चिन्मयानंद केस: जमानत के बाद पहली पेशी के लिए अदालत नहीं पहुंची छात्रा, हो सकती है दोस्तों की रिहाई
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चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी छात्रा बुधवार को मुकदमे की तारीख पर नहीं पहुंची। उसने अपने वकील कलविंदर के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर अपनी हाजिरी माफी करवा ली। बाकी तीन आरोपियों संजय, सचिन और विक्रम को जिला कारागार से लाकर कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट में मुकदमा संबंधी पत्रावली पर हस्ताक्षर करने के बाद तीनों को वापस जेल भेज दिया गया। मुकदमे की अगली तारीख 6 जनवरी तय की गई है। फिरौती मांगने के मामले में आरोपी तिलहर के गांव बंथरा निवासी संजय सिंह, विक्रम सिंह और गाजियाबाद निवासी सचिन सेंगर 20 सितंबर से जिला कारागार में बंद हैं। वहीं छात्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद 11 दिसंबर को जेल से रिहा कर दिया गया था।
सचिन और विक्रम की जमानती दाखिल
सचिन और विक्रम की जमानत मंजूरी का आदेश बुधवार को सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दिया गया। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह ने एक-एक लाख रुपये के दो-दो जमानती दाखिल करने का आदेश दिया। इसके बाद दो-दो जमानती दाखिल किए गए। इन्हें सत्यापन के लिए संबंधित थाने और तहसील भेजा गया है। सत्यापन के बाद दोनों आरोपियों की रिहाई संभव होगी।
तारीख पर पेश नहीं हुए भाजपा नेता, फिर समन जारी
चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपये फिरौती मांगने के मामले में आरोपी जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन डीपीएस राठौर और भाजपा नेता अजीत सिंह को भी मुकदमे की तारीख पर बुधवार को आना था, लेकिन वे कोर्ट नहीं पहुंचे। हालांकि कोर्ट की ओर से दोनों को समन तामील कराए जा चुके हैं। बुधवार को भी हाजिर न होने पर कोर्ट ने दोनों को दोबारा समन जारी किया है।