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Bareilly News: शुल्क ले रहे पूरा, सुविधाएं देने में फिसड्डी
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बरेली कॉलेज के मैदान की स्थिति खराब, होते रहते हैं अन्य सामाजिक आयोजन
बरेली। बरेली कॉलेज में विद्यार्थियों से क्रीड़ा शुल्क तो पूरा वसूला जा रहा है, लेकिन खेल सुविधाएं मुहैया कराने में जिम्मेदार फिसड्डी साबित हो रहे हैं।
कॉलेज में अध्ययनरत 13 हजार विद्यार्थियों से पंजीकरण के दौरान ही 150-150 रुपये क्रीड़ा शुल्क वसूल लिया जाता है। इसमें 50 रुपये विवि का तो 100 रुपये कॉलेज का हिस्सा होता है। इस तरह हर साल कॉलेज के पास 13 लाख तो विवि में 6.5 लाख रुपये जमा हो रहे हैं, लेकिन खेल सुविधाओं का अकाल बना हुआ है।
परिसर में बने मैदान की स्थिति खराब होती जा रही है। खेलों के लिए न तो कोई योजना है, न ही कोच। समय-समय होने वाले सामाजिक आयोजन मैदान की सूरत बिगाड़ रहे हैं। जिम्मेदार सुविधाएं मुहैया कराने की हामी तो भरते हैं, पर ऐसा हो नहीं पा रहा है। इस वजह से बीते कई वर्षों से कॉलेज के खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में कोई उल्लेखनीय प्रदर्शन भी नहीं कर सके हैं।
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-- -खेल सुविधाओं को सुधारने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थियों के हित में अव्यवस्थाओं को दूर किया जाएगा। - प्रो. ओपी रॉय, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
संवाद
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बरेली। बरेली कॉलेज में विद्यार्थियों से क्रीड़ा शुल्क तो पूरा वसूला जा रहा है, लेकिन खेल सुविधाएं मुहैया कराने में जिम्मेदार फिसड्डी साबित हो रहे हैं।
कॉलेज में अध्ययनरत 13 हजार विद्यार्थियों से पंजीकरण के दौरान ही 150-150 रुपये क्रीड़ा शुल्क वसूल लिया जाता है। इसमें 50 रुपये विवि का तो 100 रुपये कॉलेज का हिस्सा होता है। इस तरह हर साल कॉलेज के पास 13 लाख तो विवि में 6.5 लाख रुपये जमा हो रहे हैं, लेकिन खेल सुविधाओं का अकाल बना हुआ है।
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परिसर में बने मैदान की स्थिति खराब होती जा रही है। खेलों के लिए न तो कोई योजना है, न ही कोच। समय-समय होने वाले सामाजिक आयोजन मैदान की सूरत बिगाड़ रहे हैं। जिम्मेदार सुविधाएं मुहैया कराने की हामी तो भरते हैं, पर ऐसा हो नहीं पा रहा है। इस वजह से बीते कई वर्षों से कॉलेज के खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में कोई उल्लेखनीय प्रदर्शन भी नहीं कर सके हैं।
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