{"_id":"5e35daef8ebc3e99ef4f8f7e","slug":"students-are-happy-with-the-government-s-move-to-improve-education-bareilly-news-bly3941936181","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा में सुधार को लेकर सरकार के कदम से छात्र-छात्राएं खुश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा में सुधार को लेकर सरकार के कदम से छात्र-छात्राएं खुश
विज्ञापन
बजट पर अपनी राय रखते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट बढ़ाए जाने से खुशी है। विद्यार्थियों का कहना है कि इससे भारतीय विश्वविद्यालयों में एफडीआई आएगी। शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। साथ ही विश्वविद्यालयों में स्किल डेवलपमेंट के लिए अपरेंटिस योजना से विश्वविद्यालयों से निकलने वाले छात्रों को रोजगार की कमी नहीं रहेगी। इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों में बदलने की योजना भी अच्छी है। सरकार की स्ट्डी इन इंडिया स्लोगन के साथ घोषित की गई योजनाएं काफी अच्छी बताई गईं।
छात्रा स्वाति सिंह ने कहा कि जो लोग कामकाजी हैं और वह पढ़ नहीं पा रहे उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई काफी कारगर साबित होगी। वहीं सारिका केसरवानी ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में एफडीआई आने से क्रांति आएगी पर पढ़ाई भी महंगी हो सकती है। आस्था, शशांक और ऋषभ ने कहा कि सरकार ने इस बजट में शिक्षा पर्यावरण आदि क्षेत्रों पर अच्छा काम किया है। चित्रांशी, शुभम, मुस्कान ने कहा कि जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज बनाने और 150 विश्वविद्यालय में अप्रेंटिस बेस्ड रिसर्च वर्क शुरू करने से उद्योगों को एक्सपर्ट मिलेंगे, जिससे हमारे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार आएगा। अहमद रजा, निदा, दिव्यांशु मकसूम, अंकित, अतुल पवन, अरुण, अनिरुद्घ, आशुतोष आदि ने भी बजट में शिक्षा के प्रावधानों को छात्र हित में बताया।
विज्ञापन
छात्रा स्वाति सिंह ने कहा कि जो लोग कामकाजी हैं और वह पढ़ नहीं पा रहे उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई काफी कारगर साबित होगी। वहीं सारिका केसरवानी ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में एफडीआई आने से क्रांति आएगी पर पढ़ाई भी महंगी हो सकती है। आस्था, शशांक और ऋषभ ने कहा कि सरकार ने इस बजट में शिक्षा पर्यावरण आदि क्षेत्रों पर अच्छा काम किया है। चित्रांशी, शुभम, मुस्कान ने कहा कि जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज बनाने और 150 विश्वविद्यालय में अप्रेंटिस बेस्ड रिसर्च वर्क शुरू करने से उद्योगों को एक्सपर्ट मिलेंगे, जिससे हमारे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार आएगा। अहमद रजा, निदा, दिव्यांशु मकसूम, अंकित, अतुल पवन, अरुण, अनिरुद्घ, आशुतोष आदि ने भी बजट में शिक्षा के प्रावधानों को छात्र हित में बताया।
विज्ञापन