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गन्ना किसानों की जेब खाली... कैसे मनाएंगे दिवाली
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प्रतीकात्म
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चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया है 149 करोड़ रुपया
नया पेराई सत्र शुरू होने को है पर तीन चीनी मिलों ने अब तक नहीं दिया पिछले साल का बकाया
बरेली। जिले के गन्ना किसानों का दिवाली इस बार भी फीकी रहेगी। चीनी मिलों ने अब तक उनके बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। जिले की पांच में से दो चीनी मिलों ने ही शत प्रतिशत भुगतान किया है। तीन चीनी मिलों पर किसानों का 149.58 करोड़ रुपया बकाया है।
शासन की ओर से गन्ना तौल के 14 दिनों के अंदर भुगतान करने के निर्देश हैं, इसके बावजूद पेराई सत्र समाप्त हुए छह माह से ज्यादा समय बीतने के बावजूद चीनी मिलों ने बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। करीब चार माह पहले जिलाधिकारी ने बैठक कर एक माह के अंदर बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए थे। बीते दिनों कमिश्नर ने भी गन्ना भुगतान को लेकर बैठक की थी। इसके बावजूद चीनी मिलें बकाया भुगतान को लेकर गंभीर नहीं हैं।
जिले में सबसे ज्यादा बहेड़ी चीनी मिल पर 92.22 करोड़ रुपया बकाया है। इसके बाद नवाबगंज चीनी मिल पर 32.90 करोड़ और सेमीखेड़ा चीनी मिल पर किसानों का 24.45 करोड़ रुपया बकाया है। फरीदपुर और मीरगंज चीनी मिल शतप्रतिशत गन्ना भुगतान कर चुकी है। गन्ना भुगतान के लिए कई बार किसान संगठन कलक्ट्रेट और गन्ना विभाग के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके बावजूद चीनी मिलें भुगतान नहीं कर रही। त्योहार से पहले बकाया भुगतान न मिलने से किसानों को मजबूरन कर्ज लेकर त्योहार के खर्च पूरे करने पड़ रहे हैं।
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देरी से शुरू होगा पेराई सत्र
गन्ना भुगतान के साथ पेराई सत्र शुरू करने में भी चीनी मिलें लापरवाही बरत रही हैं। इस बार गन्ना पेराई सत्र 27 अक्टूबर से शुरू करने की योजना थी। इसके बावजूद अब तक एक भी चीनी मिल ने पेराई शुरू नहीं की है। अब चीनी मिलों में गन्ना पेराई दिवाली बाद ही शुरू होने की उम्मीद है।
बकाया भुगतान को लेकर कई बार चीनी मिल और गन्ना समिति के चक्कर लगा चुके हैं। अब तक पूरा पैसा खाते में नहीं आया है। अधिकारी कोई जानकारी भी नहीं दे रहे। - राकेश गंगवार, इटौवा
चीनी मिल प्रबंधन की शिकायत कई बार गन्ना विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है। अब तक भुगतान नहीं मिला है। जिला गन्ना अधिकारी से शिकायत के बावजूद भुगतान की समस्या दूर नहीं हुई है। - मुर्करम अली, शाहगढ़
चीनी मिलों को जल्द बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। दो चीनी मिलों ने शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। बाकी चीनी मिलें भी जल्द भुगतान किसानों के खाते में भेजेंगी। बीते दिनों बारिश होने की वजह से पेराई सत्र शुरू होने में देरी हुई है। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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नया पेराई सत्र शुरू होने को है पर तीन चीनी मिलों ने अब तक नहीं दिया पिछले साल का बकाया
बरेली। जिले के गन्ना किसानों का दिवाली इस बार भी फीकी रहेगी। चीनी मिलों ने अब तक उनके बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। जिले की पांच में से दो चीनी मिलों ने ही शत प्रतिशत भुगतान किया है। तीन चीनी मिलों पर किसानों का 149.58 करोड़ रुपया बकाया है।
शासन की ओर से गन्ना तौल के 14 दिनों के अंदर भुगतान करने के निर्देश हैं, इसके बावजूद पेराई सत्र समाप्त हुए छह माह से ज्यादा समय बीतने के बावजूद चीनी मिलों ने बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। करीब चार माह पहले जिलाधिकारी ने बैठक कर एक माह के अंदर बकाया भुगतान करने के निर्देश दिए थे। बीते दिनों कमिश्नर ने भी गन्ना भुगतान को लेकर बैठक की थी। इसके बावजूद चीनी मिलें बकाया भुगतान को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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जिले में सबसे ज्यादा बहेड़ी चीनी मिल पर 92.22 करोड़ रुपया बकाया है। इसके बाद नवाबगंज चीनी मिल पर 32.90 करोड़ और सेमीखेड़ा चीनी मिल पर किसानों का 24.45 करोड़ रुपया बकाया है। फरीदपुर और मीरगंज चीनी मिल शतप्रतिशत गन्ना भुगतान कर चुकी है। गन्ना भुगतान के लिए कई बार किसान संगठन कलक्ट्रेट और गन्ना विभाग के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके बावजूद चीनी मिलें भुगतान नहीं कर रही। त्योहार से पहले बकाया भुगतान न मिलने से किसानों को मजबूरन कर्ज लेकर त्योहार के खर्च पूरे करने पड़ रहे हैं।
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देरी से शुरू होगा पेराई सत्र
गन्ना भुगतान के साथ पेराई सत्र शुरू करने में भी चीनी मिलें लापरवाही बरत रही हैं। इस बार गन्ना पेराई सत्र 27 अक्टूबर से शुरू करने की योजना थी। इसके बावजूद अब तक एक भी चीनी मिल ने पेराई शुरू नहीं की है। अब चीनी मिलों में गन्ना पेराई दिवाली बाद ही शुरू होने की उम्मीद है।
बकाया भुगतान को लेकर कई बार चीनी मिल और गन्ना समिति के चक्कर लगा चुके हैं। अब तक पूरा पैसा खाते में नहीं आया है। अधिकारी कोई जानकारी भी नहीं दे रहे। - राकेश गंगवार, इटौवा
चीनी मिल प्रबंधन की शिकायत कई बार गन्ना विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी है। अब तक भुगतान नहीं मिला है। जिला गन्ना अधिकारी से शिकायत के बावजूद भुगतान की समस्या दूर नहीं हुई है। - मुर्करम अली, शाहगढ़
चीनी मिलों को जल्द बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। दो चीनी मिलों ने शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। बाकी चीनी मिलें भी जल्द भुगतान किसानों के खाते में भेजेंगी। बीते दिनों बारिश होने की वजह से पेराई सत्र शुरू होने में देरी हुई है। - पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी