बिलाल के साथ भागी लड़की की तलाश में पुलिस को रात-दिन एक करना पड़ा। पांच दिन तक पुलिस की टीमें पांच गाड़ियों से दिल्ली-अजमेर के साथ दूसरे शहरों की धूल फांकती रहीं। एसओजी के दरोगा श्रीशचंद और थाना किला के चौकी प्रभारियों की टीमें बिलाल के साथ भागी लड़की की पहली बार लोकेशन मिलने के बाद ही उसके पीछे लग गईं। इधर-उधर की खाक छानने के बाद ये सभी टीमें दिल्ली में मिलीं। यहां बिलाल की नई लोकेशन अजमेर में मिली तो कुछ टीमें अजमेर निकल गईं।
पुलिस ने रात-दिन एक किया तब हाथ आए लड़का-लड़की, दिल्ली से अजमेर तक की धूल फांकती रहीं टीमें
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कुछ ने दिल्ली में ही डेरा डाला। पांच गाड़ियों से 27 लोगों ने स्टाफ कई बार दिल्ली और अजमेर के बीच चक्कर काटे। तब कहीं बिलाल और लड़की के बारे में सटीक जानकारी मिली और फिर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लड़का-लड़की की तलाश में ही पुलिस की एक लाख रुपये से ज्यादा रकम खर्च हो गई।
छह दिन में फूंक दिए 1.30 लाख
बिलाल के साथ 17 अक्तूबर को गई लड़की के पिता ने थाना किला में दर्ज कराई गई एफआईआर में आरोप लगाया था कि वह आठ लाख रुपये कैश और सोने के जेवर ले गई है लेकिन पुलिस के मुताबिक बिलाल ने पूछताछ में कबूल किया कि वह साढ़े पांच लाख रुपये लाई थी जिसमें से उन्होंने 1.30 लाख रुपये खर्च कर लिए। ज्यादातर पैसा घूमने-फिरने, गाड़ी-होटल के किराए में खर्च हुआ। एक लाख रुपया वकील को दे दिया गया, बाकी 3.20 लाख रुपये की रकम पुलिस ने बरामद कर ली।
लड़की से मिलने पहुंचीं मां-बहन को नारी निकेतन से लौटाया
लड़की की मां और बहन ने रविवार को नारी निकेतन जाकर उससे मिलने की कोशिश की लेकिन उन्हें लौटा दिया गया। लड़की के पिता भी दिन भर कानूनी मदद के लिए दौड़भाग करते रहे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी छह दिन आरोपी के साथ रही है। हो सकता है कि उसने उसे धमकाया हो या अपनी सोच उस पर थोपने की कोशिश की हो। बेटी अगर बालिग साबित होती है तो वह कहीं भी जाने को स्वतंत्र है मगर वह चाहते हैं कि बेटी की उनसे एक घंटे मुलाकात करा दी जाए ताकि वह उसकी मनोस्थिति को समझ सकें।
बिलाल की हरकत से घोसी समाज नाराज, बहिष्कार करने की तैयारी
लड़की ले जाने के मामले में आरोपी बिलाल के परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्र बताते हैं कि घोसी समाज की पंचायत उसका पक्ष लेने पर उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का निर्णय ले सकती है। सूत्रों के मुताबिक घोसी समाज जल्द पंचायत करके फैसला कर सकता है। बिलाल के दूसरे समुदाय की लड़की को ले जाने से घोसी समाज में हलचल बढ़ गई है। समाज के लोगों का कहना है कि वे अपने बच्चों के निकाह अपने समाज में ही करते है। मुस्लिमों की ही दूसरी बिरादरी में भी शादी नहीं करते है। जो लोग समाज के इस नियम को नहीं मानते, उनको समाज से अलग कर दिया जाता है।