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स्मार्ट सिटी की सड़क..! साल भर धूल फांकी, अब हिचकोले खाइए
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सिटी स्टेशन के पास सीवर की खोदाई के चलते उड़ती धूल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सीवर लाइन बिछाए जाने के बाद महीने भर पहले ही बनाई गई थी चौकी चौराहे से कंपनी बाग तक सड़क
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एक बारिश होते ही जगह-जगह नीचे बैठने से हो गई ऊंची-नीची
बरेली। एक तरफ सैकड़ों करोड़ की लागत से शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का काम चल रहा है, लेकिन दूसरी तरफ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता न होने की वजह से शहरियों की समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ रही हैं। सीवर लाइन बिछाने के बाद पिछले महीने ही बनाई गई चौकी चौराहे से कंपनी बाग तक की सड़क दो दिन पहले मामूली बारिश होते ही जगह-जगह नीचे बैठ गई। पूरी सड़क जगह-जगह ऊंची-नीची हो जाने की वजह से अब फिर वाहन इस पर हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं।
जल निगम करीब दो साल से गाजियाबाद की एक कंपनी के जरिए शहर में सीवर ट्रंक लाइन बिछाने का काम कर रहा है। चौकी चौराहे से कंपनी बाग की दिशा में पिछले साल खोदाई की गई थी। सीवर लाइन बिछाने के बाद भी काफी समय तक इस सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, लिहाजा लोगों को लंबे वक्त तक दिक्कतें झेलनी पड़ीं। पिछले महीने इस सड़क का निर्माण कराया गया था लेकिन दो दिन पहले हुई मामूली बारिश के बाद यह सड़क कई जगह बैठ गई हैं। अब सवाल उठ रहा है कि सड़क का निर्माण पर्याप्त गुणवत्ता के साथ नहीं किया गया। दो दिन पहले जल निगम के इंजीनियरों ने इस सड़क का मुआयना कर उसकी मरम्मत भी कराई थी लेकिन इसके बावजूद हालत जस की तस है।
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जल निगम ने कायदे से नहीं कराया सड़क का निर्माण
लोक निर्माण विभाग के एक इंजीनियर के मुताबिक चौकी चौराहे से कंपनी बाग तक सड़क का निर्माण करने से पहले न ठीक से रोलिंग की गई न पानी का छिड़काव कराया गया। कायदे में सड़क बनाने से पहले यहां मिट्टी, रेत और गिट्टी डालकर कुछ दिनों तक रोलिंग करने के बाद सड़क को यातायात के खोल दिया जाना चाहिए था। पानी का भी लगातार छिड़काव करना चाहिए था ताकि धूल न उड़े। इसके बाद मानसून का इंतजार किया जाता। मानसून में जब मिट्टी अच्छे से बैठ जाती तो उसके बाद सड़क का निर्माण किया जाना चाहिए था। पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने बताया कि यह साफ हो गया है कि यह सड़क मानसून नहीं झेल पाएगी। एक जगह गड्ढा ठीक किया जाएगा तो दूसरी जगह गड्ढा हो जाएगा।
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यहां भी बनाई जानी है सड़क
खुर्रम गौटिया से ईसाईयों की पुलिया, चौकी चौराहे से पुलिस लाइन और आगे चौपुला तक सड़क का निर्माण होना बाकी है। इसी तरह चौपुला से पटेल चौक तक भी सड़क बनाई जानी है। सिटी स्टेशन से किला और अलखनाथ रोड से चौधरी तालाब तक अभी खोदाई ही चल रही है। सीवर लाइन बिछाने के बाद यहां भी सड़क का निर्माण शुरू होगा।
सड़क पर गिट्टी और रेत डलवाकर अच्छे से रोलिंग कराई गई थी। इसके बाद पानी का छिड़काव भी हुआ और उसके बाद ही सड़क का निर्माण कराया गया। यातायात शुरू होने के बाद एक-दो जगह सड़क बैठने की शिकायत मिली है। इंजीनियर से मुआयना कराने के बाद इसकी मरम्मत कराई है। अभी काम चल रहा है। यदि सड़क में कहीं और गड़बड़ी है तो उसकी भी मरम्मत कराई जाएगी। -संजय कुमार, एक्सईएन जल निगम
सड़क निर्माण में कहीं कोई खामी रही है तो जल निगम के अधिकारियों से बात की जाएगी। गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि सड़क बैठेगी तो उसकी मरम्मत जल निगम को करानी होगी। -उमेश गौतम, मेयर
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एक बारिश होते ही जगह-जगह नीचे बैठने से हो गई ऊंची-नीची बरेली। एक तरफ सैकड़ों करोड़ की लागत से शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का काम चल रहा है, लेकिन दूसरी तरफ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता न होने की वजह से शहरियों की समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ रही हैं। सीवर लाइन बिछाने के बाद पिछले महीने ही बनाई गई चौकी चौराहे से कंपनी बाग तक की सड़क दो दिन पहले मामूली बारिश होते ही जगह-जगह नीचे बैठ गई। पूरी सड़क जगह-जगह ऊंची-नीची हो जाने की वजह से अब फिर वाहन इस पर हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं।
जल निगम करीब दो साल से गाजियाबाद की एक कंपनी के जरिए शहर में सीवर ट्रंक लाइन बिछाने का काम कर रहा है। चौकी चौराहे से कंपनी बाग की दिशा में पिछले साल खोदाई की गई थी। सीवर लाइन बिछाने के बाद भी काफी समय तक इस सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, लिहाजा लोगों को लंबे वक्त तक दिक्कतें झेलनी पड़ीं। पिछले महीने इस सड़क का निर्माण कराया गया था लेकिन दो दिन पहले हुई मामूली बारिश के बाद यह सड़क कई जगह बैठ गई हैं। अब सवाल उठ रहा है कि सड़क का निर्माण पर्याप्त गुणवत्ता के साथ नहीं किया गया। दो दिन पहले जल निगम के इंजीनियरों ने इस सड़क का मुआयना कर उसकी मरम्मत भी कराई थी लेकिन इसके बावजूद हालत जस की तस है।
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जल निगम ने कायदे से नहीं कराया सड़क का निर्माण
लोक निर्माण विभाग के एक इंजीनियर के मुताबिक चौकी चौराहे से कंपनी बाग तक सड़क का निर्माण करने से पहले न ठीक से रोलिंग की गई न पानी का छिड़काव कराया गया। कायदे में सड़क बनाने से पहले यहां मिट्टी, रेत और गिट्टी डालकर कुछ दिनों तक रोलिंग करने के बाद सड़क को यातायात के खोल दिया जाना चाहिए था। पानी का भी लगातार छिड़काव करना चाहिए था ताकि धूल न उड़े। इसके बाद मानसून का इंतजार किया जाता। मानसून में जब मिट्टी अच्छे से बैठ जाती तो उसके बाद सड़क का निर्माण किया जाना चाहिए था। पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने बताया कि यह साफ हो गया है कि यह सड़क मानसून नहीं झेल पाएगी। एक जगह गड्ढा ठीक किया जाएगा तो दूसरी जगह गड्ढा हो जाएगा।
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यहां भी बनाई जानी है सड़क
खुर्रम गौटिया से ईसाईयों की पुलिया, चौकी चौराहे से पुलिस लाइन और आगे चौपुला तक सड़क का निर्माण होना बाकी है। इसी तरह चौपुला से पटेल चौक तक भी सड़क बनाई जानी है। सिटी स्टेशन से किला और अलखनाथ रोड से चौधरी तालाब तक अभी खोदाई ही चल रही है। सीवर लाइन बिछाने के बाद यहां भी सड़क का निर्माण शुरू होगा।सड़क पर गिट्टी और रेत डलवाकर अच्छे से रोलिंग कराई गई थी। इसके बाद पानी का छिड़काव भी हुआ और उसके बाद ही सड़क का निर्माण कराया गया। यातायात शुरू होने के बाद एक-दो जगह सड़क बैठने की शिकायत मिली है। इंजीनियर से मुआयना कराने के बाद इसकी मरम्मत कराई है। अभी काम चल रहा है। यदि सड़क में कहीं और गड़बड़ी है तो उसकी भी मरम्मत कराई जाएगी। -संजय कुमार, एक्सईएन जल निगम
सड़क निर्माण में कहीं कोई खामी रही है तो जल निगम के अधिकारियों से बात की जाएगी। गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि सड़क बैठेगी तो उसकी मरम्मत जल निगम को करानी होगी। -उमेश गौतम, मेयर