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Bareilly News: आम बजट से खास उम्मीदें... कर-महंगाई से राहत, युवाओं को नौकरी की चाहत

Fri, 31 Jan 2025 02:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2025 02:04 AM IST
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Special expectations from the general budget... Relief from taxes and inflation, youth want jobs
बरेली। एक दिन बाद केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी। देश के विकास का पहिया किस रफ्तार से घूमेगा, यह इस बजट से ही तय होगा। उद्यमियों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों की उम्मीदें भी इस बजट से जुड़ीं हैं। किसी को कर में राहत चाहिए तो किसी को नौकरी की दरकार है। महंगाई की मार झेल रहे लोग भी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। गृहणियों को उम्मीद है कि इस आम बजट से उनकी रसोई का बजट सुधरेगा। बच्चों की पढ़ाई और इलाज के खर्च में भी कटौती होगी। विभिन्न वर्ग के लोगों से हुई बातचीत के आधार पर पेश है रिपोर्ट...। संवाद
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सस्ती हों घरेलू जरूरत की चीजें
सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र अरोड़ा का मानना है कि पेंशनरों को टैक्स से राहत मिलनी चाहिए। बसों-ट्रेनों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलनी चाहिए। उनकी पत्नी सरोज बाला चाहती हैं कि किराना, सब्जी सहित घरेलू जरूरत के अन्य सामान सस्ते हों। गृहिणी मनीषा गंगवार का कहना है कि दालें, चावल, गेहूं, आटा, तेल, और अन्य बुनियादी सामग्री की कीमतों पर नियंत्रण जरूरी है। निम्न आय वर्ग के परिवारों का ध्यान रखना चाहिए। शिक्षक अरविंद गंगवार का कहना है कि पढ़ाई सस्ती होनी चाहिए।
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.सरकारी अस्पतालों को करें विकसित
इलेक्ट्राॅनिक गुड्स और इलेक्टि्रक वाहन सस्ते होने चाहिए। सरकारी अस्पतालों को विकसित किया जाना चाहिए। शिक्षा लोन सस्ते हों। पेंशनर्स को इनकम टैक्स से मुक्त किया जाना चाहिए। रिटायर्ड लोगों को खरीदारी के लिए सुविधा दी जानी चाहिए। - खान इकबाल, शिक्षक
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बजट में आम आदमी और उसकी जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। सभी देशवासियों को सस्ती दरों पर सरकारी चिकित्सा की उचित व्यवस्था हो। आयकर छूट की सीमा बढ़े तथा पेंशनर्स को आयकर रिटर्न भरने से छूट मिले। - सुरेश बाबू मिश्रा, साहित्यकार

युवाओं को चाहिए रोजगार
बजट में युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रावधान होने चाहिए। जो युवा इधर-उधर भटक रहे हैं, उन्हें रोजगार का अवसर मिलना चाहिए, जिससे वह आर्थिक तंगी से निजात पा सकें। - उत्कर्ष कुमार
कॉर्पोरेट मुनाफे में वृद्धि के बावजूद महंगाई के अनुपात में कामगारों के वेतन नहीं बढ़े हैं। अर्थव्यवस्था में वेतन का हिस्सा कम हो रहा है और कॉर्पोरेट मुनाफे का हिस्सा बढ़ रहा है। इस पर ध्यान देना चाहिए। - पवन कंबोज

आयकर में राहत, पुरानी पेंशन की चाहत
नौकरीपेशा लोगों को आयकर में राहत मिलनी चाहिए। खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं और पेट्रोलियम पदार्थों के आयात शुल्क पर भी फैसला लिया जाए। उम्मीद है कि सरकार आम लोगों को कुछ राहत देगी। - नईम अहमद, क्रीड़ा सचिव
कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बड़ा मुद्दा है। हमें उम्मीद है कि सरकार इस बार हमारी मांग पूरी करेगी। कर्मचारियों के भविष्य से आर्थिक असुरक्षा को खत्म करेगी। टैक्स में भी राहत मिलनी चाहिए। - महेंद्र कुमार, पीडब्ल्यूडी कर्मी

महिलाओं को सबकी फिक्र
शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार को बजट बनाना करना चाहिए। शिक्षित एवं स्वस्थ समाज से ही किसी राष्ट्र की उन्नति की कल्पना की जा सकती है। - डॉ. उजमा कमर, समाजसेवी
महंगाई से लोग त्रस्त हैं। परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव रसोई पर पड़ रहा है। इसमें राहत मिलनी चाहिए। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रावधान होने चाहिए। - शिल्पी, रंगकर्मी
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उद्यमियों व व्यापारियों को न्यूनतम ब्याज पर लोन
डॉक्टरों को आयुष्मान का पैकेज बढ़ने की आस

बरेली। आम बजट से उद्यमियों व व्यापारियों को खास उम्मीदें हैं। कम ब्याज पर कर्ज मिलने से उद्योग, व्यापार बढ़ेगा। रोजगार की नई संभावनाएं विकसित होंगी। आय के स्रोत बढ़ने से लोगों में खर्च की क्षमता बढ़ेगी। बाजार में तरलता आएगी। क्रय-विक्रय बढ़ेगा। इससे सरकार के खजाने में भी बढ़त होगी और देश विकास पथ पर अग्रसर होगा। वहीं, चिकित्सकों को आयुष्मान जनआरोग्य योजना के पैकेज को संशोधित किए जाने की मांग की है। भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी संशोधन जरूरी है। बरेली को एम्स मिलने की भी उम्मीद है। ब्यूरो
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उद्योग स्थापना के लिए चाहिए भूमि, टैक्स का हो सरलीकरण

महंगाई पर अंकुश लगाना होगा। ब्याज की दर कम हो और ⁠मानक कटौती बढ़ाकर कैश इन हैंड बढ़ाएं। खर्च की क्षमता समेत मांग, उत्पादन बढ़ सके।⁠ इंडस्ट्रियल लैंड बैंक के लिए पॉलिसी बने, ताकि भूमि की कमी दूर हो। - मयूर धीरवानी, शाखा चेयरमैन, आईआईए
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव जैसी योजना की उम्मीद है, ताकि रोजगार बढ़ सकें। सभी प्रकार के बीमा को टैक्स से मुक्त किया जाना चाहिए, क्योंकि सरकार उद्यमियों के लिए कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराती। - सुरेश सुंदरानी, डिविजनल चेयरमैन, आईआईए



जीएसटी से खत्म हो 18 फीसदी स्लैब
नए उद्याेगों के लिए बैंक से लोन पर ब्याजदर कम हो। शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट पर न्यूनतम टैक्स लिया जाए। जीएसटी से 18 फीसदी स्लैब खत्म हो। वर्ष 2017-20 तक जीएसटी बकाया माफ होना चाहिए। - राजेंद्र गुप्ता, महामंत्री, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल
व्यापारी वर्ग के हित का ध्यान रखते हुए जीएसटी स्लैब को 18 से 12 फीसदी करना चाहिए। सोलर पैनल की सब्सिडी 15 दिनों में दी जाए। ईंधन की कीमत घटने से महंगाई कम होगी। - रामकृष्ण शुक्ला, महानगर अध्यक्ष, उप्र व्यापारी सुरक्षा फोरम


आयुष्मान से इलाज की दरों में हो संशोधन
आयुष्मान से लाखों मरीजों का इलाज हो रहा है। डॉक्टरों का नुकसान न हो, इसका ध्यान भी सरकार को रखना होगा। आयुष्मान से बीमारियों के इलाज के कई पैकेज बेहद कम हैं। इसे संशोधित किए जाने की उम्मीद है। - डॉ. आरके सिंह, अध्यक्ष, आईएमए
आगामी बजट में केंद्र सरकार से जीवनरक्षक दवाओं को टैक्समुक्त रखने और दवाओं की गुणवत्ता जांच के लिए स्थानीय स्तर पर लैब खोले जाने की घोषणा की उम्मीद है। बरेली में एम्स जैसा अस्पताल भी खुलना चाहिए। - डॉ. रवीश अग्रवाल, वरिष्ठ चिकित्सक

टैक्स की दोहरी मार से बिल्डर्स को मिले राहत
बिल्डर्स टैक्स की दोहरी मार से राहत चाहते हैं। अगर बिल्डर्स ने जीएसटी में कंपाउडिंग के विकल्प को अपनाया है तो उन्हें पांच फीसदी की दर से कर अदा करना पड़ता है। मकान बनाने में जो निर्माण सामग्री लगाई है, उसमें पांच से 28 फीसदी तक जीएसटी अदा करते हैं। - धर्मेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष, क्रेडाई बरेली


जीएसटी में कंपाउंडिंग की दर में सुधार की जरूरत है। पिछले वर्षों की तुलना में निर्माण क्षेत्र में महंगाई बढ़ चुकी है। अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए 45 लाख रुपये की ऋण सीमा को बढ़ाकर 60 लाख करना चाहिए। प्राॅपर्टी गेन टैक्स में कमी समेत नियमों का सरलीकरण हो। - सुनील कुमार गुप्ता, सचिव, क्रेडाई बरेली
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