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अस्पताल की छत से बच्चे को फेंका और खुद भी कूदा मौत
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बरेली। डीडीपुरम के एक अस्पताल में भर्ती संजयनगर के कन्फेक्शनरी दुकानदार 35 वर्षीय दीपक कश्यप अपने नौ वर्षीय बेटे दिव्यांश को चौथी मंजिल से नीचे फेंकने के बाद खुद भी कूद गया। सिर में चोट लगने से दिव्यांश की तो मौके पर ही मौत हो गई, लहूलुहान दीपक को अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन कुछ देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। परिवार वालों के मुताबिक दीपक शराब की लत का शिकार था और कुछ समय से तंगी के दौर से भी गुजर रहा था।
मां चंद्रावती के मुताबिक लॉकडाउन में उसकी दुकान चौपट हो गई थी और परिवार तंगी से गुजर रहा था। शराब छुड़ाने को दीपक का इलाज कराने के लिए वे लोग उसे 15 जून को अस्पताल में दिखाने पहुंचे थे। डॉक्टर के कहने पर सप्ताह भर के इलाज के लिए उसे जनरल वार्ड में भर्ती करा दिया गया जो अस्पताल की चौथी मंजिल पर है। दो दिन बाद ही दीपक अस्पताल से छुट्टी कराने को कहने लगा। उसने बहुत ज्यादा जिद की तो शुक्रवार को वह दीपक के बेटे दिव्यांश, अपनी बेटी आरती और दामाद नरेश के साथ दीपक की छुट्टी कराने अस्पताल पहुंची थीं। दीपक से मिलने के बाद उन्होंने दिव्यांश को उसी के पास छोड़ दिया और काउंटर पर डिस्चार्ज पेपर बनवाने लगे। दोपहर करीब डेढ़ बजे दीपक बेटे दिव्यांश को लेकर वार्ड से बाहर निकल गया और बालकनी में जाकर उसे चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया और फिर खुद भी नीचे कूद गया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डॉक्टर ने दीपक की छुट्टी कराने से मना किया था लेकिन परिवार वाले तंगी का हवाला देकर उसे डिस्चार्ज कराकर ले जा रहे थे।
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मां चंद्रावती के मुताबिक लॉकडाउन में उसकी दुकान चौपट हो गई थी और परिवार तंगी से गुजर रहा था। शराब छुड़ाने को दीपक का इलाज कराने के लिए वे लोग उसे 15 जून को अस्पताल में दिखाने पहुंचे थे। डॉक्टर के कहने पर सप्ताह भर के इलाज के लिए उसे जनरल वार्ड में भर्ती करा दिया गया जो अस्पताल की चौथी मंजिल पर है। दो दिन बाद ही दीपक अस्पताल से छुट्टी कराने को कहने लगा। उसने बहुत ज्यादा जिद की तो शुक्रवार को वह दीपक के बेटे दिव्यांश, अपनी बेटी आरती और दामाद नरेश के साथ दीपक की छुट्टी कराने अस्पताल पहुंची थीं। दीपक से मिलने के बाद उन्होंने दिव्यांश को उसी के पास छोड़ दिया और काउंटर पर डिस्चार्ज पेपर बनवाने लगे। दोपहर करीब डेढ़ बजे दीपक बेटे दिव्यांश को लेकर वार्ड से बाहर निकल गया और बालकनी में जाकर उसे चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया और फिर खुद भी नीचे कूद गया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डॉक्टर ने दीपक की छुट्टी कराने से मना किया था लेकिन परिवार वाले तंगी का हवाला देकर उसे डिस्चार्ज कराकर ले जा रहे थे।
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