बरेली में सपा की बैठक में हंगामा: पूर्व विधायक ने कही ऐसी बात, भड़क गए जिलाध्यक्ष; बोले- अब आप चुप रहिए
बैठक में पूर्व विधायक सुल्तान बेग बोल रहे थे। बीच में ही सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने विरोध कर दिया कि यह आप गलत बोल रहे हैं। इसी बात पर दोनों आपस में भिड़ गए। इसके बाद बैठक में हंगामा हो गया।
विस्तार
बरेली में समाजवादी पार्टी कार्यालय में शनिवार को हुई मासिक बैठक में जमकर हंगामा हुआ। गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई। पूर्व विधायक सुल्तान बेग बोल रहे थे तो बीच में ही सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने विरोध कर दिया कि यह आप गलत बोल रहे हैं। इसी बात पर दोनों आपस में भिड़ गए। कुछ ही देर में दोनों धड़ों के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी।
एक महीने पहले ही सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिले के पूर्व सांसद, विधायक, मेयर, पदाधिकारियों की एक संवाद बैठक बुलाई थी। लोकसभा में जीत का संकल्प दिलाया था और गुटबाजी छोड़कर आगे बढ़ने को कहा था। मगर शिवचरन कश्यप के जिलाध्यक्ष बनने के बाद हुई पहली बैठक ही हंगामेदार रही। इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका।
ये भी पढ़ें- घर को बनाया टॉर्चर रूम... मासूम की मौत: पड़ोसी के मकान के अंदर खौफनाक मंजर देख कांपा लोगों का कलेजा
दरअसल, बैठक में पूर्व विधायक सुल्तान बेग ने बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में हमारा प्रदर्शन ठीक नहीं रहा। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। मेरे कहने पर जिलाध्यक्ष ने शाही और शेरगढ़ का टिकट नहीं दिया। इसी दौरान कुछ आरोप भी जिलाध्यक्ष पर लगे। इसी बीच जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप खड़े हो गए और कहा, आप बैठ जाइए और अब कुछ मत बोलिए।
कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
दोनों के बीच नोकझोंक शुरू हुई तो दोनों धड़ों के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इसके बाद कुछ नेताओं ने बीचबचाव कराकर मामला शांत कराया। शुरू में सपा के नेता इससे इंकार कर दिया मगर बाद में नोकझोंक का वीडियो वायरल हो गया। सपा में पहले भी गुटबाजी के कई मामले सामने आ चुके हैं।सपा जिलाध्यक्ष ने ये कहा
सपा जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप ने कहा कि मुझे तो लग रहा है कि पूर्व विधायक बोल कुछ रहे थे और उनके मुंह से निकल कुछ रहा था। उन्होंने कहा कि उनके कहने पर शीशगढ़, मीरगंज के टिकट दे दिए गए मगर शाही और शेरगढ़ का टिकट नहीं दिया गया। इस पर उन्हें बताया गया कि सभी टिकट लखनऊ से फाइनल हुए हैं। उनकी बातचीत सुनकर कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए फिर वह चुप हो गए। मैंने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं के खिलाफ किसी भी कीमत पर नहीं सुना जाएगा।