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छह एमटेक, सात डिप्लोमा कोर्स के साथ शुरू होंगे छह एमटेक पीएचडी प्रोग्राम
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MJP Rohilkhand university
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की संकाय परिषद ने किया अनुमोदन, अब विद्या परिषद और कार्य परिषद को भेजा जाएगा प्रस्ताव
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग में नए कोर्स शुरू करने के प्रस्ताव पर संकाय परिषद के पदाधिकारियों ने मुहर लगा दी है। संकाय परिषद में अनुमोदन के बाद यह प्रस्ताव विद्या परिषद और कार्य परिषद को भेजने की तैयारी हो रही है। शासन और एआईसीटीई से मान्यता मिलते ही विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रम शुरू हो जाएंगे।
शुक्रवार को अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय की संकाय परिषद की बैठक ट्रेनिंग प्लेसमेंट सेंटर में हुई। इसमें इंजीनियरिंग विभागों में सात डिप्लोमा पाठ्यक्रम समेत छह एमटेक और छह एमटेक पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने की संस्तुति हुई जो नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत मल्टी एग्जिट प्रणाली के आधार पर चलाए जाने हैं। संकाय बोर्ड के अनुमोदन के बाद ये प्रस्ताव विद्या परिषद एवं कार्य परिषद को भेजा जाएगा जहां से मंजूरी मिलने के बाद शासन स्तर पर अनुमोदन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। शासन से हरी झंडी मिलने पर प्रस्ताव एआईसीटीई को भेजे जाएंगे। मान्यता के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रत्येक स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद पाठ्यक्रम शुरू हो जाएंगे। शुक्रवार को हुई बैठक में प्रस्ताव पर अनुमोदन हो गया है। अब जल्द आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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शुक्रवार को अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय की संकाय परिषद की बैठक ट्रेनिंग प्लेसमेंट सेंटर में हुई। इसमें इंजीनियरिंग विभागों में सात डिप्लोमा पाठ्यक्रम समेत छह एमटेक और छह एमटेक पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने की संस्तुति हुई जो नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत मल्टी एग्जिट प्रणाली के आधार पर चलाए जाने हैं। संकाय बोर्ड के अनुमोदन के बाद ये प्रस्ताव विद्या परिषद एवं कार्य परिषद को भेजा जाएगा जहां से मंजूरी मिलने के बाद शासन स्तर पर अनुमोदन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। शासन से हरी झंडी मिलने पर प्रस्ताव एआईसीटीई को भेजे जाएंगे। मान्यता के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रत्येक स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद पाठ्यक्रम शुरू हो जाएंगे। शुक्रवार को हुई बैठक में प्रस्ताव पर अनुमोदन हो गया है। अब जल्द आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
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रुहेलखंड के हजारों छात्रों को होगा फायदा
पाठ्यक्रम शुरू होने पर इंजीनियरिंग विभागों में शोध एवं परास्नातक शिक्षा के नए आयाम खुलेंगे। रुहेलखंड के हजारों छात्रों को सहूलियत मिलेगी। संकाय परिषद की बैठक संकाय अध्यक्ष प्रो. एसके पांडे की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रो. एके गुप्ता, प्रो. विनय ऋषिवाल, प्रो. रविंद्र सिंह, प्रो. आशा चौबे, प्रो. एसके तोमर, प्रो. सोमना सिंह, प्रो. कमल किशोर महेश्वरी, प्रो. सलीम खान, प्रो. सुधीर कुमार, डॉ. ओपी उपाध्याय, प्रो. मनीष राय, प्रो. एसएस बेदी, डॉ. मनोज सिंह, डॉ. यतींद्र समेत अन्य विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ आचार्य विशेषज्ञ के रूप में मौजूद रहे।
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