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Bareilly News: अदालत ने पलटा डीएम का फैसला एनएचएआई को भुगतान के आदेश
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बरेली। रिंग रोड के लिए सरनिया गांव में परिसंपत्तियों के मूल्यांकन के मामले में जिला जज सुधीर कुमार की अदालत ने डीएम का फैसला पलट दिया है। अदालत ने पूर्व में निर्धारित मुआवजे (12.48 करोड़ रुपये) को सही मानते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को एक माह के भीतर ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है। सरनिया गांव में एक भूखंड और उस पर बने स्ट्रक्चर का मुआवजा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) ने 12,48,72,386 रुपये तय किया था। बाद में एनएचएआई ने आपत्ति दाखिल की तो ऑर्बिट्रेटर की हैसियत से डीएम ने इसे घटाकर 1.72 करोड़ रुपये कर दिया था।
भू स्वामी सरनिया निवासी मोहम्मद शाहिद आदि ने जिला जज की अदालत में इस फैसले को चुनौती दी थी। ऑर्बिट्रेटर, एसएलएओ और एनएचएआई के परियोजना निदेशक को प्रतिवादी बनाया था।
करीब छह माह चली सुनवाई के बाद जिला जज सुधीर कुमार की अदालत ने फैसला सुनाया। मुआवजा घटाने से संबंधित जिलाधिकारी के 27 नवंबर 2024 के निर्णय को निरस्त करते हुए एसएलएओ की ओर से 6 जुलाई 2023 को निर्धारित मुआवजे को ही सही माना।
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इसी के खिलाफ एनएचएआई के तत्कालीन परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे ने डीएम के यहां ऑर्बिटेशन दाखिल किया था। एनएचएआई के मौजूदा परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया ने बताया कि फैसले का अध्ययन किया जा रहा है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। ब्यूरो
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भू स्वामी सरनिया निवासी मोहम्मद शाहिद आदि ने जिला जज की अदालत में इस फैसले को चुनौती दी थी। ऑर्बिट्रेटर, एसएलएओ और एनएचएआई के परियोजना निदेशक को प्रतिवादी बनाया था।
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करीब छह माह चली सुनवाई के बाद जिला जज सुधीर कुमार की अदालत ने फैसला सुनाया। मुआवजा घटाने से संबंधित जिलाधिकारी के 27 नवंबर 2024 के निर्णय को निरस्त करते हुए एसएलएओ की ओर से 6 जुलाई 2023 को निर्धारित मुआवजे को ही सही माना।
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इसी के खिलाफ एनएचएआई के तत्कालीन परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे ने डीएम के यहां ऑर्बिटेशन दाखिल किया था। एनएचएआई के मौजूदा परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया ने बताया कि फैसले का अध्ययन किया जा रहा है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। ब्यूरो