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Bareilly News: जांचें बढ़ीं, पर घट रहा मलेरिया, संदिग्ध क्षेत्र में एक्टिव केस सर्च मुहिम जारी
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बरेली। मलेरिया से बचाव के प्रति जनजागरूकता या विभागीय कवायद, वजह कोई भी हो, लेकिन मलेरिया के मरीजों की संख्या में प्रभावी कमी दर्ज हो रही है। वर्ष 2024 के सापेक्ष 2025 में 40 फीसदी कम मरीज मिले। 2026 में संदिग्ध क्षेत्र में एक्टिव सर्च मुहिम से 15 मरीज ही मिले हैं।
विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2020 में 11,686 मरीज मिले थे। क्रमवार 2021 में 2,362, 2022 में 1806, 2023 में 3,490, 2024 में 2,817, 2025 में 1,938 मरीज ही मिले, जबकि 2021 में 2.11 लाख, 2022 में 2.70 लाख, 2023 में 3.20, 2024 में 4.08 लाख, 2025 में 4.18 लाख ब्लड सैंपल की जांच हुई। बीते चार साल में मलेरिया से कोई मौत नहीं हुई। वहीं, जनवरी से अब तक 84,214 जांच में 15 मरीज मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक नियमित निगरानी, निरोधात्मक कार्रवाई और जनसहयोग से मच्छरों पर वार हुआ।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण के लिए प्रति वर्ष तीन बार अप्रैल, जुलाई, अक्तूबर में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाता है। फॉगिंग, स्प्रे, आईआरएस, झाड़ियाें की सफाई का काम होता है।
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मलेरिया दिवस पर शनिवार को सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने कार्यालय परिसर में मलेरिया रोग नियंत्रण के लिए शासनादेश के तहत सभी अफसर और कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। बताया कि अब प्रत्येक मरीज को मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड दिया जा रहा है। ताकि उनकी निगरानी और दवा का कोर्स पूरा हो सके। फॉलोअप जांच भी जारी है। एक मई से आईआरएस मुहिम शुरू होगी। इसकी तैयारियां कर ली गई हैं।
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विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2020 में 11,686 मरीज मिले थे। क्रमवार 2021 में 2,362, 2022 में 1806, 2023 में 3,490, 2024 में 2,817, 2025 में 1,938 मरीज ही मिले, जबकि 2021 में 2.11 लाख, 2022 में 2.70 लाख, 2023 में 3.20, 2024 में 4.08 लाख, 2025 में 4.18 लाख ब्लड सैंपल की जांच हुई। बीते चार साल में मलेरिया से कोई मौत नहीं हुई। वहीं, जनवरी से अब तक 84,214 जांच में 15 मरीज मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक नियमित निगरानी, निरोधात्मक कार्रवाई और जनसहयोग से मच्छरों पर वार हुआ।
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राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण के लिए प्रति वर्ष तीन बार अप्रैल, जुलाई, अक्तूबर में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाता है। फॉगिंग, स्प्रे, आईआरएस, झाड़ियाें की सफाई का काम होता है।
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मलेरिया दिवस पर शनिवार को सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने कार्यालय परिसर में मलेरिया रोग नियंत्रण के लिए शासनादेश के तहत सभी अफसर और कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। बताया कि अब प्रत्येक मरीज को मलेरिया ट्रीटमेंट कार्ड दिया जा रहा है। ताकि उनकी निगरानी और दवा का कोर्स पूरा हो सके। फॉलोअप जांच भी जारी है। एक मई से आईआरएस मुहिम शुरू होगी। इसकी तैयारियां कर ली गई हैं।