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बरेली: जलाल और जमाल का संगम थे तहसीन-ए-मिल्लत
Sat, 11 Feb 2023 02:24 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 11 Feb 2023 02:24 AM IST
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बरेली। मजहर-ए-मुफ्ती आजम हिंद हजरत तहसीन रजा खां के कुल में जायरीन का हुजूम उमड़ा। कुल के बाद मस्जिदों में लोगों को नमाज पढ़ने की जगह नहीं मिली तो दूसरे मोहल्लों की मस्जिदों में नमाज अदा करनी पड़ी। खानकाह हसनी रजवी तहसीनी में चल रहे उर्स-ए-तहसीनी के आखिरी दिन शुक्रवार को सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खां नूरी की सपरस्ती में मसलके आला हजरत काॅन्फ्रेंस’ का आयोजन किया गया। इसमें नबीर-ए-आला हजरत मुफ्ती अरसलान रजा खां ने तकरीर की शुरुआत सदरुल उलमा को खिराजे अकीदत से की। कहा कि हुजूर तहसीन-ए-मिल्लत जलाल और जमाल के संगम थे। मौलाना इरफानुल हक तहसीनी ने कहा कि हुजूर सदरुल उलमा के नक्शे कदम पर जिंदगी गुजारी जाए। साहिब-ए-सज्जादा के छोटे साहिबजादे अमान रजा खां तहसीनी ने कहा- खुदा अहले सुन्नत को आबाद रखे, मेरे आका का मीलाद होता रहेगा। प्रबंधक इंजीनियर सुहेब रजा खां मौलाना नजीब रजा खां, इश्तियाक तहसीनी, महताब सिब्तैनी आदि ने नात-ओ-मनकबत पेश किया।
दोपहर 12:30 बजे हजरत तहसीन रजा खां के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। साहिबे सज्जादा ने शजरा पढ़ने के बाद दुआ की। निजामत कारी नाजिर अली तहसीनी ने किया। नबीर-ए-आला हजरत कारी तस्लीम रजा खां, मौलाना सिराज रजा खां नूरी, मोअज्जम रजा खां, मुफ्ती काजी शहीद आलम, मुफ्ती खुर्शीद मुस्तफा, मौलाना खुर्शीद मिस्वाही, सफवान रजा खां आदि मौजूद रहे।
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अहसन मियां की ओर से पेश की गई चादर
बरेली। उर्स के आखिरी दिन भी तमाम क्षेत्रों से आईं चादरें पेश की गईं। इसमें खास तौर से दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी (अहसन मियां) की ओर से हजरत तहसीन मियां के मजार शरीफ पर चादर पेश की गई। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवेज नूरी, शाहिद नूरी, औरंगजेब नूरी व ताहिर अल्वी के नेतृत्व में गुलपोशी और चादरपोशी की गई। टीटीएस जिलाध्यक्ष मंजूर खान, जोहिब रजा, मुजाहिद बेग, नईम नूरी, इरशाद रजा, सुहैल रजा, मोहसिन रजा मौजूद रहे।
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प्रशासन का शुक्रिया: दरगाह के तहसीनी के प्रवक्ता सगीर उद्दीन नूरी ने सहयोग के लिए जिला प्रशासन व पुलिस का शुक्रिया अदा किया है।
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इनका रहा सहयोग:
उर्स में अनवर बेग, जकी तहसीनी, काशिफ तहसीनी, अनीस खां तहसीनी, बबलू खान, रईस तहसीनी, वसीम तहसीनी, अब्दुल वाजिद खां नूरी, हाजी अब्बास नूरी का सहयाेग रहा। ताजुश्शरिया अस्पताल के डॉ. बाबू रजा तहसीनी ने दस ऑपरेशन नि:शुल्क करने की घोषणा की है।
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दोपहर 12:30 बजे हजरत तहसीन रजा खां के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। साहिबे सज्जादा ने शजरा पढ़ने के बाद दुआ की। निजामत कारी नाजिर अली तहसीनी ने किया। नबीर-ए-आला हजरत कारी तस्लीम रजा खां, मौलाना सिराज रजा खां नूरी, मोअज्जम रजा खां, मुफ्ती काजी शहीद आलम, मुफ्ती खुर्शीद मुस्तफा, मौलाना खुर्शीद मिस्वाही, सफवान रजा खां आदि मौजूद रहे।
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अहसन मियां की ओर से पेश की गई चादर
बरेली। उर्स के आखिरी दिन भी तमाम क्षेत्रों से आईं चादरें पेश की गईं। इसमें खास तौर से दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी (अहसन मियां) की ओर से हजरत तहसीन मियां के मजार शरीफ पर चादर पेश की गई। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवेज नूरी, शाहिद नूरी, औरंगजेब नूरी व ताहिर अल्वी के नेतृत्व में गुलपोशी और चादरपोशी की गई। टीटीएस जिलाध्यक्ष मंजूर खान, जोहिब रजा, मुजाहिद बेग, नईम नूरी, इरशाद रजा, सुहैल रजा, मोहसिन रजा मौजूद रहे।
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प्रशासन का शुक्रिया: दरगाह के तहसीनी के प्रवक्ता सगीर उद्दीन नूरी ने सहयोग के लिए जिला प्रशासन व पुलिस का शुक्रिया अदा किया है।
इनका रहा सहयोग:
उर्स में अनवर बेग, जकी तहसीनी, काशिफ तहसीनी, अनीस खां तहसीनी, बबलू खान, रईस तहसीनी, वसीम तहसीनी, अब्दुल वाजिद खां नूरी, हाजी अब्बास नूरी का सहयाेग रहा। ताजुश्शरिया अस्पताल के डॉ. बाबू रजा तहसीनी ने दस ऑपरेशन नि:शुल्क करने की घोषणा की है।