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Bareilly News: सिरौली कांड... इधर कोर्ट की फटकार, उधर लड़की पक्ष का कार्रवाई से इन्कार
Mon, 05 Aug 2024 06:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 05 Aug 2024 06:03 AM IST
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रामनगर/गुलड़िया (बरेली)। सिरौली थाने के एक गांव में दूसरे समुदाय की लड़की को ले जाने के आरोपी का घर फूंकने के मामले में पेच फंस गया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया तो पीड़िता के बयान न होने की वजह से अदालत ने उसे जेल भेजने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने काफी तलाश की, पर पीड़िता और उसके परिजन नहीं मिले। पीड़िता के पिता का कहना है कि जब उन्होंने किसी के खिलाफ तहरीर ही नहीं दी तो उनकी बेटी बयान क्यों देगी?
बताते हैं शनिवार को सिरौली पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, लेकिन वहां कागजात अधूरे होने की बात कहकर कोर्ट ने उसका रिमांड वापस कर दिया। कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि इस मामले में पीड़ितों के बयान व साक्ष्य पेश क्यों नहीं किए जा रहे हैं? इसके बाद रविवार को पुलिस पुलिस दिनभर पीड़िता को खोजती रही, लेकिन वह नहीं मिली। बताते हैं कि पिता ने बेटी को कहीं रिश्तेदारी में भेज दिया है। अब पीड़िता के बयान व आरोपी को जेल भेजने को लेकर पुलिस के सामने बड़ी उलझन है। आरोपी को शनिवार से ही आंवला थाने में रखा गया है।
गांव में सिर्फ महिलाएं और बच्चे
आगजनी, पुलिस जीप में तोड़फोड़ और बवाल के मामले में गांव के कई लोग नामजद हैं। वीडियो फुटेज देखकर भीड़ में शामिल लोगों को नामजद किया जा रहा है। इस वजह से गांव के तमाम लोग घरों से फरार हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं। गांव में तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। महिलाए, बच्चे व बुजुर्ग ही वहां दिख रहे हैं। गांव में पुलिस व पीएसी चहलकदमी कर रही हैं।
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ये है मामला
दूसरे समुदाय का युवक और गांव निवासी लड़की कुछ दिन पहले घर से निकल गए थे जो पुलिस का दबाव पड़ने पर थाने आ गए। लड़की परिजनों को ऐसे ही सुपुर्दगी में दे दी गई थी। रात में लड़की पक्ष की भीड़ ने आरोपी के घर में आग लगा दी थी। इस मामले में पुलिस ने लड़की के पिता की ओर से आरोपी पर अपहरण का केस दर्ज किया व आरोपी के पिता की तहरीर पर दूसरे पक्ष पर आगजनी और बवाल की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। एसएसपी ने सिरौली इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
वर्जन
आरोपी के खिलाफ पीड़िता के पिता ने ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरअसल, उनके पक्ष के लोग आगजनी व तोड़फोड़ के मामले में नामजद हो गए हैं, इसलिए पीड़िता के बयान दर्ज कराने में दिक्कत आ रही है। उम्मीद है कि सोमवार को यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। - मानुष पारीक, एसपी दक्षिणी
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बताते हैं शनिवार को सिरौली पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, लेकिन वहां कागजात अधूरे होने की बात कहकर कोर्ट ने उसका रिमांड वापस कर दिया। कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि इस मामले में पीड़ितों के बयान व साक्ष्य पेश क्यों नहीं किए जा रहे हैं? इसके बाद रविवार को पुलिस पुलिस दिनभर पीड़िता को खोजती रही, लेकिन वह नहीं मिली। बताते हैं कि पिता ने बेटी को कहीं रिश्तेदारी में भेज दिया है। अब पीड़िता के बयान व आरोपी को जेल भेजने को लेकर पुलिस के सामने बड़ी उलझन है। आरोपी को शनिवार से ही आंवला थाने में रखा गया है।
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गांव में सिर्फ महिलाएं और बच्चे
आगजनी, पुलिस जीप में तोड़फोड़ और बवाल के मामले में गांव के कई लोग नामजद हैं। वीडियो फुटेज देखकर भीड़ में शामिल लोगों को नामजद किया जा रहा है। इस वजह से गांव के तमाम लोग घरों से फरार हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं। गांव में तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। महिलाए, बच्चे व बुजुर्ग ही वहां दिख रहे हैं। गांव में पुलिस व पीएसी चहलकदमी कर रही हैं।
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ये है मामला
दूसरे समुदाय का युवक और गांव निवासी लड़की कुछ दिन पहले घर से निकल गए थे जो पुलिस का दबाव पड़ने पर थाने आ गए। लड़की परिजनों को ऐसे ही सुपुर्दगी में दे दी गई थी। रात में लड़की पक्ष की भीड़ ने आरोपी के घर में आग लगा दी थी। इस मामले में पुलिस ने लड़की के पिता की ओर से आरोपी पर अपहरण का केस दर्ज किया व आरोपी के पिता की तहरीर पर दूसरे पक्ष पर आगजनी और बवाल की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। एसएसपी ने सिरौली इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
वर्जन
आरोपी के खिलाफ पीड़िता के पिता ने ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरअसल, उनके पक्ष के लोग आगजनी व तोड़फोड़ के मामले में नामजद हो गए हैं, इसलिए पीड़िता के बयान दर्ज कराने में दिक्कत आ रही है। उम्मीद है कि सोमवार को यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। - मानुष पारीक, एसपी दक्षिणी