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50 गार्डों के भरोसे 2373 बंदियों की सुरक्षा
बरेली।
Updated Wed, 31 May 2017 01:24 AM IST
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Security of 2373 prisoners of 50 guards relied on
- फोटो : Security of 2373 prisoners of 50 guards relied on
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मुख्यालय से 18 किमी दूर नई जिला जेल में निरुद्ध 2373 बंदियों की सुरक्षा महज 50 गार्डों के भरोसे है। इतना ही नहीं, पुराने परिसर की सुरक्षा के लिए भी जिला जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है। जेल अधीक्षक ने आईजी जेल को पत्र लिखकर व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए कहा है।
जेल अधीक्षक दधि राम मौर्य ने आईजी जेल को पत्र लिखकर कहा है कि कचहरी के पास जिला जेल के भवन को भुता के सैदपुर कुर्मियान गांव में शिफ्ट होने के बाद बंदियों की सुरक्षा कारागार प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो गई है। यह परिसर मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर है। जेल प्रशासन मान रहा है कि नए कारागार के आसपास बसाहट नहीं होने से सुरक्षा इंतजाम करना मुश्किल है। यही वजह है कि जेल अधीक्षक ने पीएसी के कैंप लगाने की मांग रखी थी। हालांकि अब तक प्रशासन की तरफ से पीएसी कैंप नहीं लगवाया गया है। पत्र के मुताबिक पुराने कारागार में कुल तैनाती से भी आधी सुरक्षाकर्मियों के साथ कारागार प्रशासन बंदियों की सुरक्षा कर रहा है। वर्तमान में सिर्फ 50 जेल गार्ड कारागार में तैनात हैं।
पुरानी जेल की संपत्ति बचाना ही मुश्किल
अधीक्षक के मुताबिक पुरानी जिला जेल के परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जेल प्रशासन को संभालनी पड़ रही है। पुरानी जेल की चार दीवारी कई जगह से टूटी होने से अवांछनीय तत्व जेल परिसर में घुस जाते हैं। ऐसे हालात में कारागार की संपत्ति, कृषि फार्म के कीमती वृक्ष, आवास, पंखे, वायर, लाइट की सुरक्षा नहीं हो पा रही है। कारागार प्रशासन दो से तीन स्टाफ को पुराने परिसर में तैनात कर रहा है। इन हालात में जेल अधीक्षक ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने के लिए कहा है।
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जेल अधीक्षक दधि राम मौर्य ने आईजी जेल को पत्र लिखकर कहा है कि कचहरी के पास जिला जेल के भवन को भुता के सैदपुर कुर्मियान गांव में शिफ्ट होने के बाद बंदियों की सुरक्षा कारागार प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो गई है। यह परिसर मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर है। जेल प्रशासन मान रहा है कि नए कारागार के आसपास बसाहट नहीं होने से सुरक्षा इंतजाम करना मुश्किल है। यही वजह है कि जेल अधीक्षक ने पीएसी के कैंप लगाने की मांग रखी थी। हालांकि अब तक प्रशासन की तरफ से पीएसी कैंप नहीं लगवाया गया है। पत्र के मुताबिक पुराने कारागार में कुल तैनाती से भी आधी सुरक्षाकर्मियों के साथ कारागार प्रशासन बंदियों की सुरक्षा कर रहा है। वर्तमान में सिर्फ 50 जेल गार्ड कारागार में तैनात हैं।
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पुरानी जेल की संपत्ति बचाना ही मुश्किल
अधीक्षक के मुताबिक पुरानी जिला जेल के परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जेल प्रशासन को संभालनी पड़ रही है। पुरानी जेल की चार दीवारी कई जगह से टूटी होने से अवांछनीय तत्व जेल परिसर में घुस जाते हैं। ऐसे हालात में कारागार की संपत्ति, कृषि फार्म के कीमती वृक्ष, आवास, पंखे, वायर, लाइट की सुरक्षा नहीं हो पा रही है। कारागार प्रशासन दो से तीन स्टाफ को पुराने परिसर में तैनात कर रहा है। इन हालात में जेल अधीक्षक ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने के लिए कहा है।
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