{"_id":"593d99a44f1c1bd46f9beb1d","slug":"selection-of-the-target-winner-in-iit","type":"story","status":"publish","title_hn":"लक्ष्य के विनर का आईआईटी में चयन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लक्ष्य के विनर का आईआईटी में चयन
बरेली।
Updated Mon, 12 Jun 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
Selection of the target winner in IIT
- फोटो : Selection of the target winner in IIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर थोड़ा सा सहारा मिले तो मेधावी कठिन से कठिन चुनौती को पार कर सकते हैं। अमर उजाला ने स्कालरशिप प्रदान करके एक मेधावी को आगे बढ़ने में सहारा दिया तो उसने वो हासिल करके दिखाया जिसका सपना अधिकतर मेधावियों का होता है। यह मेधावी है मढ़ीनाथ के रहने वाला विभत्सू यादव जिसने देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित जेईई एडवांस की परीक्षा में सफलता हासिल की है। उसकी सामान्य रैंक 10122 है और ओबीसी कैटेगरी रैंक 1831 है। विभत्सू का सपना आईएएस बनने का है। आईआईटी का रिजल्ट आने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल हैै। परिवार ने अमर उजाला शुक्रिया अदा किया है।
विभत्सू अमर उजाला स्कालरशिप लक्ष्य 2016 के विनर थे। स्कालरशिप के रूप में उसको 25 हजार रुपये मिले थे। इस पैसे से उसने अपने लिए एक्टीवा खरीदी जिससे वह अपनी कोचिंग जा सके। पिता चरन सिंह यादव ओबीसी में क्लर्क हैं। आर्थिक मजबूरियों के चलते वह बेटे को स्कूटी नहीं दिला पाए। डीडपुरम स्थित मेडिट कोचिंग में वह पढ़ने आता था। उसको यहां आने में दिक्कत होती थी। अमर उजाला की स्कालरशिप से उसने एक्टीवा खरीदी। आने जाने में जो परेशानी होती थी वो खत्म हो गई। मन लगाकर तैयारी की और आईआईटी में जाने का सपना पूरा किया। अब इस एक्टीवा से उसकी बहन वसुंधरा भी स्कूल चली जाती है। मां बबीता यादव से लेकर पूरा परिवार खुश है। सभी ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
विभत्सू अमर उजाला स्कालरशिप लक्ष्य 2016 के विनर थे। स्कालरशिप के रूप में उसको 25 हजार रुपये मिले थे। इस पैसे से उसने अपने लिए एक्टीवा खरीदी जिससे वह अपनी कोचिंग जा सके। पिता चरन सिंह यादव ओबीसी में क्लर्क हैं। आर्थिक मजबूरियों के चलते वह बेटे को स्कूटी नहीं दिला पाए। डीडपुरम स्थित मेडिट कोचिंग में वह पढ़ने आता था। उसको यहां आने में दिक्कत होती थी। अमर उजाला की स्कालरशिप से उसने एक्टीवा खरीदी। आने जाने में जो परेशानी होती थी वो खत्म हो गई। मन लगाकर तैयारी की और आईआईटी में जाने का सपना पूरा किया। अब इस एक्टीवा से उसकी बहन वसुंधरा भी स्कूल चली जाती है। मां बबीता यादव से लेकर पूरा परिवार खुश है। सभी ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया।
विज्ञापन