधिकारियों ने गार्डर रखने से मना कर दिया, जिस कारण काम में और देरी हो रही है।
विज्ञापन
कमिश्नर ने कहा है कि अब नए गार्डर बनाए जा रहे हैं। उसके कुछ सामान के लिए रेलवे के अधिकारियों की अनुमति के लिए आवेदन किया गया है लेकिन अनुमोदन की जिम्मेदारी विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों को दे दी गई है, जिससे अनुमोदन मिलने की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है। कमिश्नर ने कहा है कि राज्य सरकार आरओबी को जल्द पूरा कराने के लिए उच्चस्तर तक लगातार प्रयास कर रही है क्योंकि आरओबी का काम पूरा होना आमजन की सुरक्षा और सुविधा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमिश्नर ने डीआरएम से आरओबी के निर्माण के लिए व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए सुझाव दिया है कि एनएचआई की ओर से गार्डर के निर्माण में जो भी अनुमोदन मांगे गए हैं, उसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की जा सकती है ताकि यह काम जल्दी हो सके। इसके अलावा उनकी अध्यक्षता में होने वाली मासिक बैठक के लिए भी एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी को नियुक्त किया जाए जो बैठक में आकर रेलवे का पक्ष रख सके । कमिश्नर ने पत्र की प्रति उप्र सरकार के मुख्य सचिव, नैनीताल हाईवे के चेयरमैन और रेल मंत्रालय दिल्ली को भी भेजी है।
विज्ञापन
कहा- राज्य सरकार की चिंता का प्रमुख कारण है हुलासनगरा क्रॉसिंग बरेली। लखनऊ हाईवे पर जाम की प्रमुख वजह बन चुके हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करने में डबल इंजन की ताकत लगने की जरूरत है। दरअसल रेलवे की लगातार लेटलतीफी पर कमिश्नर ने डीआरएम को पत्र लिखा है। उन्होंने इस ओवरब्रिज को आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए डीआरएम से इसके निर्माण में व्यक्तिगत दिलचस्पी लेने और काम की रफ्तार तेज करने के लिए रेलवे अधिकारियों की एक टीम गठित करने का आग्रह किया है।
कमिश्नर आर रमेश ने डीआरएम को लिखे पत्र में कहा है कि बरेली-सीतापुर हाईवे का हुलासनगरा क्रॉसिंग राज्य सरकार की चिंता का एक प्रमुख कारण बन गया है। यह रेलवे क्रॉसिंग एक व्यस्त राजमार्ग पर है जिस पर हर समय भारी जाम रहता है। रेलवे क्रॉसिंग बार-बार बंद होने से कई बार घंटों तक जाम लगा रहता है। क्रॉसिंग पर कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। कमिश्नर ने अप्रैल 2021 में ट्रेन-टेंपो की टक्कर होने से मारे गए पांच लोगों की मौत का जिक्र करते हुए कहा है कि रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण विभिन्न कारणों से कई वर्षों से असामान्य रूप से लटका हुआ है। एनएचएआई ने पिछले ठेकेदार को हटाकर विशेष रूप से ओवरब्रिज के निर्माण के लिए एक नया ठेकेदार लगाया है जिसे साइट पर मौजूद गार्डर रखकर ओवरब्रिज का निर्माण करना था लेकिन रेलवे अधिकारियों ने गार्डर रखने से मना कर दिया, जिस कारण काम में और देरी हो रही है।
विज्ञापन
कमिश्नर ने कहा है कि अब नए गार्डर बनाए जा रहे हैं। उसके कुछ सामान के लिए रेलवे के अधिकारियों की अनुमति के लिए आवेदन किया गया है लेकिन अनुमोदन की जिम्मेदारी विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों को दे दी गई है, जिससे अनुमोदन मिलने की प्रक्रिया में भी देरी हो रही है। कमिश्नर ने कहा है कि राज्य सरकार आरओबी को जल्द पूरा कराने के लिए उच्चस्तर तक लगातार प्रयास कर रही है क्योंकि आरओबी का काम पूरा होना आमजन की सुरक्षा और सुविधा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
कमिश्नर ने डीआरएम से आरओबी के निर्माण के लिए व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए सुझाव दिया है कि एनएचआई की ओर से गार्डर के निर्माण में जो भी अनुमोदन मांगे गए हैं, उसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की जा सकती है ताकि यह काम जल्दी हो सके। इसके अलावा उनकी अध्यक्षता में होने वाली मासिक बैठक के लिए भी एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी को नियुक्त किया जाए जो बैठक में आकर रेलवे का पक्ष रख सके । कमिश्नर ने पत्र की प्रति उप्र सरकार के मुख्य सचिव, नैनीताल हाईवे के चेयरमैन और रेल मंत्रालय दिल्ली को भी भेजी है।