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पीएफआई से जुड़ा होने के शक में विदेशी संस्था के लगवाए हैंडपंप का इस्तेमाल बंद

Sat, 01 Oct 2022 12:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2022 12:25 AM IST
सार

प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़ा होने के शक में गांव वाहनपुर में रिलीफ एंड चैरिटेबल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (आरसीएफआई) की ओर से लगाए गए तीन हैंडपंप के शिलापट्ट लोगों ने तोड़ दिए और उनका इस्तेमाल भी बंद कर दिया। गांव में हंगामा होने की सूचना पर पुलिस ने उच्चाधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत करा दिया है। बीडीओ राजेंद्र कटिहार का कहना है कि सामाजिक संस्थाएं सेवा कार्यों के लिए अनुमति नहीं लेतीं।

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society board broken in pfi doubt

विस्तार

फरीदपुर। प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़ा होने के शक में गांव वाहनपुर में रिलीफ एंड चैरिटेबल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (आरसीएफआई) की ओर से लगाए गए तीन हैंडपंप के शिलापट्ट लोगों ने तोड़ दिए और उनका इस्तेमाल भी बंद कर दिया। इस बारे में पता चलने के बाद पुलिस आरसीएफआई के बारे में छानबीन कर रही है। संस्था विदेशी बताई जा रही है।
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गांव वाहनपुर में करीब तीन साल पहले आरसीएफआई की ओर से चार हैंडपंप लगाए गए थे। इन पर लगे शिलापट्ट पर भारत के साथ एक और देश का ध्वज बना है। उर्दू और अंग्रेजी में संगठन के नाम के साथ ब्योरा दिया गया है कि ये हैंडपंप एमिरेट्स चैरिटेबल एसोसिएशन के सहयोग से आरसीएफआई ने लगवाए हैं। गांव वालों ने आरसीएफआई के पीएफआई से जुड़ा होने के शक में बृहस्पतिवार को तीन हैंडपंप पर लगे शिलापट्ट तोड़ दिए। गांव से दूर लगे एक हैंडपंप पर अब भी यह बोर्ड लगा है।
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गांव में हंगामा होने की सूचना पर पुलिस ने उच्चाधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत करा दिया है। सीओ गौरव सिंह ने बताया कि संगठन के बारे में पड़ताल की जा रही है। बीडीओ राजेंद्र कटिहार का कहना है कि सामाजिक संस्थाएं सेवा कार्यों के लिए अनुमति नहीं लेतीं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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मुफ्त मिल रहे थे हैंडपंप इसलिए लगवा लिए
गांव के शाकिर दाद खां ने बताया कि नकटिया के एक व्यक्ति ने खुद को आरसीएफआई से संबद्ध बताकर 2019 में दो हैंडपंप लगवाए थे। इसके बाद उन्होंने उससे संपर्क कर अपने घर पर हैंडपंप लगवाने की इच्छा जताई तो उसने 2021 में उनके और गांव के ही मेराज के आवास पर भी हैंडपंप लगवा दिया। ग्राम प्रधान तस्लीम रजा का कहना है कि हैंडपंप किसने और कब लगवाए, उन्हें कुछ पता नहीं है। पूर्व प्रधान शमशाद ने बताया कि विदेशी संस्था से हैंडपंप दान में मिले थे। जरूरतमंदों ने संगठन से संपर्क कर हैंडपंप लगवा लिए थे।

केंद्र सरकार की ओर से जारी प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से जुड़े संगठनों की सूची में आरसीएफआई का नाम नहीं है। खुफिया विभाग पीएफआई से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखे हुए है। - राजकुमार, एडीजी जोन
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