{"_id":"5a7212814f1c1b86268b78a8","slug":"scholarship-of-university-student-hanged-due-to-data-mismatch","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवि कैंपस के कई हजार छात्रों की छात्रवृत्ति अधर में लटकी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवि कैंपस के कई हजार छात्रों की छात्रवृत्ति अधर में लटकी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 01 Feb 2018 12:31 AM IST
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कई हजार छात्रों की छात्रवृत्ति रिजल्ट का डाटा मिस मेच होने के कारण अधर में लटक गई है। छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर सभी का रिजल्ट डाटा मिस मैच हो गया है। ज्यादातर छात्रों ने रिजल्ट सही से नहीं भरा था जिस कारण यह दिक्कत हुई। अब विश्वविद्यालय दोबारा रिजल्ट सही कराकर अपलोड कराएगा। छात्र हार्ड कापी समाज कल्याण विभाग में जमा कराएंगे।
विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, एमबीए, एमए, एमएससी, बीएड, एमएड जैसे कोर्स का रिजल्ट सेमेस्टर के हिसाब से तैयार होता है। ज्यादातर का रिजल्ट ग्रेड प्वाइंट में होता है।
एमबीए की बात करें तो सेमेस्टर में एसजीपीए और फाइनल का परिणाम सीजीपीए में आता है। इंजीनियरिंग में भी सेमेस्टर और फाइनल का परिणाम अलग-अलग जारी होता है। विश्वविद्यालय ने ईवन सेमेस्टर यानी साल का आखिरी सेमेस्टर का परिणाम छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर अपलोड किया। छात्रों ने फार्म भरते वक्त गड़बड़ी कर दी। हालांकि इसमें वेबसाइट की भी दिक्कत रही। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से जैसे किसी छात्र का 7.9 ग्रेड अपलोड किया, जब छात्र ने रिजल्ट अपलोड किया तो वेबसाइट पर प्वाइंट नहीं लिया।
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छात्र ने सौ नंबर मानकर फीसदी के हिसाब से अंक भर दिए। कुछ ने फाइनल सेमेस्टर की जगह प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट भर दिया। वेबसाइट पर जब सत्यापन हुआ तो हजारों छात्रों का रिजल्ट मिस मेच हो गया। सभी की छात्रवृत्ति अधर में लटक गई। विश्वविद्यालय के छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी डॉ. पीबी सिंह का कहना है कि लखनऊ में बात की तो गड़बड़ी की असली वजह सामने आई। छात्र फीसदी में अंक बनाकर दोबारा अपलोड करें। हार्ड कापी निकाल कर समाज कल्याण विभाग में जमा कराना होगा।
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विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, एमबीए, एमए, एमएससी, बीएड, एमएड जैसे कोर्स का रिजल्ट सेमेस्टर के हिसाब से तैयार होता है। ज्यादातर का रिजल्ट ग्रेड प्वाइंट में होता है।
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एमबीए की बात करें तो सेमेस्टर में एसजीपीए और फाइनल का परिणाम सीजीपीए में आता है। इंजीनियरिंग में भी सेमेस्टर और फाइनल का परिणाम अलग-अलग जारी होता है। विश्वविद्यालय ने ईवन सेमेस्टर यानी साल का आखिरी सेमेस्टर का परिणाम छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर अपलोड किया। छात्रों ने फार्म भरते वक्त गड़बड़ी कर दी। हालांकि इसमें वेबसाइट की भी दिक्कत रही। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से जैसे किसी छात्र का 7.9 ग्रेड अपलोड किया, जब छात्र ने रिजल्ट अपलोड किया तो वेबसाइट पर प्वाइंट नहीं लिया।
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छात्र ने सौ नंबर मानकर फीसदी के हिसाब से अंक भर दिए। कुछ ने फाइनल सेमेस्टर की जगह प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट भर दिया। वेबसाइट पर जब सत्यापन हुआ तो हजारों छात्रों का रिजल्ट मिस मेच हो गया। सभी की छात्रवृत्ति अधर में लटक गई। विश्वविद्यालय के छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी डॉ. पीबी सिंह का कहना है कि लखनऊ में बात की तो गड़बड़ी की असली वजह सामने आई। छात्र फीसदी में अंक बनाकर दोबारा अपलोड करें। हार्ड कापी निकाल कर समाज कल्याण विभाग में जमा कराना होगा।