{"_id":"5dbc8d6d8ebc3e012c654d67","slug":"smart-city-bareilly-news-bly3824176143","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढाई करोड़ खर्च करके कागजों में दौड़ रही स्मार्ट सिटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढाई करोड़ खर्च करके कागजों में दौड़ रही स्मार्ट सिटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। नगर निगम स्मार्ट सिटी को लेकर अब तक सिर्फ प्लानिंग ही कर रहा है। पिछले साल 60 करोड़ का बजट मिलने के बाद ढाई करोड़ तो सिर्फ डीपीआर बनाने पर ही फूंके जा चुके हैं, लेकिन काम एक भी शुरू नहीं हो सका है। प्रोजेक्ट के नाम पर अब तक सिर्फ दो करोड़ के ओपन जिम का टेंडर ही हो सका है, लेकिन काम उसका भी अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
चौथे चरण की दौड़ में बरेली को भी स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चयनित किया गया था। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर को संवारने के लिए नगर निगम को केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पीपीपी मॉडल के तहत 1902.77 करोड़ रुपये मिलने हैं। इनमें से 60 करोड़ रुपये की पहली किस्त पिछले साल मिल चुकी है। मगर अब तक कोई प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सका है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से 16 पार्क में ओपन जिम बनाने के लिए टेंडर हो चुका है लेकिन काम अभी शुरू नहीं हुआ है। हालांकि 60 करोड़ रुपये की राशि में से करीब ढाई करोड़ रुपये प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने पर जरूर खर्च हो चुके हैं। इस वजह से स्मार्ट सिटी का कोई काम धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
यह प्रोजेक्ट बनाए गए
हैंडीक्राफ्ट सेंटर : 211 करोड़ से जिला उद्योग केंद्र के पास बनेगा और यहां बरेली के जरी-जरदोजी, फर्नीचर उद्योग के उत्थान के लिए ट्रेनिंग सेंटर, प्रदर्शन और बिक्री का इंतजाम होगा।
विज्ञापन
सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट : 170 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में कामर्शियल और सरकारी ऑफिस के लिए स्पेस होगा। पार्किंग की व्यवस्था होगी।
कामर्शियल कॉम्प्लेक्स : संजय कम्युनिटी हॉल, तालाब और एलन क्लब को मिलाकर बनेगा। यहां मनोरंजन, खानपान, घूमने और ऑडिटोरियम होगा।
चौराहों का विकास और पैदल पुल : डेलापीर, चौकी चौराहा, पटेल चौक और गांधी उद्यान समेत छह चौराहों पर रोटरी और सौंदर्यीकरण होगा। जिला अस्पताल और गांधी उद्यान पर दो पैदल पुल भी बनेंगे।
सॉलिड वेस्ट : 50 करोड़ की लागत से चार कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनेंगे और बाकरगंज के कूड़े निस्तारण होगा।
स्टेडियम : स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही मिनी स्टेडियम बनेगा और वहां स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट का नवीनीकरण होगा।
मल्टीलेवल पार्किंग : एलन क्लब, मोती पार्क, संजय कम्युनिटी हॉल समेत चार जगह होगी।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर : ट्रैफिक, सीसीटीवी से निगरानी समेत अन्य कार्यों के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा।
स्वास्थ्य : शहर में स्वास्थ्य जांच के लिए 16 स्थानों पर हेल्थ एटीएम। महिलाओं के लिए टॉयलेट में सेनेटरी पैड, फीडिंग कॉर्नर होगा।
नाथ नगरी सर्किट : नाथ नगरी के सारे मंदिर सड़क मार्ग से जोड़े जाएंगे।
सोलर : सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर ट्री और सरकारी विभागों की छत पर सोलर पैनल।
एसटीपी : शहर में चार दिशाओं में चार एसटीपी प्लांट।
कैटल पार्क : डेयरी शहर से बाहर करने और जानवरों की बेहतर देखभाल के लिए।
स्मार्ट क्लास एवं ओपन जिम : नौ स्कूलों में 30 स्मार्ट क्लास, दर्जन भर पार्कों में ओपन जिम।
टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है, ओपन जिम का काम जल्दी ही शुरू होना है। जल्दी ही कुछ अन्य प्रोजेक्ट के टेंडर भी कराने की तैयारी चल रही है। - संजय चौहान, एक्सईएन, नगर निगम
विज्ञापन
चौथे चरण की दौड़ में बरेली को भी स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चयनित किया गया था। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर को संवारने के लिए नगर निगम को केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पीपीपी मॉडल के तहत 1902.77 करोड़ रुपये मिलने हैं। इनमें से 60 करोड़ रुपये की पहली किस्त पिछले साल मिल चुकी है। मगर अब तक कोई प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सका है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से 16 पार्क में ओपन जिम बनाने के लिए टेंडर हो चुका है लेकिन काम अभी शुरू नहीं हुआ है। हालांकि 60 करोड़ रुपये की राशि में से करीब ढाई करोड़ रुपये प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने पर जरूर खर्च हो चुके हैं। इस वजह से स्मार्ट सिटी का कोई काम धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
यह प्रोजेक्ट बनाए गए
हैंडीक्राफ्ट सेंटर : 211 करोड़ से जिला उद्योग केंद्र के पास बनेगा और यहां बरेली के जरी-जरदोजी, फर्नीचर उद्योग के उत्थान के लिए ट्रेनिंग सेंटर, प्रदर्शन और बिक्री का इंतजाम होगा।
विज्ञापन
सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट : 170 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में कामर्शियल और सरकारी ऑफिस के लिए स्पेस होगा। पार्किंग की व्यवस्था होगी।
कामर्शियल कॉम्प्लेक्स : संजय कम्युनिटी हॉल, तालाब और एलन क्लब को मिलाकर बनेगा। यहां मनोरंजन, खानपान, घूमने और ऑडिटोरियम होगा।
चौराहों का विकास और पैदल पुल : डेलापीर, चौकी चौराहा, पटेल चौक और गांधी उद्यान समेत छह चौराहों पर रोटरी और सौंदर्यीकरण होगा। जिला अस्पताल और गांधी उद्यान पर दो पैदल पुल भी बनेंगे।
सॉलिड वेस्ट : 50 करोड़ की लागत से चार कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनेंगे और बाकरगंज के कूड़े निस्तारण होगा।
स्टेडियम : स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही मिनी स्टेडियम बनेगा और वहां स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट का नवीनीकरण होगा।
मल्टीलेवल पार्किंग : एलन क्लब, मोती पार्क, संजय कम्युनिटी हॉल समेत चार जगह होगी।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर : ट्रैफिक, सीसीटीवी से निगरानी समेत अन्य कार्यों के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा।
स्वास्थ्य : शहर में स्वास्थ्य जांच के लिए 16 स्थानों पर हेल्थ एटीएम। महिलाओं के लिए टॉयलेट में सेनेटरी पैड, फीडिंग कॉर्नर होगा।
नाथ नगरी सर्किट : नाथ नगरी के सारे मंदिर सड़क मार्ग से जोड़े जाएंगे।
सोलर : सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर ट्री और सरकारी विभागों की छत पर सोलर पैनल।
एसटीपी : शहर में चार दिशाओं में चार एसटीपी प्लांट।
कैटल पार्क : डेयरी शहर से बाहर करने और जानवरों की बेहतर देखभाल के लिए।
स्मार्ट क्लास एवं ओपन जिम : नौ स्कूलों में 30 स्मार्ट क्लास, दर्जन भर पार्कों में ओपन जिम।
टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है, ओपन जिम का काम जल्दी ही शुरू होना है। जल्दी ही कुछ अन्य प्रोजेक्ट के टेंडर भी कराने की तैयारी चल रही है। - संजय चौहान, एक्सईएन, नगर निगम