तो विवि के रिजल्ट का भी गिरेगा ग्राफ
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यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तरह इस बार एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी सीसीटीवी की निगरानी में हुईं। कॉलेजों को सेंधमारी का ज्यादा मौका नहीं मिल सका। इस सख्ती का असर परीक्षाओं पर भी पड़ा जिसकी तस्वीर मूल्यांकन में साफ देखी जा सकती है। पिछले साल के मुकाबले फेल होने वालों की संख्या इस बार ज्यादा आ रही है। इतना ही नहीं औसत प्राप्तांक भी कम आ रहे हैं। बुधवार को विश्वविद्यालय में मूल्यांकन कार्य करने आए शिक्षकों से बातचीत में यह बात सामने आई। शिक्षकों का कहना कि बीएससी और बीए के कुछ विषयों में ज्यादा स्थिति खराब आ रही है।
यही हाल यूपी बोर्ड के मूल्यांकन में देखने को मिला था। कॉपी में एक दो पेज छोड़कर कई छात्रों ने पूरी की पूरी कॉपी कोरी छोड़ दी थी। विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हो गया है। वैसे नकल के सबसे ज्यादा मामले मुरादाबाद मंडल के जिलों में के सामने आते थे। इस बार केद्रों पर सीसीटीवी अनिवार्य रूप से लगवा दिए गए ताकि नकलची कॉलेजों पर नकेल कसी जा सके। हालांकि एक दो कॉलेजों में कॉपियां बाहर लिखवाने के मामले भी सामने आए। मूल्यांकन से ही रिजल्ट ही तस्वीर साफ हो रही है। एक परीक्षक के अनुसार पिछले तीन दिनों में जितनी कॉपी चेक कीं उसमें करीब 40 फीसद से ज्यादा फेल हुए। औसत प्राप्तांक भी इस बार कम आ रहा है। पिछले वर्षों में ऐसी स्थिति नहीं दिखती थी। फेल होने वालों की संख्या कम ही रहती थी। परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार का कहना है कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर इस बार सख्ती हुई। जो संवेदनशील कॉलेज थे उनपर कड़ी नजर रखी गई। सख्ती का असर तो रिजल्ट पर थोड़ा बहुत पड़ेगा ही।