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लाखों की हैसियत वालों ने भी सरकार के आगे फैलाया हाथ

Wed, 08 Apr 2020 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2020 12:47 AM IST
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The people of lakhs also spread their hands in front of the government
राहत सामग्री पाने के लिए तहसील पहुंचे लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

.. तो अब दो साल जेल की रोटी खाने को तैयार रहें मुन्नालाल और जाबिर

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मुन्नालाल की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान और जाबिर की परचून की, फिर भी कंट्रोल रूम को बताया घर में अन्न का दाना नहीं
प्रशासन ने जारी किए नोटिस, सही जवाब नहीं दिया तो जाएंगे जेल

बरेली। ऐसी विपदा की घड़ी में भी इंसानियत को शर्मसार करने की एक के बाद एक मिसाल सामने आ रही है जब हजारों गरीबों के घरों का चूल्हा जलना तक मुश्किल है। सरकारी राशन हड़पने के लिए खाते-पीते परिवारों के लोग भी गरीबों की तरह हाथ फैला रहे हैं। प्रशासन की जांच में कई ऐसे मामले पकड़े जाने के बाद गरीबों के हिस्से का राशन हड़पने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पहला मामला तब सामने आया जब म्यूड़ी खुर्द गांव के मुन्ना लाल तहसील के कंट्रोल रूम में अपने घर में अन्न का एक भी दाना न होने की सूचना देते हुए मुफ्त राशन की मांग की। तहसील की ओर से मदद करने से पहले जब मुन्नालाल के बारे में जांच कराई गई तो पता चला कि उसके पिता छेदालाल रिटायर्ड सरकारी शिक्षक हैं जिन्हें हर महीने 30 हजार रुपये से ज्यादा पेंशन मिलती है। खुद मुन्ना लाल की भुता में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है जिससे उसकी अच्छी-खासी आय होती है। इसी तरह म्यूड़ी खुर्द कलां के ही जाबिर की ओर से मुख्यमंत्री के सहायता पोर्टल के जरिये प्रशासन के कंट्रोल रूम में सूचना पहुंची थी जिसमें उसने घर में राशन न होने की बात कहते हुए मदद मांगी थी। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने जांच कराई तो पता चला कि जाबिर भी रईस शख्स है और गांव में उसका दोमंजिला मकान है। वह खुद परचून की दुकान चलाता है इसलिए घर में राशन की कोई कमी नहीं है।
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ऐसे कई और मामले सामने आए तो प्रशासन ने इसे जमाखोरी की कोशिश मानते हुए गंभीरता से लिया। इन मामलों में तहसीलदार सदर की ओर से कई लोगों को नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर जवाब मांगा है और उन्हें आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
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बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी राशन और खाना मांग रहे हैं जो आर्थिक तौर से मजबूत है और उन्हें मदद की कोई जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से मदद सिर्फ गरीबों और जरूरतमंदों को दी जानी है। गलत सूचना देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। -आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर

एसडीएम की चेतावनी, यह अवसरवादी रवैया दो साल के लिए जेल पहुंचा देगा

एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील सदर के कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन पर लगातार ऐसे लोगों के फोन आ रहे हैं जो सरकारी सहायता के लिए पात्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश इस समय महामारी की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है लिहाजा ऐसा अवसरवादी रवैया दिखाना शर्मनाक है। इससे सीमित संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा और जरूरतमंद सरकारी मदद से वंचित रह जाएंगे। शासन की प्राथमिकता भुखमरी से जूझ रहे लोगों की तात्कालिक मदद देना है। एसडीएम ने कहा है कि ऐसे लोगों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा और उन्हें इसके लिए दो साल तक की कैद हो सकती है।
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