बरेली में कल्लू डॉन गिरफ्तार: पुलिस को सूचना मिली थी चुनाव में खर्च कर रहा खूब पैसा, जेब में मिले 150 रुपये
पुलिस को सूचना मिली थी कि कल्लू डॉन चुनाव में पत्नी को जिताने के लिए रुपये और शराब से लेकर महंगे उपहार तक बेहिसाब बांट रहा है। टीम ने जब उसकी तलाशी ली तो उसकी जेब में सिर्फ डेढ़ सौ रुपये मिले।
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बरेली के चर्चित स्मैक तस्कर मोहम्मद शाहिद उर्फ कल्लू डॉन और उसके दो गुर्गों को एसओजी ने फतेहगंज पश्चिमी कस्बे से हिरासत में लिया। तस्दीक के बाद गुर्गों को थाने से छोड़कर कल्लू को फरीदपुर थाना पुलिस को सौंप दिया गया। सूचना थी कि कल्लू पत्नी के चुनाव प्रचार के दौरान पानी की तरह पैसा बहा रहा है। हालांकि तलाशी में उसकी जेब से डेढ़ सौ रुपये ही बरामद हुए।
फतेहगंज पश्चिमी में नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ रही इमराना का स्मैक तस्कर पति कल्लू डॉन फरीदपुर थाने से गैंगस्टर के मामले में वांछित था। एसओजी प्रभारी सुनील शर्मा ने टीम के साथ मंगलवार दोपहर उसे गिरफ्तार कर लिया। उस वक्त वह पत्नी का चुनाव प्रचार करने एक समर्थक के घर गया था। साथ में मौजूद समर्थकों ने पुलिस का विरोध कर नारेबाजी शुरू की तो टीम ने उसके पीआरओ और एक अन्य समर्थक को भी हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ा
एसओजी तीनों को फतेहगंज पश्चिमी थाने ले गई। वहां पता लगा कि कल्लू के साथ पकड़े गए दो साथियों में से एक स्मैक तस्करी में जेल जा चुका है, जबकि दूसरे पर किसी तरह का मुकदमा नहीं है। इन दोनों को छोड़ दिया और कल्लू को बरेली ले आई। एसओजी दफ्तर में पूछताछ के बाद टीम ने कल्लू को फरीदपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया। वहां शाम के वक्त उसकी गिरफ्तारी दर्ज कर ली गई।
सूत्रों के मुताबिक कल्लू डॉन के बारे में पुलिस को यह जानकारी भी मिली थी कि वह चुनाव में पत्नी को जिताने के लिए रुपया और शराब से लेकर महंगे उपहार तक बेहिसाब बांट रहा है। टीम ने जब उसकी तलाशी ली तो उसकी जेब में सिर्फ डेढ़ सौ रुपये मिले। सूत्रों के मुताबिक बेहद शातिर किस्म का कल्लू जेब में रुपये रखने की बजाय दूसरे लोगों के पास ही रखवाता है।
महिला प्रत्याशी समेत कई अंडरग्राउंड
एसओजी की इस कार्रवाई के बाद कस्बे में सन्नाटा दिखाई दिया। स्मैक तस्करी में जेल जा चुकी दूसरी महिला प्रत्याशी भी चुनाव प्रचार छोड़कर भूमिगत हो गई। साथ ही दागी छवि के कई सभासद पद के प्रत्याशी भी प्रचार छोड़कर किनारे हो गए हैं। गिरफ्तारी के बाद कस्बे में तरह-तरह की चर्चा हो रही हैं। कुछ लोग कार्रवाई को राजनीतिक से प्रेरित मान रहे हैं।
भुता पुलिस ने निभाई थी कल्लू से दोस्ती
करीब 15 दिन पहले थाना भुता से वांछित चल रहे तस्कर कल्लू डॉन ने पत्नी को चुनाव लड़ाने के लिए कोर्ट में सरेंडर करने के बाद जमानत करा ली थी। दरअसल एक तस्कर से स्मैक बरामदगी के बाद उसने स्मैक कल्लू से लाना कबूल किया था। तब भुता थाना पुलिस ने रिपोर्ट में कल्लू को भी शामिल कर लिया था, पर उसकी गिरफ्तारी नहीं की। पत्नी के चुनाव के मद्देनजर कल्लू को सार्वजनिक रूप से बाहर आना था। ऐसे में उसने खुद ही कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।विवेचक ने जेल में बंद कल्लू का रिमांड लिए बिना चार्जशीट लगा दी। अधिकारियों ने चार्जशीट वापस मंगाकर दूसरे विवेचक को जिम्मेदारी दी। उन्होंने रिमांड ली पर छुपाई गई स्मैक बरामद नहीं कर सके। इसके बाद कल्लू के वकीलों का मौका लग गया और उन्होंने कोर्ट में पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए और कल्लू को ईद से पहले जमानत मिल गई।
पुलिस व जेल प्रशासन ने रुचि नहीं दिखाई और जमानतियों के बगैर सत्यापन के कल्लू को छोड़ दिया। कल्लू ने ईद परिवार के साथ मनाई। इसी केस में पुलिस ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना फरीदपुर थाने को दी गई थी, जिसमें गिरफ्तारी हुई है।
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि मोहम्मद शाहिद उर्फ कल्लू भुता से स्मैक तस्करी के मामले में आरोपी था। इससे संबंधित गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना फरीदपुर थाने से हो रही है। उसी मुकदमे में कल्लू वांछित था, जिसे गिरफ्तार किया गया है।