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पुरानी दरों से ही होगी टैक्स वसूली
बरेली
Updated Sat, 21 Feb 2015 01:25 AM IST
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पिछले साल सितंबर में नगर निगम बोर्ड ने टैक्स की दरें कम करने का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा था। शासन ने नगर आयुक्त को ही टैक्स की विसंगतियों पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। इस पर नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने उप नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी ने लक्ष्य से कम टैक्स वसूली देखते हुए पुरानी दरों से टैक्स वसूलने की संस्तुति की।
अब करदाताओं को चालू वित्तीय वर्ष में अपने इलाके के सर्किल रेट के आधार पर गृह, सीवर और जलकर पुरानी दरों से चुकता करना होगा। इस निर्णय से 92 हजार से ज्यादा करदाताओं को राहत मिलेगी। 31 मार्च के बाद टैक्स चुकाने वाले करदाताओं से 12 प्रतिशत ब्याज वसूला जाएगा। वित्तीय वर्ष 2015-16 से टैक्स की दरें पुनरीक्षित होंगी। जिन लोगों ने नई दरों से बिल जमा कर दिया था, उनकी अतिरिक्त धनराशि अगले वित्तीय वर्ष के टैक्स में समायोजित कर दी जाएगी।
बता दें कि अप्रैल 2014 से नगर निगम ने शहर में टैक्स की बढ़ी दरें लागू कर दी थीं। आवासीय और कामर्शियल में अचानक छह से आठ गुना ज्यादा टैक्स बिल मिलने से करदाता परेशान होने लगे। टैक्स वसूली भी लक्ष्य से काफी कम रही। बढ़ी दरों पर टैक्स वसूली में नए घपले सामने आ रहे हैं। कर्मचारी नगर में बढ़ी दरों से कर वसूली के घपले में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर को निलंबित तक किया जा चुका है।
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‘कमेटी की रिपोर्ट पर नगर आयुक्त ने चालू वर्ष में कर वसूली पुरानी दरों से ही करने के आदेश दिए हैं। टैक्स वसूली पर करदाता भ्रम में थे। अब करदाता अपना टैक्स जल्दी अदा करें। टैक्स न जमा करने वाले करदाताओं से 31 मार्च के बाद 12 प्रतिशत की दर से ब्याज भी वसूला जाएगा।’ ईश शक्ति कुमार सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम
कर वसूली ब्योरा (आंकड़े लगभग में)
शहर में कुल करदाता - 92 हजार
कामर्शियल करदाता - 6.5 हजार
वार्षिक कर वसूली लक्ष्य - 49 करोड़
अब तक कर वसूली - 15 करोड़ से कम (अनुमानित)
अब करदाताओं को चालू वित्तीय वर्ष में अपने इलाके के सर्किल रेट के आधार पर गृह, सीवर और जलकर पुरानी दरों से चुकता करना होगा। इस निर्णय से 92 हजार से ज्यादा करदाताओं को राहत मिलेगी। 31 मार्च के बाद टैक्स चुकाने वाले करदाताओं से 12 प्रतिशत ब्याज वसूला जाएगा। वित्तीय वर्ष 2015-16 से टैक्स की दरें पुनरीक्षित होंगी। जिन लोगों ने नई दरों से बिल जमा कर दिया था, उनकी अतिरिक्त धनराशि अगले वित्तीय वर्ष के टैक्स में समायोजित कर दी जाएगी।
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बता दें कि अप्रैल 2014 से नगर निगम ने शहर में टैक्स की बढ़ी दरें लागू कर दी थीं। आवासीय और कामर्शियल में अचानक छह से आठ गुना ज्यादा टैक्स बिल मिलने से करदाता परेशान होने लगे। टैक्स वसूली भी लक्ष्य से काफी कम रही। बढ़ी दरों पर टैक्स वसूली में नए घपले सामने आ रहे हैं। कर्मचारी नगर में बढ़ी दरों से कर वसूली के घपले में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर को निलंबित तक किया जा चुका है।
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‘कमेटी की रिपोर्ट पर नगर आयुक्त ने चालू वर्ष में कर वसूली पुरानी दरों से ही करने के आदेश दिए हैं। टैक्स वसूली पर करदाता भ्रम में थे। अब करदाता अपना टैक्स जल्दी अदा करें। टैक्स न जमा करने वाले करदाताओं से 31 मार्च के बाद 12 प्रतिशत की दर से ब्याज भी वसूला जाएगा।’ ईश शक्ति कुमार सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम
कर वसूली ब्योरा (आंकड़े लगभग में)
शहर में कुल करदाता - 92 हजार
कामर्शियल करदाता - 6.5 हजार
वार्षिक कर वसूली लक्ष्य - 49 करोड़
अब तक कर वसूली - 15 करोड़ से कम (अनुमानित)