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Bareilly News: बनते-बिगड़ते रहे हालात, बेहोश हुई महिला
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बरेली। भवन को कब्जामुक्त कराने के दौरान वहां हालात बनते-बिगड़ते रहे। बुजुर्ग महिला के बेहोश होने से वहां खलबली मच गई। सामान उठाने के लिए बुलाए गए श्रमिक भी डरकर भवन के बाहर भाग गए। बाद में स्थिति सामान्य होने पर अधिकारियों ने श्रमिकों को मनाया, तब वह काम के लिए राजी हुए। इस दौरान 14 लोडर वाहनों से सामान को एक से दूसरे स्थान तक पहुंचाया गया।
भवन खाली कराने के दौरान अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष बृजेश पाठक और खुद को भवन स्वामी बताने वाले राकेश भवन के शुद्धीकरण के लिए पहुंच गए। स्थिति तनावपूर्ण हो, इससे पहले ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त कर वापस भेज दिया।
भावुक हुआ वाहिद का परिवार
कई दशकों से भवन में रह रहा वाहिद का परिवार जब शुक्रवार को भवन खाली कर जाने लगा, तो भावुक हो गया। महिलाएं नम आंखों से हाथों में सामान लिए जाते समय बार-बार पीछे मुड़कर देख रहीं थी और अपने आंसू छिपाने की कोशिश कर रही थीं।
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ख्वाहिश थी कि मेरी भी शादी इसी घर से हो
वाहिद अली की छोटी बेटी ने रोते हुए कहा कि मेरे सभी भाई-बहनों की शादी इसी घर से हुई है। ख्वाहिश थी कि मेरी भी शादी इसी घर से हो, लेकिन अब लगता है कि किराये के घर से ही मेरी शादी होगी। संवाद
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भवन खाली कराने के दौरान अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष बृजेश पाठक और खुद को भवन स्वामी बताने वाले राकेश भवन के शुद्धीकरण के लिए पहुंच गए। स्थिति तनावपूर्ण हो, इससे पहले ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त कर वापस भेज दिया।
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भावुक हुआ वाहिद का परिवार
कई दशकों से भवन में रह रहा वाहिद का परिवार जब शुक्रवार को भवन खाली कर जाने लगा, तो भावुक हो गया। महिलाएं नम आंखों से हाथों में सामान लिए जाते समय बार-बार पीछे मुड़कर देख रहीं थी और अपने आंसू छिपाने की कोशिश कर रही थीं।
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ख्वाहिश थी कि मेरी भी शादी इसी घर से हो
वाहिद अली की छोटी बेटी ने रोते हुए कहा कि मेरे सभी भाई-बहनों की शादी इसी घर से हुई है। ख्वाहिश थी कि मेरी भी शादी इसी घर से हो, लेकिन अब लगता है कि किराये के घर से ही मेरी शादी होगी। संवाद