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किशोरों का स्वास्थ्य सुधारने में जुटेगी टीम
बरेली।
Updated Sat, 04 Mar 2017 01:05 AM IST
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हेल्थ
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दस से 19 साल के किशोरों में शारीरिक और मानसिक कई तरह के परिवर्तन होते हैं। बदलावों को समझ पाने में कभी- कभी इन्हें समस्या भी होती है जिसके चलते ये गलत कदम उठाते हैं। इसलिए इनकी समस्या को सुनने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम अभियान चलाएगी। स्कूल और आंगनबाड़ी में जाकर बच्चाें के सेहत की जांच होगी और इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इसे अभियान के रूप में चलाया जाएगा। शुक्रवार को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें के प्रभारियों के साथ जिला अस्पताल में बैठक आयोजित की गई। नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि 15 ब्लाक और जिला अस्पताल के दो काउंसलर को मिलाकर 17 काउंसलर हफ्ते में एक दिन स्कूलाें में जाएंगे। यहां बच्चों का वजन नापा जाएगा और उनकी समस्याएं पूछेंगे। किशोरों को आयरन, अलबंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। किशोरियों को सेनेट्री नैपकिन बांटे जाने हैं। पिछले कई सालाें से यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाया जा रहा है, लेकिन इस बार इसकी रिपोर्टिंग पर जोर रहेगा। जिले में 8 लाख 81 हजार 271 बच्चाें को इसमें शामिल किया गया है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इसे अभियान के रूप में चलाया जाएगा। शुक्रवार को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें के प्रभारियों के साथ जिला अस्पताल में बैठक आयोजित की गई। नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि 15 ब्लाक और जिला अस्पताल के दो काउंसलर को मिलाकर 17 काउंसलर हफ्ते में एक दिन स्कूलाें में जाएंगे। यहां बच्चों का वजन नापा जाएगा और उनकी समस्याएं पूछेंगे। किशोरों को आयरन, अलबंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। किशोरियों को सेनेट्री नैपकिन बांटे जाने हैं। पिछले कई सालाें से यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाया जा रहा है, लेकिन इस बार इसकी रिपोर्टिंग पर जोर रहेगा। जिले में 8 लाख 81 हजार 271 बच्चाें को इसमें शामिल किया गया है।
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