Bareilly News: 20 हजार नहीं दिए तो दरोगा ने कराया मुकदमा, खत्म करने के लिए 10 हजार लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
बरेली के शीशगढ़ थाने की बंजरिया चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह को एंटी करप्शन टीम ने चौकी में ही 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के मुकदमे को खत्म करने के लिए चौकी इंचार्ज ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
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हामिद ने एंटी करप्शन टीम को बताया था कि उसके भाई के खिलाफ एक शिकायती पत्र चौकी में दिया गया था। जितेंद्र शिकायती पत्र के निस्तारण के लिए 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। रिश्वत न देने पर बीती 12 जून को शीशगढ़ थाने में उसी शिकायती पत्र पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अब मुकदमे के निस्तारण के लिए चौकी प्रभारी ने 10 हजार रुपये की मांग की थी।
इस शिकायत पर एंटी करप्शन टीम शनिवार दोपहर दिए गए समय पर हामिद के साथ चौकी पहुंची। उस वक्त वहां दरोगा जितेंद्र कमरे में अकेला था। हामिद से दस हजार रुपये लेते ही उसे पकड़ लिया गया। वहां से जितेंद्र को भोजीपुरा थाने ले जाया गया। हरियाणा के पलवल निवासी जितेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उसे निलंबित कर दिया गया है।
एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने चौकी के अंदर चौकी इंचार्ज को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के बाद उसके कक्ष की तलाशी ली। यहां तख्त पर नीले रंग का बैग मिला। बैग खोलने पर उसमें 1,06,650 रुपये मिले। चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने बताया कि ये रुपये फॉलोअर नरेश रस्तोगी उर्फ बाबू के हैं। मकान बनवाने के लिए उसने कर्मचारियों के चंदे से जुटाए हैं, जो उनके पास रखे हैं।
इसमें 1650 रुपये उन्हें लोकसभा चुनाव ड्यूटी से प्राप्त हुए हैं। चौकी इंचार्ज बरामद रुपये के संबंध में कोई प्रामाणिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सके। एंटी करप्शन की टीम ने माना कि बरामद रकम भी अवैध उगाही कर वसूली गई है। टीम ने रुपये को बैग समेत सील कर दिया। चौकी इंजार्च को निलंबित कर दिया गया है।
मुकदमा दर्ज कराने के लिए 16000 रुपये लेने का भी आरोप
शीशगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नरसुआ निवासी मुस्कान बी ने पांच लोगों पर दहेज का मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़िता के पिता का आरोप है कि चौकी इंचार्ज बंजरिया ने उनसे रिपोर्ट लिखवाने के 16 हजार रुपये लिए। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तब उन्होंने दरोगा की शिकायत आईजी से की थी, लेकिन उस मामले में पुलिस ने जांच का हवाला देकर टाल दिया। अभी कोई कार्रवाई नहीं की।