Bareilly News: घर में सो रहे सिक्योरिटी गार्ड की हत्या, चकरोड पर फेंका शव, हालत देख सन्न रह गए लोग
बरेली में गांव करतोली निवासी व्यक्ति का लहूलुहान शव सोमवार सुबह चकरोड पर पड़ा मिला। उनके शरीर पर कई गहरे घाव थे। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस जांच कर रही है।
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बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के गांव करतौली में सिक्योरिटी गार्ड धनपाल (45) का शव सोमवार सुबह घर से 50 मीटर दूर चकरोड पर मिला। उनके कंधे से सीने तक गहरे घाव थे। पुलिस ने सांड़ के हमले में मौत की आशंका जताई, वहीं परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी परिजनों के दावे को पुष्ट कर रही है। एसएसपी ने मामले के खुलासे के लिए चार टीमों को लगाया है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा को दिनेश ने बताया कि उनके बड़े भाई धनपाल बरेली की एक ऑयल कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड थे। एक महीने पहले तबीयत खराब होने पर घर आए थे। रविवार रात छत पर सोने चले गए थे। सोमवार सुबह सात बजे जब दिनेश बाहर निकले तो धनपाल का लहूलुहान शव चक रोड पर पड़ा था। उनके सीने पर गहरा जख्म था। नाजुक अंगों और पीठ पर भी चोट के निशान थे। आशंका जताई कि कुछ लोग उन्हें घर की छत से उठा ले गए और वहां ले जाकर हत्या कर दी।
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फतेहगंज पूर्वी थाना प्रभारी ने एसपी को बताया कि गांव में सांड़ का आतंक है। उसी ने रात में बाहर निकलने पर धनपाल पर हमला कर दिया होगा। परिजनों ने रात तक तहरीर तो नहीं दी, लेकिन हत्या का शक जरूर जताया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोटों से मौत की पुष्टि हुई है। शरीर पर अनगिनत चोटें थीं। लग रहा था कि जैसे पत्थर या नुकीली चीज से कंधे व अन्य जगह वार किए हों।
24 साल पहले हुआ था अपहरण
दिनेश ने बताया कि वर्ष 2001 में डकैत गिरोह सक्रिय थे। तब धनपाल का अपहरण कर लिया गया था, लेकिन बाद में वह छूट गए थे। धनपाल पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। धनपाल की पत्नी ममता और तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। दिनेश ने बताया कि उन्हें रतौंधी की भी बीमारी थी।
जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
परिजनों ने बताया कि वर्ष 2022 में धनपाल व उनके भाइयों ने अपनी 51 बीघा जमीन को बदायूं जिले के मूसाझाग निवासी कुछ लोगों को बेचा था। संबंधित लोगों ने बयाने में 4.50 लाख रुपये दिए थे, लेकिन तय समय पर जमीन नहीं ली। इसके बाद खरीदार बयाना वापस मांग रहे थे।
धनपाल व उनके भाइयों ने इसे नियम विरुद्ध बताकर वापस नहीं किया था। इसके लिए वह लोग लगातार दबाव डाल रहे थे। उन्होंने दो दिन पहले पुलिस को तहरीर भी दी थी। बताया कि एक वर्ष पहले धनपाल के पिता ने वह जमीन फतेहगंज पूर्वी के एक व्यक्ति को बेच दी थी। उसकी रकम से उन लोगों ने शाहजहांपुर के बंडा में जमीन खरीद ली। उन्हें लगता है कि उसी रंजिश में उन लोगों ने धनपाल
की हत्या कर दी।
छुट्टा पशु के हमले में दो लोगों की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों का कहना है कि एक सांड़ गांव के आसपास घूमता है। दो वर्ष पहले उसने गांव की सुमित्रा देवी पर हमला कर उनकी जान ले ली थी। वर्ष 2024 में गांव निवासी मोहर सिंह को भी उसी सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया था, उनकी भी मौत हो गई थी। फॉरेंसिक टीम ने सोमवार को घटनास्थल पर जो जांच की, उसमें भी सांड़ के हमले जैसी स्थिति से इन्कार नहीं किया।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। जांच के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। चार टीमें गठित की गई हैं। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।