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साथी मदद के लिए चिल्लाता रहा.. आंखों के सामने ही झील में समा गई कार
सार
हादसे की कहानी, चश्मदीद की जुबानी
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इसी कार से हुआ हादसा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
दस गाड़ियों से कलियर गए थे युवक, पुलिस और पीछे से आए साथियों ने की मदद
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बरेली/बिजनौर। पुराना शहर से करीब दस कारों में युवा कलियर के उर्स में शामिल होने के लिए निकले थे। हादसे में बचे हनीफ उर्फ बबलू ने लोगों को उस मनहूस रात का जो मंजर सुनाया, उससे उनके रोंगटे खड़े हो गए।
हनीफ ने बताया कि कार को बरेली से वही चलाकर ले जा रहा था। अमरोहा में वह अपने परिचित अमजद के घर रुका। वहां सभी ने चाय पी। यहां से रवाना होने के बाद नूरपुर में सभी ने एक होटल में खाना खाया। फिर कार तनवीर चलाने लगे। हनीफ बराबर वाली सीट पर बैठ गए। नहटौर पहुंचने पर कार तेज गति से दौड़ रही थी। हादसे से 100 मीटर पहले कार अचानक लहराने लगी। शायद टायर फट गया था। लहराकर कार पुलिया को तोड़ती हुई झील में जा गिरी। वह ऊपर उठा और अपनी साइड की खिड़की के खुले शीशे से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा और मदद के लिए चिल्लाने लगा।
उसकी आवाज सुनकर उधर से गुजर रहे पुलिस वाले आ गए। उन्होंने हनीफ को पानी से निकाल लिया। कार उसके सामने ही पानी में समा गई और इसके साथ ही चारों दोस्तों की आवाज थम गई। पुलिस ने रात में ही कार और शवों को बाहर निकाला। इस दौरान पीछे से आई दूसरी कार भी नहटौर में पेट्रोल पंप पर आकर रुकी। इस कार में सवार इजहार के मुताबिक वहां किसी ने बरेली का नाम लेकर कार दुर्घटना का जिक्र किया तो वह मौके की ओर दौड़े पड़े।
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अमरोहा निवासी अमजद के मुताबिक, उन्होंने रात में ही तनवीर व अन्य के मोबाइल पर कॉल की पर मोबाइल नहीं मिला। तभी उन्हें किसी अनहोनी का अहसास होने लगा था। बाद में हादसे की जानकरी मिली। नहटौर थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह के मुताबिक, झील में अगर पानी नहीं होता तो चारों की जान बच जाती। हनीफ ने बताया कि वह चिल्लाते ही रह गए और उनकी आंखों के सामने कार पानी में समा गई और दोस्तों की आवाजें भी थम गईं।
हनीफ ने बताया कि कार को बरेली से वही चलाकर ले जा रहा था। अमरोहा में वह अपने परिचित अमजद के घर रुका। वहां सभी ने चाय पी। यहां से रवाना होने के बाद नूरपुर में सभी ने एक होटल में खाना खाया। फिर कार तनवीर चलाने लगे। हनीफ बराबर वाली सीट पर बैठ गए। नहटौर पहुंचने पर कार तेज गति से दौड़ रही थी। हादसे से 100 मीटर पहले कार अचानक लहराने लगी। शायद टायर फट गया था। लहराकर कार पुलिया को तोड़ती हुई झील में जा गिरी। वह ऊपर उठा और अपनी साइड की खिड़की के खुले शीशे से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा और मदद के लिए चिल्लाने लगा।
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उसकी आवाज सुनकर उधर से गुजर रहे पुलिस वाले आ गए। उन्होंने हनीफ को पानी से निकाल लिया। कार उसके सामने ही पानी में समा गई और इसके साथ ही चारों दोस्तों की आवाज थम गई। पुलिस ने रात में ही कार और शवों को बाहर निकाला। इस दौरान पीछे से आई दूसरी कार भी नहटौर में पेट्रोल पंप पर आकर रुकी। इस कार में सवार इजहार के मुताबिक वहां किसी ने बरेली का नाम लेकर कार दुर्घटना का जिक्र किया तो वह मौके की ओर दौड़े पड़े।
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अमरोहा निवासी अमजद के मुताबिक, उन्होंने रात में ही तनवीर व अन्य के मोबाइल पर कॉल की पर मोबाइल नहीं मिला। तभी उन्हें किसी अनहोनी का अहसास होने लगा था। बाद में हादसे की जानकरी मिली। नहटौर थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह के मुताबिक, झील में अगर पानी नहीं होता तो चारों की जान बच जाती। हनीफ ने बताया कि वह चिल्लाते ही रह गए और उनकी आंखों के सामने कार पानी में समा गई और दोस्तों की आवाजें भी थम गईं।