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Bareilly News: लीलौर झील में किशोर डूबा, सुबह मिला शव
Thu, 25 Sep 2025 03:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 25 Sep 2025 03:46 AM IST
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सिरौली। महाभारतकालीन लीलौर झील (यक्ष सरोवर) में डूबकर लीलौर बुजुर्ग निवासी नरेश कुमार सिंह के 16 वर्षीय पुत्र जितेंद्र उर्फ भूरा की मौत हो गई। गोताखोरों की मदद से बुधवार सुबह किशोर का शव झील से बाहर निकाला जा सका। पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित की जा रही इस झील पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। इसको लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।
परिजनों ने बताया कि जितेंद्र मंगलवार को दोपहर दो बजे स्कूल से आया था। बैग रखने के बाद वह घूमने जाने की बात कहकर घर से निकल गया। देर शाम तक जब वह लौटकर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू की गई। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला।
रात करीब डेढ़ बजे ग्रामीणों को जितेंद्र के कपड़े व चप्पलें झील के किनारे रखे मिले। अनहोनी की आशंका पर परिजनों ने तत्काल सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया।
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सुबह करीब छह बजे किशोर का शव झील से बाहर निकाला गया। इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। किशोर के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
चौकीदार तैनात करने की मांग
महाभारतकालीन इस झील को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। झील का सुंदरीकरण होने के साथ ही यहां स्टीमर भी चल रही है। पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। इसके बाद भी यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि कोई टोकने वाला न होने से छोटे-छोटे बच्चे भी नाव लेकर झील में उतर जाते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका हर समय बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि यहां चौकीदार तैनात किया जाए।
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परिजनों ने बताया कि जितेंद्र मंगलवार को दोपहर दो बजे स्कूल से आया था। बैग रखने के बाद वह घूमने जाने की बात कहकर घर से निकल गया। देर शाम तक जब वह लौटकर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू की गई। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला।
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रात करीब डेढ़ बजे ग्रामीणों को जितेंद्र के कपड़े व चप्पलें झील के किनारे रखे मिले। अनहोनी की आशंका पर परिजनों ने तत्काल सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया।
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सुबह करीब छह बजे किशोर का शव झील से बाहर निकाला गया। इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। किशोर के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
चौकीदार तैनात करने की मांग
महाभारतकालीन इस झील को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। झील का सुंदरीकरण होने के साथ ही यहां स्टीमर भी चल रही है। पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। इसके बाद भी यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि कोई टोकने वाला न होने से छोटे-छोटे बच्चे भी नाव लेकर झील में उतर जाते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका हर समय बनी रहती है। उन्होंने मांग की कि यहां चौकीदार तैनात किया जाए।