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Bareilly News: 60 सीढ़ियां चढ़कर स्वच्छता के 20वें पायदान पर शहर

Fri, 18 Jul 2025 06:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jul 2025 06:03 AM IST
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The city climbed 60 steps to reach 20th rank in cleanliness
बरेली। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 की रैंकिंग में जिले ने इस बार 60 सीढ़ियां चढ़कर देश के 20वें सबसे स्वच्छ शहर का खिताब हासिल किया है। पिछली बार जिला 80वें स्थान पर था। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, सीवर सिस्टम का दायरा बढ़ाने, बेहतर सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण में मिले अंकों से रैंकिंग में उछाल आया है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण की बृहस्पतिवार को जारी रैंकिंग में तीन से दस लाख जनसंख्या वाली श्रेणी में जिले को 20वां और प्रदेश के 771 स्थानीय निकायों में 17वां स्थान मिला है। अगर 17 नगर निगमों के आधार पर रैंकिंग का आकलन किया जाए तो जिले का स्थान 13वां है। इसमें दस लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगम भी शामिल हैं। अगर सिर्फ तीन से दस लाख तक की आबादी वाले नगर निगमों से तुलना करें तो बरेली सातवें स्थान पर है।
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गार्बेज फ्री (कचरा मुक्त शहर) की रैंकिंग में दूसरी बार एक स्टार मिला है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, वाटर प्लस के मानकों पर बरेली ने अलीगढ़, मेरठ, अयोध्या, शाहजहांपुर नगर निगम को पीछे छोड़ा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाकर नदी नालों तक जाने वाले गंदे पानी को साफ करके उपयोगी बनाया गया है।
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सीवर लाइन से शहर के अधिकतर हिस्सों को जोड़ा गया। नालों की सफाई व्यवस्था बेहतर रही। इसी कारण बरेली को वाटर प्लस सर्टिफिकेशन मिला। स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग दिल्ली में आयोजित समारोह में घोषित की गई। बरेली से अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय समारोह में शामिल हुए। ब्यूरो
पांच श्रेणियों में हुआ आकलन
स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार पांच श्रेणियां बनीं। छोटे शहर दो श्रेणियों में हैं। इसमें पहली श्रेणी में 20 हजार से कम व दूसरी में 20 से 50 हजार आबादी वाले शहर शामिल हैं। 50 हजार से तीन लाख आबादी वाले मध्यम और तीन से 10 लाख आबादी वाले बड़े शहर की श्रेणी में हैं। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहर मिलियन प्लस श्रेणी में हैं।

ऐसे सुधरी रैंकिंग
डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने में 2023 में 98 अब 100 प्रतिशत अंक
कूड़ा निस्तारण में पिछली बार 48, इस बार 73 प्रतिशत अंक
सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता में 90 से 95 प्रतिशत पर पहुंचे
आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की स्वच्छता में 88 से बढ़कर 100 प्रतिशत पर पहुंचे
तालाबों की स्वच्छता बनाए रखने में शत प्रतिशत अंक बनाए रखे
जगह-जगह कचरा फेंकने से रोकने पर गार्बेज फ्री का स्टार मिला
पहली बार आईईसी टीम ने सभी वार्डों में जागरूकता कार्यक्रम किए, जनभागीदारी बढ़ी

वर्षवार जिले की रैंकिंग
2024-20

2023-80

2022-137

2021-153

2020-149

2019-117

2018-322

2017-298



ये काम होते तो और बढ़ती रैंकिंग
कचरा मुक्त शहर बनाने के लिए सात स्टार रैंकिंग का प्रावधान है पर बरेली दूसरे साल भी एक स्टार पर ही अटका रहा।
ओडीएफ डबल प्लस का सर्टिफिकेट मिल चुका है पर स्मार्ट सिटी के सभी सार्वजनिक शौचालय संचालित नहीं हैं।
वर्षों सें बाकरगंज में एकत्रित कूड़े का निस्तारण पूरा नहीं हुआ। सराय तल्फी में एकत्रित कूड़े का निस्तारण शुरू नहीं हो सका।
गीला और सूखा कूड़ा सब जगह अलग-अलग एकत्रित नहीं हुआ। कूड़ा पृथक्करण में इस बार 46 अंक घट गए।
शहर में दस एमआरएफ सेंटर हैं, अधिकतर बंद पड़े।
40 पोर्टा केबिन खाली खड़े रहे, अगर संचालित होते तो रैंकिंग बढ़ती।
खुले डलावघर शहर की सुंदरता पर दाग बने रहे। रैंकिंग को भी प्रभावित किया।
शीर्ष-10 में आना लक्ष्य

हाल में ही वायु प्रदूषण कम करने में उल्लेखनीय सफलता मिली। अब स्वच्छता सर्वेक्षण में भी जनता के सहयोग से शहर की रैंकिंग सुधरी है। अब बरेली को स्वच्छ सर्वेक्षण में पहले स्थान की ओर ले जाने के लिए काम करेंगे। - उमेश गौतम, मेयर
अच्छे परिणाम के लिए निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ शहर के आम लोग भी बधाई के पात्र हैं। उनके सहयोग के बिना कुछ भी संभव नहीं। अब शीर्ष-10 में आने का लक्ष्य है। इसके लिए अभी से तैयारियां करनी होंगी। जीरो वेस्ट वार्ड बनाने की दिशा में काम शुरू भी हो गया है। - संजीव कुमार मौर्य
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12500 अंंकों से तय हुई रैंकिंग, बरेली को मिले 9913 अंक
पिछले साल 9,500 अंकों के आधार पर रैंकिंग दी गई थी। इस बार मूल्यांकन 12,500 अंकों के आधार पर किया गया। बरेली को 9913 अंक मिले। मूल्यांकन को कई हिस्सों में बांटा गया। पहले और दूसरे चरण में स्वच्छता संबंधी नगर निगम के दावों का सत्यापन किया गया। मौके का निरीक्षण, नागरिकों के फीडबैक और मूल्यांकन को महत्व दिया गया। इसके बाद नवाचार में नागरिक सहभागिता को देखा गया। नवाचार में रात में स्वच्छता चौपाल की गईं। चौराहों पर कबाड़ से सुंदर आकृतियां बनाईं गईं।

नगर आयुक्त ने स्वच्छता जागरूकता टीम का हौसला बढ़ाया
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्वच्छता जागरूकता में लगी आईईसी टीम का हौसला बढ़ाया। टीम के सदस्यों से कहा कि मेहनत करते रहें, ताकि शहर का स्थान और अच्छा किया जा सके।
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