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मेडिकल स्टोरों पर क्लोरोक्वीन की गोलियां खोजते रहे लोग
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बरेली। महामारी बन चुके कोरोना संक्रमण को मलेरिया के इलाज में प्रयोग होने वाले क्लोरोक्वीन गोली से मात देने की पुष्टि की जानकारी पर शनिवार को लोग मेडिकल स्टोरों की ओर दौड़ पड़े। हालात ये रहे कि शाम तक दुकानों से क्लोरोक्वीन की टैबलेट खत्म हो गईं। स्टॉक सीमित होने की वजह अब मेडिकल स्टोर संचालकों ने और गोलियां मंगाने के लिए ऑर्डर दे दिया है। दूसरी ओर, ईएसआईसी अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनिल जैन के दावे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी क्लोरोक्वीन को मंजूरी दे दी है। शहर के वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी क्लोरोक्वीन के प्रयोग पर सहमति जताई है।
शनिवार को कोरोना वायरस को खत्म क रने की क्षमता से लैस क्लोरोक्वीन दवा खरीदने के लिए मेडिकल स्टोरों पर काफी तादाद में लोग पहुंचे। उन्होंने उम्र और वजन के हिसाब से गणना करते हुए परिवार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए टैबलेट खरीदीं। मलेरिया पीड़ित न होने के बावजूद क्लोरोक्वीन की दवा खरीदने पर केमिस्टों ने एतराज जताया। इस पर लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति समेत बरेली के ईएसआईसी अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जैन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का हवाला दिया। लोगों का कहना था कि अगर वह संक्रमित होंगे तब विशेषज्ञों की ओर से बताए गए डोज के अनुसार ही इसका सेवन करेंगे।
गुजरात के पीडियाट्रिक्स ने भी दी मंजूरी
क्लोरोक्वीन दवा से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर कोरोना के वायरस से लड़ने की क्षमता विकसित करने के दावे को अब गुजरात एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने भी मंजूरी दी है। डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी के मुताबिक, हाइड्रोजाइक्लोरोक्वीन की चार सौ मिलीग्राम डोज सप्ताह में एक बार लेने से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। बताया कि यह फ्लू से पीड़ित होने पर भी कारगर हो सकती है। हालांकि इसके लिए आयु और वजन के हिसाब से डोज लेना बेहद जरूरी है। दहशत में आकर बताए गए डोज से ज्यादा सेवन किया जाना घातक हो सकता है।
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किसे कि तनी मात्रा में लेनी चाहिए दवा
डॉक्टरों के मुताबिक, एक किलो के बच्चे को हफ्ते में एक बार आधा मिलीग्राम, दो किलो के बच्चे को एक मिलीग्राम, तीन किलो के 1.5 मिली ग्राम, चार किलो को दो मिलीग्राम, पांच किलो को 2.5 किलोग्राम, दस किलो को पांच मिलीग्राम, 15 किलो को 7.5 मिलीग्राम, 20 किलो को दस मिलीग्राम, 25 किलो को 12.5 मिलीग्राम, 30 किलो को 15 मिलीग्राम, 35 किलो को 17.5 मिलीग्राम, 40 किलो को 20 मिलीग्राम, 40 किलो से ज्यादा को 250 और 50 किलो से अधिक होने पर पांच सौ मिलीग्राम क्लोरोक्वीन टैबलेट सप्ताह में एकबार लेनी चाहिए।
- मलेरिया के इलाज में प्रभावी क्लोरोक्वीन टैबलेट कोरोना संक्रमण को कम करने में कारगर होने की जानकारी पर कई लोगों ने इसे खरीदा। मेडिकल स्टोरों पर स्टॉक कम हो गया है। अब और स्टॉक मंगाया जाएगा। - दुुर्गेश खटवानी, अध्यक्ष, महानगर केमिस्ट एसोसिएशन
- क्लोरोक्वीन को अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है, यह कारगर भी हो रही है। हालांकि, अभी तक डब्ल्यूएचओ या भारत सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी है। फिर भी इसके सफल प्रयोग को नकारा नहीं जा सकता है। - डॉ. एके चौहान, वरिष्ठ चिकित्सक
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शनिवार को कोरोना वायरस को खत्म क रने की क्षमता से लैस क्लोरोक्वीन दवा खरीदने के लिए मेडिकल स्टोरों पर काफी तादाद में लोग पहुंचे। उन्होंने उम्र और वजन के हिसाब से गणना करते हुए परिवार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए टैबलेट खरीदीं। मलेरिया पीड़ित न होने के बावजूद क्लोरोक्वीन की दवा खरीदने पर केमिस्टों ने एतराज जताया। इस पर लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति समेत बरेली के ईएसआईसी अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जैन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का हवाला दिया। लोगों का कहना था कि अगर वह संक्रमित होंगे तब विशेषज्ञों की ओर से बताए गए डोज के अनुसार ही इसका सेवन करेंगे।
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गुजरात के पीडियाट्रिक्स ने भी दी मंजूरी
क्लोरोक्वीन दवा से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर कोरोना के वायरस से लड़ने की क्षमता विकसित करने के दावे को अब गुजरात एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने भी मंजूरी दी है। डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी के मुताबिक, हाइड्रोजाइक्लोरोक्वीन की चार सौ मिलीग्राम डोज सप्ताह में एक बार लेने से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है। बताया कि यह फ्लू से पीड़ित होने पर भी कारगर हो सकती है। हालांकि इसके लिए आयु और वजन के हिसाब से डोज लेना बेहद जरूरी है। दहशत में आकर बताए गए डोज से ज्यादा सेवन किया जाना घातक हो सकता है।
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डॉक्टरों के मुताबिक, एक किलो के बच्चे को हफ्ते में एक बार आधा मिलीग्राम, दो किलो के बच्चे को एक मिलीग्राम, तीन किलो के 1.5 मिली ग्राम, चार किलो को दो मिलीग्राम, पांच किलो को 2.5 किलोग्राम, दस किलो को पांच मिलीग्राम, 15 किलो को 7.5 मिलीग्राम, 20 किलो को दस मिलीग्राम, 25 किलो को 12.5 मिलीग्राम, 30 किलो को 15 मिलीग्राम, 35 किलो को 17.5 मिलीग्राम, 40 किलो को 20 मिलीग्राम, 40 किलो से ज्यादा को 250 और 50 किलो से अधिक होने पर पांच सौ मिलीग्राम क्लोरोक्वीन टैबलेट सप्ताह में एकबार लेनी चाहिए।
- मलेरिया के इलाज में प्रभावी क्लोरोक्वीन टैबलेट कोरोना संक्रमण को कम करने में कारगर होने की जानकारी पर कई लोगों ने इसे खरीदा। मेडिकल स्टोरों पर स्टॉक कम हो गया है। अब और स्टॉक मंगाया जाएगा। - दुुर्गेश खटवानी, अध्यक्ष, महानगर केमिस्ट एसोसिएशन
- क्लोरोक्वीन को अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है, यह कारगर भी हो रही है। हालांकि, अभी तक डब्ल्यूएचओ या भारत सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी है। फिर भी इसके सफल प्रयोग को नकारा नहीं जा सकता है। - डॉ. एके चौहान, वरिष्ठ चिकित्सक