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Bareilly News: अच्छी नौकरी की तलाश में बिखर रहे सपने
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बरेली। लाखों रुपये खर्च करके पढ़ाई करने के बाद हर छात्र-छात्रा की चाहत होती है कि उसे अच्छी कंपनी में नौकरी मिले ताकि वह बेहतर भविष्य बना सके। लेकिन बरेली कॉलेज में आयोजित होने वाले रोजगार मेला बेदम साबित हो रहे हैं। हजारों की संख्या में युवा रोजगार मेले में आ रहे हैं, लेकिन नौकरी चुनिंदा को ही मिल पा रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि मेले में आने वाली कंपनियां अपेक्षा से कम वेतन वाली नौकरियां देती हैं और योग्य उम्मीदवारों का चयन नहीं करतीं। कई छात्रों ने यह भी शिकायत की कि इंटरव्यू की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, इसके बाद भी नौकरी की गारंटी नहीं होती।
बरेली कॉलेज के प्लेसमेंट सेल के मुताबिक वर्ष 2024 में लगे रोजगार मेले में 10,000 आवेदक आए थे। इसमें से 1930 को ही नौकरी मिल सकी। वर्ष 2025 में दो मेले लगे। इनमें 6,170 अभ्यर्थियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया मगर, 2269 को ही नौकरी मिल पाई। इस तरह दो साल में आवेदन करने वाले 14,694 में से 4,199 को ही नौकरी मिल पाई।
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कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वे छात्रों को बेहतर सुविधाएं के लिए अच्छी कंपनियां लाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, अभ्यर्थियों का दावा इससे उलट है। काॅलेज के पूर्व छात्र रहे प्रदीप मौर्य ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में रोजगार मेले में आवेदन किया था। 15 हजार के वेतन पर कंपनी रुद्रपुर भेज रही थी। इतने कम वेतन पर वहां रहकर काम करना संभव ही नहीं था। ऐसे में उन्होंने इन्कार कर दिया।
छात्र आकाश ने बताया कि उन्होंने स्नातक के बाद नौकरी का प्रयास कॉलेज से किया था लेकिन नौकरी नहीं मिली। अब वह परास्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। उम्मीद है कि इसके बाद शायद नौकरी मिल जाए। संवाद
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मुझे तीन साल पहले ही प्लेंसमेंट विभाग का चार्ज मिला है। कॉलेज में अच्छी कंपनियां लाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कंपनियां योग्यता के अनुसार की चयन करती है। - डॉ. राजीव यादव, प्रभारी प्लेसमेट सेल
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अभ्यर्थियों का कहना है कि मेले में आने वाली कंपनियां अपेक्षा से कम वेतन वाली नौकरियां देती हैं और योग्य उम्मीदवारों का चयन नहीं करतीं। कई छात्रों ने यह भी शिकायत की कि इंटरव्यू की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, इसके बाद भी नौकरी की गारंटी नहीं होती।
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बरेली कॉलेज के प्लेसमेंट सेल के मुताबिक वर्ष 2024 में लगे रोजगार मेले में 10,000 आवेदक आए थे। इसमें से 1930 को ही नौकरी मिल सकी। वर्ष 2025 में दो मेले लगे। इनमें 6,170 अभ्यर्थियों ने नौकरी के लिए आवेदन किया मगर, 2269 को ही नौकरी मिल पाई। इस तरह दो साल में आवेदन करने वाले 14,694 में से 4,199 को ही नौकरी मिल पाई।
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कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वे छात्रों को बेहतर सुविधाएं के लिए अच्छी कंपनियां लाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, अभ्यर्थियों का दावा इससे उलट है। काॅलेज के पूर्व छात्र रहे प्रदीप मौर्य ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में रोजगार मेले में आवेदन किया था। 15 हजार के वेतन पर कंपनी रुद्रपुर भेज रही थी। इतने कम वेतन पर वहां रहकर काम करना संभव ही नहीं था। ऐसे में उन्होंने इन्कार कर दिया।
छात्र आकाश ने बताया कि उन्होंने स्नातक के बाद नौकरी का प्रयास कॉलेज से किया था लेकिन नौकरी नहीं मिली। अब वह परास्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। उम्मीद है कि इसके बाद शायद नौकरी मिल जाए। संवाद
मुझे तीन साल पहले ही प्लेंसमेंट विभाग का चार्ज मिला है। कॉलेज में अच्छी कंपनियां लाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कंपनियां योग्यता के अनुसार की चयन करती है। - डॉ. राजीव यादव, प्रभारी प्लेसमेट सेल