{"_id":"6585f4ccf93762f56d03146a","slug":"shortage-of-lenses-and-surgical-instruments-cataract-operations-halted-in-railway-hospital-bareilly-news-c-4-noi1138-310184-2023-12-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: लेंस और सर्जिकल उपकरणों की किल्लत, रेलवे अस्पताल में रुके मोतियाबिंद के ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: लेंस और सर्जिकल उपकरणों की किल्लत, रेलवे अस्पताल में रुके मोतियाबिंद के ऑपरेशन
Sat, 23 Dec 2023 02:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 23 Dec 2023 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। मंडलीय रेल अस्पताल की व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई हैं। लेंस व सर्जिकल उपकरणों की किल्लत की वजह से 30 से ज्यादा रेल कर्मचारियों और उनके परिजनों की आंखों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन रुक गए हैं। ऑपरेशन के नाम पर कई-कई दिन मरीजों को भर्ती रखने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी जा रही है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर भी नहीं किया जा सकता। इससे कर्मचारियों में गुस्सा है। अधिकारी दो-चार दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा कर रहे हैं।
मंडलीय रेल अस्पताल पर 85 स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों के इलाज का भार है। लालकुआं, काठगोदाम, कासगंज आदि प्रमुख रेलवे अस्पतालों के लिए के लिए दवाओं की आपूर्ति मंडलीय रेल अस्पताल से ही होती है। मंडलीय अस्पताल की बदहाली की वजह से रेलवे अपने कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अनुबंध पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की सेवाएं लेता है।
दो दिन भर्ती रखने के बाद कर दी मरीजों की छुट्टी
ऑपरेशन के लिए पांच मरीजों को दो दिन भर्ती रखने के बाद बृहस्पतिवार को उनकी छुट्टी कर दी गई। मुन्नी देवी और नसीम बेगम ने बताया कि एक माह पहले उनको मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए तारीख दी गई थी। इसके बाद कई बार तारीख आगे बढ़ाई गई। उनके साथ तीन अन्य लोगों का भी ऑपरेशन होना था। सोमवार को सभी लोगों को ऑपरेशन के लिए भर्ती कर लिया गया, लेकिन बृहस्पतिवार को बिना ऑपरेशन छुट्टी दे दी गई। अब आगे की तारीख देने की बात कही गई है।
विज्ञापन
वर्जन
जो निजी फर्म मंडलीय रेल अस्पताल के लिए चिकित्सा संबंधी सामग्री की आपूर्ति करती है, उसके पास कुछ सामग्री की कमी थी। इस कारण इन दिनों मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। फर्म ने एक-दो दिन में सामान उपलब्ध कराने की बात कही है। - डॉ. एए खान, सीएमएस, मंडलीय रेल अस्पताल
विज्ञापन
मंडलीय रेल अस्पताल पर 85 स्टेशनों पर कार्यरत कर्मचारियों के इलाज का भार है। लालकुआं, काठगोदाम, कासगंज आदि प्रमुख रेलवे अस्पतालों के लिए के लिए दवाओं की आपूर्ति मंडलीय रेल अस्पताल से ही होती है। मंडलीय अस्पताल की बदहाली की वजह से रेलवे अपने कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अनुबंध पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की सेवाएं लेता है।
विज्ञापन
दो दिन भर्ती रखने के बाद कर दी मरीजों की छुट्टी
ऑपरेशन के लिए पांच मरीजों को दो दिन भर्ती रखने के बाद बृहस्पतिवार को उनकी छुट्टी कर दी गई। मुन्नी देवी और नसीम बेगम ने बताया कि एक माह पहले उनको मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए तारीख दी गई थी। इसके बाद कई बार तारीख आगे बढ़ाई गई। उनके साथ तीन अन्य लोगों का भी ऑपरेशन होना था। सोमवार को सभी लोगों को ऑपरेशन के लिए भर्ती कर लिया गया, लेकिन बृहस्पतिवार को बिना ऑपरेशन छुट्टी दे दी गई। अब आगे की तारीख देने की बात कही गई है।
विज्ञापन
वर्जन
जो निजी फर्म मंडलीय रेल अस्पताल के लिए चिकित्सा संबंधी सामग्री की आपूर्ति करती है, उसके पास कुछ सामग्री की कमी थी। इस कारण इन दिनों मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। फर्म ने एक-दो दिन में सामान उपलब्ध कराने की बात कही है। - डॉ. एए खान, सीएमएस, मंडलीय रेल अस्पताल