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अतिरिक्त भुगतान कराने में फंसे मीरगंज एआरओ
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बरेली। एसडीएम के बजाय खुद साइन करके कोटेदारों को अधिक भुगतान कराने के मामले में फंसे सप्लाई विभाग के मीरगंज एआरओ (क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी) धर्मेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।
यह मामला कई महीने पुराना है। कुछ कोटेदारों ने मीरगंज विधायक डॉॅ. डीसी वर्मा से एआरओ की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि एआरओ धर्मेंद्र सिंह ने कुछ कोटेदारों के लिए अतिरिक्त भुगतान कराकर उन्हें फायदा पहुंचा रहे हैं। विधायक ने इसकी शिकायत डीएम से की तो इसकी जांच एसडीएम मीरगंज को सौंप दी गई। एसडीएम की जांच में सामने आया कि खाद्यान्न ट्रांसपोर्ट के जो बिल उन्हें पास करने थे, वे एआरओ ने उनकी जानकारी के बिना खुद ही पास कराकर 80 कोटेदारों को अतिरिक्त भुगतान करा दिया गया। एसडीएम की जांच में एआरओ धर्मेंद्र सिंह दोषी पाए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि इन कोटेदारों को करीब पांच लाख का अतिरिक्त भुगतान हुआ है। लिहाजा इस रकम की रिकवरी के भी आदेश दे दिए गए हैं। इसी आधार पर डीएम ने एआरओ धर्मेंद्र सिंह पर कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग, लखनऊ को पत्र लिखा है। वहीं, एआरओ धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि बिलों का सत्यापन सप्लाई कार्यालय से होने के बाद ही भुगतान होता है। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि मीरगंज क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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यह मामला कई महीने पुराना है। कुछ कोटेदारों ने मीरगंज विधायक डॉॅ. डीसी वर्मा से एआरओ की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि एआरओ धर्मेंद्र सिंह ने कुछ कोटेदारों के लिए अतिरिक्त भुगतान कराकर उन्हें फायदा पहुंचा रहे हैं। विधायक ने इसकी शिकायत डीएम से की तो इसकी जांच एसडीएम मीरगंज को सौंप दी गई। एसडीएम की जांच में सामने आया कि खाद्यान्न ट्रांसपोर्ट के जो बिल उन्हें पास करने थे, वे एआरओ ने उनकी जानकारी के बिना खुद ही पास कराकर 80 कोटेदारों को अतिरिक्त भुगतान करा दिया गया। एसडीएम की जांच में एआरओ धर्मेंद्र सिंह दोषी पाए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि इन कोटेदारों को करीब पांच लाख का अतिरिक्त भुगतान हुआ है। लिहाजा इस रकम की रिकवरी के भी आदेश दे दिए गए हैं। इसी आधार पर डीएम ने एआरओ धर्मेंद्र सिंह पर कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग, लखनऊ को पत्र लिखा है। वहीं, एआरओ धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि बिलों का सत्यापन सप्लाई कार्यालय से होने के बाद ही भुगतान होता है। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि मीरगंज क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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