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कर्जदार था शानू, मध्यस्थों ने की हत्या ताकि कर्ज देने वाले न करें तकादा
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हत्यारोपी।
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भुता ले जाकर शराब पिलाने के बाद मार दी गोली
जेल गए तीनों हत्यारोपी, बाइक और तमंचा बरामद
बरेली। व्यापारी शानू गुप्ता की हत्या के आरोपी हाफिजगंज के गांव अलियापुर निवासी राजपाल उर्फ राजू, बदायूं में दातागंज के मोहल्ला अरेला के सुनील शर्मा और सुरेश शर्मा नगर के विनय गुप्ता को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। तीनों उसे कर्ज दिलाने के बहाने ले गए और भुता के जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी।
बारादरी के सुरेश शर्मा नगर में रहने वाले व्यापारी शानू गुप्ता का शव 16 अक्तूबर को भुता के गांव दासपुर के जंगल में मिला था। दो गोली मारकर उनकी हत्या की गई थी। वह 14 अक्तूबर की सुबह करीब सात बजे घर से निकलने के बाद लापता हो गए। इस मामले में बारादरी पुलिस ने विनय गुप्ता, राजपाल उर्फ राजू और सुनील शर्मा को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। एसपी सिटी रवींद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान विनय गुप्ता ने बताया कि शानू ने उसकी दुकान में करीब साल भर पहले किराना की दुकान खोली थी। कारोबार के लिए उसने कई लोगों से शानू को कर्ज दिलाया था। मगर दुकान चल नहीं पाई और उसका कर्ज बढ़ता गया।
जिन लोगों से उसने कर्ज दिलाया था, वे लोग अपनी रकम वापस करने का दबाव बना रहे थे। इस वजह से उसने सोचा कि शानू नहीं होगा तो कर्ज देने वालों का तकादा बंद हो जाएगा और उसकी हत्या की साजिश रच डाली। शानू रुपयों के लिए परेशान था, इसलिए 14 अक्तूबर को उसे देहात के किसी व्यक्ति से कर्ज दिलाने के बहाने तीनों आरोपी शराब पिलाकर बाइक से भुता के जंगल में ले गए। वहां भी शराब पिलाई और फिर गोली मार दी। इसके बाद गमछे से गला कसने के बाद शव पानी में फेंककर भाग निकले। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सुनील की बाइक और एक तमंचा भी बरामद कर लिया है।
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हत्या के बाद आगरा चला गया विनय
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंतिम बार शानू को विनय शर्मा के साथ देखा गया था। शानू के लापता होने के बाद इलाज के बहाने आगरा चला गया। इससे पुलिस का शक गहराया। फिर सामने आया कि विनय के दो अन्य परिचित राजू और सुनील भी करीब महीने भर से शानू के संपर्क में थे। फिर कुछ लोगों ने 14 अक्तूबर को तीनों को शानू के साथ देखने की पुष्टि की तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मामला खुल गया।
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जेल गए तीनों हत्यारोपी, बाइक और तमंचा बरामद
बरेली। व्यापारी शानू गुप्ता की हत्या के आरोपी हाफिजगंज के गांव अलियापुर निवासी राजपाल उर्फ राजू, बदायूं में दातागंज के मोहल्ला अरेला के सुनील शर्मा और सुरेश शर्मा नगर के विनय गुप्ता को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। तीनों उसे कर्ज दिलाने के बहाने ले गए और भुता के जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी।
बारादरी के सुरेश शर्मा नगर में रहने वाले व्यापारी शानू गुप्ता का शव 16 अक्तूबर को भुता के गांव दासपुर के जंगल में मिला था। दो गोली मारकर उनकी हत्या की गई थी। वह 14 अक्तूबर की सुबह करीब सात बजे घर से निकलने के बाद लापता हो गए। इस मामले में बारादरी पुलिस ने विनय गुप्ता, राजपाल उर्फ राजू और सुनील शर्मा को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया। एसपी सिटी रवींद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान विनय गुप्ता ने बताया कि शानू ने उसकी दुकान में करीब साल भर पहले किराना की दुकान खोली थी। कारोबार के लिए उसने कई लोगों से शानू को कर्ज दिलाया था। मगर दुकान चल नहीं पाई और उसका कर्ज बढ़ता गया।
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जिन लोगों से उसने कर्ज दिलाया था, वे लोग अपनी रकम वापस करने का दबाव बना रहे थे। इस वजह से उसने सोचा कि शानू नहीं होगा तो कर्ज देने वालों का तकादा बंद हो जाएगा और उसकी हत्या की साजिश रच डाली। शानू रुपयों के लिए परेशान था, इसलिए 14 अक्तूबर को उसे देहात के किसी व्यक्ति से कर्ज दिलाने के बहाने तीनों आरोपी शराब पिलाकर बाइक से भुता के जंगल में ले गए। वहां भी शराब पिलाई और फिर गोली मार दी। इसके बाद गमछे से गला कसने के बाद शव पानी में फेंककर भाग निकले। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सुनील की बाइक और एक तमंचा भी बरामद कर लिया है।
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हत्या के बाद आगरा चला गया विनय
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंतिम बार शानू को विनय शर्मा के साथ देखा गया था। शानू के लापता होने के बाद इलाज के बहाने आगरा चला गया। इससे पुलिस का शक गहराया। फिर सामने आया कि विनय के दो अन्य परिचित राजू और सुनील भी करीब महीने भर से शानू के संपर्क में थे। फिर कुछ लोगों ने 14 अक्तूबर को तीनों को शानू के साथ देखने की पुष्टि की तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मामला खुल गया।